मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने मानवता को जो मार्ग दिखाया वह केवल एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है बल्कि संपूर्ण समाज और विश्व के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचार हमें यह सिखाते हैं कि सत्य के मार्ग पर चलते हुए हमें हर परिस्थिति में धैर्य और करुणा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है तब गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सेवा और समर्पण के माध्यम से ही सच्ची मानवता की स्थापना की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे गुरु जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करें।
डॉ यादव ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन त्याग और बलिदान की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया और हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचारों ने न केवल सिख समाज बल्कि पूरे मानव समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें गुरु अर्जन देव जी के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा भाव और परोपकार की भावना ही समाज को मजबूत बनाती है और यही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होती है।
इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके उपदेशों को याद कर रहे हैं। गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर सेवा और भक्ति का संदेश आत्मसात कर रहे हैं। इस प्रकार गुरु अर्जन देव जी का प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि मानवता सेवा और भाईचारे के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है, जो समाज को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है।
