सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री का TMC पर विकास और खर्च को लेकर हमला..


नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के Siliguri में आयोजित एक विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने कई मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए और आगामी चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा से जुड़े मदरसों के विकास पर लगभग 6000 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आम जनता के बुनियादी विकास कार्यों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया जितना दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब पिछले वर्षों के कामकाज का पूरा हिसाब मांग रही है और बदलाव की ओर देख रही है।

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने आने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में परिवर्तन की लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ इस बात का संकेत है कि जनता मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट है और एक नए राजनीतिक विकल्प की ओर उम्मीद से देख रही है।

प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नागरिकता और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और इसे राज्य के लिए गंभीर चुनौती बताया। साथ ही उन्होंने लोगों से इस विषय पर जागरूक रहने की अपील की।

उन्होंने चाय बागान श्रमिकों की स्थिति का भी उल्लेख किया और कहा कि श्रमिकों के कल्याण के लिए बेहतर नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों में श्रमिकों के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं और भविष्य में इसी तरह के कदम यहां भी उठाए जाने चाहिए।

इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने उत्तर बंगाल के कई क्षेत्रों में जनसभाएं और रोड शो किए थे, जहां उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से अपील की थी। उत्तर बंगाल को चुनावी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, जहां सामाजिक और क्षेत्रीय विविधता चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि विभिन्न राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। आने वाले समय में यहां राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।