उत्तराखंड 99 क्विंटल राशन खराब होने के मामले में सरकार ने गठित की जांच कमेटी कोर्ट ने 18 फरवरी तक रिपोर्ट देने का दिया आदेश


नई दिल्ली । उत्तराखंड हाई कोर्ट ने ऊधम सिंह नगर में 2021 में 99 क्विंटल अनाज के खराब होने के मामले में राज्य सरकार को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने रिपोर्ट 18 फरवरी तक पेश करने का आदेश दिया है। याचिका में दोषियों से नुकसान की वसूली की मांग की गई थी। उत्तराखंड में राशन घोटाले पर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप सरकार ने जांच कमेटी गठित की उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में 2021 में सस्ता गल्ला वितरण के दौरान 99 क्विंटल से अधिक अनाज के खराब होने के मामले पर अब उच्च न्यायालय ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस मामले में राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। इस मामले में हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार से इस घोटाले की जांच के लिए समिति गठित करने को कहा था जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया। अब राज्य सरकार को इस जांच कमेटी से रिपोर्ट 18 फरवरी से पहले पेश करने का निर्देश दिया गया है।

99 क्विंटल राशन का हुआ था नुकसान

2021 में ऊधम सिंह नगर जिले में सस्ता गल्ला योजना के तहत वितरित होने वाला 99 क्विंटल से अधिक अनाज रखरखाव के अभाव में खराब हो गया था। इस मामले में जिलाधिकारी ने दोषियों से नुकसान की वसूली का आदेश दिया था। हालांकि खाद्य आयुक्त ने इस आदेश को माफ कर दिया था जिसे लेकर हरिद्वार निवासी अभिजीत ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि यह घोटाला एक गंभीर मामला है और इसका सही तरीके से जांच होनी चाहिए। याचिका में कोर्ट से यह भी मांग की गई कि दोषियों से नुकसान की वसूली की जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।

सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय जांच कमेटी

उत्तराखंड सरकार ने अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है जो इस मामले की जांच करेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से 18 फरवरी तक जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।राज्य सरकार की तरफ से यह रिपोर्ट दायर की गई कि इस जांच कमेटी में राज्य के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है जो मामले की पूरी जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करेंगे।

जनता की प्रतिक्रिया

इस मामले को लेकर आम जनता में असंतोष देखा जा रहा है। लोग यह मानते हैं कि सस्ता गल्ला योजना के तहत जो अनाज गरीबों को मिलना था वह खराब हो गया और प्रशासन ने इस मामले में बहुत ही लापरवाही दिखाई। अब जनता का यह कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और वसूली के आदेश को लागू किया जाए। उत्तराखंड सरकार को उम्मीद है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट से इस घोटाले का सच सामने आएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।