बांग्लादेश में हिंदू युवक की जघन्य हत्या, BNP नेता ने कार से कुचलकर कर उतारा मौत के घाट


नई दिल्ली। बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में BNP नेता अबुल हाशेम सुजन ने पेट्रोल पंप कर्मचारी रिपन साहा को 5,000 टका का पेट्रोल बिना भुगतान करने पर अपनी जीप से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की दर्दनाक हत्या ने देश में सनसनी फैला दी है। राजबाड़ी जिले के पेट्रोल पंप पर काम करने वाले 30 वर्षीय रिपन साहा को कथित तौर पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता अबुल हाशेम सुजन ने अपनी ब्लैक लैंड क्रूजर जीप से कुचल दिया।

घटना शुक्रवार की सुबह लगभग 4:30 बजे हुई।

पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, सुजन ने अपने वाहन में करीब 5,000 टका का ऑक्टेन भरवाया, लेकिन भुगतान किए बिना भागने की कोशिश की। रिपन ने वाहन रोककर भुगतान की मांग की तो आरोपी और उनके ड्राइवर कमल हुसैन ने गुस्से में आकर अपशब्द कहे और गाड़ी तेज कर दी।

सीसीटीवी में साफ दिखा क्रूर हमला
पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि रिपन पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, वहीं सुजन की गाड़ी आती है, रिपन भुगतान मांगता है और फिर अचानक गाड़ी तेज कर दी जाती है।रिपन को गाड़ी के नीचे कुचलते हुए देखा गया। सिर और चेहरे को बुरी तरह कुचला गया। घटनास्थल से शव ढाका-खुलना हाईवे पर पड़ा मिला।

 रिपन की सिर और चेहरे को बुरी तरह कुचला गया और वह मौके पर ही मृत हो गया। शव बाद में ढाका-खुलना हाईवे पर पड़ा मिला।

BNP नेता समेत दो गिरफ्तार
पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया और अबुल हाशेम सुजन को उनके गांव बारो मुरारीपुर से गिरफ्तार किया। उनके ड्राइवर कमल हुसैन को भी हिरासत में लिया गया।

राजबाड़ी सदर पुलिस स्टेशन के ओसी खोंडकर जियाउर रहमान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया गया है।

हिंदू समुदाय में भय का माहौल
स्थानीय हिंदू समुदाय में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के पैटर्न से जुड़ी मानी जा रही है। कई रिपोर्टों में इसे सांप्रदायिक हिंसा के रूप में देखा जा रहा है, जबकि पुलिस इसे मुख्य रूप से भुगतान विवाद बता रही है।
इस घटना ने स्थानीय हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश बढ़ा दिया है। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच यह घटना एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकती है। जबकि पुलिस इसे भुगतान विवाद बता रही है, कई लोगों का मानना है कि यह हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक कड़ी है।