बेतवा नदी में अफरा-तफरी: होमगार्ड जवान ने कूदकर बचाई जान

विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिचरी अमावस्या के मौके पर बेतवा नदी घाट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्नान के दौरान पानी के तेज बहाव और फिसलन के कारण दो लोग गहरे पानी में डूबने लगे। घटना के बाद घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

पार्षद भी बचाने उतरे, लेकिन खुद फंस ग
जानकारी के अनुसार, शमशाबाद कृषि उपज मंडी में कार्यरत सचिन धाकड़ नदी में स्नान कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। उन्हें तैरना नहीं आता था, जिससे वे घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे।इसी दौरान शमशाबाद नगर परिषद के पार्षद दीपक मेहर ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वे भी पानी में फंस गए और दोनों डूबने लगे।

होमगार्ड जवान बना फरिश्ता, लगाई छलांग और बचाई जान
घाट पर तैनात होमगार्ड जवान कपिल परासर ने स्थिति बिगड़ते देख बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और साहस की वहां मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की।

परिवार के लिए बड़ा सदमा टल
घटना के बाद सचिन धाकड़ ने बताया कि उनकी एक छोटी बेटी है और वे केवल किनारे पर स्नान कर रहे थे, लेकिन अचानक पैर फिसलने से यह हादसा हो गया। समय रहते बचाव होने से दोनों की जान बच गई, जिससे परिवारों ने राहत की सांस ली।

विदिशा की यह घटना एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की जरूरत को उजागर करती है। होमगार्ड जवान की बहादुरी से दो जिंदगियां बच गईं।