माघ मेला की रंगीन तस्वीरें: मकर संक्रांति स्नान के लिए दूर-दूर से आए लोग

नई दिल्ली। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में माघ मेला अपने पूरे वैभव के साथ चल रहा है। मकर संक्रांति के पवित्र स्नान के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में संगम पहुंच रहे हैं। कल्पवास, स्नान-दान और पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़ ने मेला क्षेत्र को श्रद्धा और उत्साह से भर दिया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने आठ स्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया है। बाहरी सुरक्षा घेरों में पुलिस बल तैनात हैं, जबकि आंतरिक सुरक्षा में पीएसी, आरएएफ और एटीएस के जवान मुस्तैदी से नजर रख रहे हैं। प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं की गहन तलाशी और सत्यापन के बाद ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जा रहा है। घाटों पर घुड़सवार पुलिस बल तैनात हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से तुरंत निपटा जा सके।

साधु-संत और भंडारे

माघ मेले में देशभर से साधु-संत संगम में पहुंचे हैं। महावीर मार्ग पर संत शिविर के बाहर अन्न क्षेत्र में साधु-संतों को प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए भी भंडारे आयोजित किए गए हैं, जिससे सभी को भोजन की सुविधा मिल सके।

मौनी बाबा का त्रिशूल आकर्षण का केंद्र

संगम अपर मार्ग पर मौनी बाबा का त्रिशूल विशेष आकर्षण बना हुआ है। श्रद्धालु इसे देखने और फोटो खींचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से माघ मेले का एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।

पंडाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम

माघ मेला क्षेत्र में कई पंडाल पहले से तैयार हैं। इन पंडालों में साधु-संत और श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें देशभर के कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।

पवित्र संगम में पूजा और आरती

श्रद्धालु पवित्र संगम में मां गंगा की आरती करते हुए चुनरी चढ़ा रहे हैं। वे अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। सुबह की धूप और बदलते मौसम के बीच श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह देखने लायक है।

प्रयागराज माघ मेला इस साल भी अपने ऐतिहासिक वैभव और धार्मिक महत्व के साथ आयोजित हो रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़, पंडाल, साधु-संतों की उपस्थिति, भंडारे और सुरक्षा व्यवस्था इसे देश का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन बनाते हैं। मकर संक्रांति स्नान और संगम की पवित्रता में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं, जिससे मेला क्षेत्र में श्रद्धा और उत्सव का माहौल बना हुआ है।