ग्रहों का उग्र खेल शुरू! शनि-मंगल के केंद्र योग से 3 राशियों पर संकट, धन और कामकाज में बढ़ सकती है परेशानी


नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि और मंगल दोनों को प्रभावशाली ग्रह माना जाता है लेकिन दोनों की प्रकृति एक दूसरे से काफी अलग बताई जाती है। मंगल जहां ऊर्जा साहस और आक्रामकता का प्रतीक माने जाते हैं वहीं शनि कर्म न्याय धैर्य और देरी से जुड़े ग्रह माने जाते हैं। अब सितंबर की शुरुआत में इन दोनों ग्रहों की ऐसी स्थिति बनने जा रही है जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार 1 सितंबर 2026 से शनि और मंगल एक दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर होंगे और इससे केंद्र योग बनने की बात कही गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस स्थिति का असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होगा लेकिन वृषभ कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रह स्थिति कार्यस्थल और पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ाने वाली हो सकती है। मेहनत करने के बावजूद परिणाम मिलने में देरी का अनुभव हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने अधिकारियों और सहकर्मियों से बातचीत करते समय संयम रखना होगा क्योंकि छोटी सी बहस भी बड़ा विवाद पैदा कर सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में भी जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए शनि मंगल का केंद्र योग मानसिक तनाव और कामकाज में रुकावट की स्थिति पैदा कर सकता है। कोई ऐसा काम जो लगभग पूरा हो चुका हो वह अंतिम समय में अटक सकता है। कारोबार करने वाले जातकों को इस अवधि में बिना पूरी जांच पड़ताल के बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। किसी नए प्रोजेक्ट या बड़े वित्तीय समझौते को लेकर जल्दबाजी नुकसानदायक साबित हो सकती है। स्वास्थ्य और खानपान को लेकर भी लापरवाही न करने की सलाह दी गई है।

मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए यह समय कारोबार और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी वाला हो सकता है। बिजनेस पार्टनर के साथ गलतफहमी या मतभेद पैदा होने की आशंका जताई गई है। संपत्ति खरीदने बेचने या किसी बड़े लेनदेन से जुड़े मामलों में दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी होगा। छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है इसलिए किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में लेने से बचना बेहतर रहेगा।

क्या करें सावधानी
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि मंगल के इस उग्र प्रभाव को शांत करने के लिए मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की आराधना तथा हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी गई है। रोज सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करना भी उपाय के तौर पर बताया गया है। इसके अलावा वाहन चलाते समय सावधानी बरतना क्रोध पर नियंत्रण रखना और कानूनी या जमीन से जुड़े विवादों से दूर रहना लाभकारी माना गया है।