नकली घी का जाल उजागर खंडवा में बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई, अनवर कुरैशी हिरासत में

इंदौर । मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है जहां प्रशासन ने नकली घी बनाने वाले एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इमलीपुरा क्षेत्र के बेगम पार्क के पास की गई इस छापामार कार्रवाई में भारी मात्रा में चर्बी युक्त घी और पशुओं के अवशेष बरामद किए गए हैं जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

लंबे समय से इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद जिला प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। जैसे ही जानकारी की पुष्टि हुई सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इस टीम में तहसीलदार महेश सोलंकी नगर निगम उपायुक्त सचिन सिटोले और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

छापे के दौरान टीम को वहां मौजूद हालात देखकर चौंकाने वाले दृश्य मिले। परिसर में बड़ी मात्रा में बोरियों में भरी जानवरों की खाल और हड्डियां पाई गईं वहीं ड्रमों और कनस्तरों में चर्बी युक्त घी भरा हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस सामग्री का उपयोग नकली घी बनाने में किया जा रहा था जिसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।

कार्रवाई के दौरान मौके से संचालक अनवर कुरैशी को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई। उसने दावा किया कि उसके पास वर्ष 2023 का अपशिष्ट सामग्री रखने का ट्रेड लाइसेंस है लेकिन प्रशासन अब इस दावे की वैधता की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल लाइसेंस होने का मतलब यह नहीं है कि अवैध गतिविधियों की अनुमति मिल जाती है।

टीम ने मौके से कुल 9 ड्रम और 69 कनस्तरों में भरा चर्बी युक्त पदार्थ जब्त किया है। इसके साथ ही सभी सैंपल पशु चिकित्सा विभाग द्वारा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें क्या मिलावट की जा रही थी और इसका उपयोग किस स्तर पर हो रहा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार की शिकायतें कई बार प्रशासन से की गई थीं लेकिन अब जाकर इस पर ठोस कार्रवाई हुई है। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी थी कि इतने लंबे समय तक यह गतिविधि कैसे चलती रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि इसमें कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नकली और मिलावटी घी का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।