राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर हैं और उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां वे दूषित जल से प्रभावित मरीजों से मिले। इसके बाद वे भागीरथपुरा इलाके पहुंचे, जो शहर के उन हिस्सों में से है जहाँ दूषित पानी के कारण लोगों की सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई है। राहुल गांधी पैदल ही प्रभावित इलाके में गए और वहां के पीड़ित परिवारों से बातचीत की।

भागीरथपुरा में उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की और उसके बाद जीवनलाल के घर भी गए।

इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक देने का ऐलान किया। वहीं, प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 50 हजार रुपये का चेक देंगे। राहुल गांधी के साथ इस दौरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अजय सिंह भी मौजूद रहे।

भागीरथपुरा में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इन परिवारों में कई लोगों की मौत हुई है और कई बीमार हुए हैं। उन्होंने इस घटना को “स्मार्ट सिटी” की विफलता करार दिया और कहा कि यह नया मॉडल है जहाँ पीने का साफ पानी नहीं है। राहुल ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है और सभी परिवारों को दूषित पानी पीने के बाद बीमारी हुई है।

उन्होंने साफ कहा कि इंदौर में साफ पानी नहीं मिल रहा, और इससे लोग मर रहे हैं।

राहुल ने सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग शहरों में यही हाल है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही और जहां भी यह काम करवाया गया है, उसके लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि पीड़ितों ने जो इलाज कराया और जिनकी मौत हुई, उनके लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

रहवासियों के अनुसार, शहर में जो टंकी है, वह सिर्फ “सिंबल” बनकर रह गई है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि साफ पानी अभी भी नहीं मिल रहा है।

टंकी पर बैन लगा दिया गया है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह बैन हटाकर फिर वही पानी दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करे और साफ पानी उपलब्ध करवाए।

जब पत्रकारों ने राहुल से सवाल किया कि क्या वे राजनीति करने आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे यहां “मदद करने” आए हैं। राहुल ने कहा कि वे विपक्ष के नेता हैं और लोगों के मुद्दे उठाने और उनकी मदद करने के लिए आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उनकी मदद करें। राहुल ने कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार को साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
इस दौरे से एक बार फिर सवाल उठता है कि इंदौर में पानी की समस्या कितनी गंभीर है और सरकार इस पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करेगी।