अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच एयरलाइन्स को मिली राहत, DGCA की नई गाइडलाइन जारी!


नई दिल्ली। ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के कई देशों का एयरस्पेस बंद होने के चलते लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इस स्थिति में नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पायलटों के ड्यूटी समय (FDTL) नियमों में अस्थायी राहत देने का फैसला किया है।

नागर विमानन मंत्रालय के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आओ ने बताया कि लंबी उड़ानों के कारण एयरलाइंस को नियमों का पालन करने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए दो पायलट वाली लंबी उड़ानों के लिए फ्लाइट टाइम (FT) को 1 घंटे 30 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 30 मिनट और फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (FDP) को 1 घंटे 45 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 45 मिनट कर दिया गया है।

DGCA ने कहा कि इससे पायलटों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी आराम का ध्यान रखा जाएगा और नियमों का उल्लंघन नहीं होगा। पिछले साल लागू किए गए नियमों के तहत पायलटों को 48 घंटे लगातार आराम देना अनिवार्य है, जो पहले 36 घंटे था।

साथ ही, रेगुलेटर ने एयरलाइंस पर निगरानी बढ़ा दी है। इसमें पायलट रोस्टर, क्रू की उपलब्धता, बैकअप व्यवस्था और सिस्टम की मजबूती पर खास ध्यान दिया जाएगा। DGCA अधिकारी हर दो महीने में एयरलाइंस का निरीक्षण करेंगे और साप्ताहिक तथा पखवाड़े के आधार पर निगरानी जारी रहेगी।

DGCA का कहना है कि यह राहत अस्थायी है और केवल मिडिल ईस्ट के संघर्ष वाले एयरस्पेस को बायपास करने वाली लंबी उड़ानों पर लागू होगी।