एमपी में बढ़ने लगी गर्मी, तापमान 4 डिग्री तक उछला, रतलाम में पारा 40 पार


भोपाल। मध्य प्रदेश में अब गर्मी ने पूरी तरह असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगी है जबकि दोपहर में तपिश और ज्यादा बढ़ रही है। इसी कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है वहीं कुछ शहरों में यह बढ़त 5 से 6 डिग्री तक पहुंच गई है।

मौसम विभाग के अनुसार इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। शनिवार को इन क्षेत्रों में तेज गर्मी रही और रविवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने के संकेत हैं। शनिवार को उज्जैन रतलाम और नर्मदापुरम सहित 18 शहरों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। रतलाम में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा नर्मदापुरम में 39.4 डिग्री धार में 39.2 खरगोन में 39 गुना में 38 शाजापुर में 37.7 रायसेन और सागर में 37.6 छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला दतिया और श्योपुर में 37.4 खजुराहो में 37.2 और दमोह टीकमगढ़ व बैतूल में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा जहां तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 37.6 भोपाल में 36.8 जबलपुर में 36.6 और ग्वालियर में 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल को एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा लेकिन इसके कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं कोई चेहरे को ढककर बाहर निकल रहा है तो कोई ठंडे पेय गन्ने का रस और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है।

गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर में तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

गौरतलब है कि इस साल अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज अलग रहा। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश में कई जगह आंधी बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 15 से अधिक जिलों में ओले गिरे जबकि करीब 45 जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई मुख्य महीने हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है।