नर्मदापुरम में गड्ढे से बिगड़ा तेज रफ्तार कार का संतुलन, सड़क से उतरकर पेड़ पर चढ़ी गाड़ी

मध्य प्रदेश: के नर्मदापुरम जिले में माखननगर क्षेत्र के आरी-सांगाखेड़ा मार्ग पर रविवार शाम एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ पर चढ़ गई। हादसा शाम करीब 7 बजे हुआ। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई और कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सड़क पर मौजूद गड्ढे की वजह से कार का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

घटना के दौरान कार सड़क से नीचे उतर गई और सीधे पेड़ पर जा चढ़ी। हादसे के बाद आसपास के लोगों का ध्यान मौके पर पहुंची गाड़ी की ओर गया। दुर्घटना में किसी के घायल नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने क्षेत्र की सड़क की स्थिति और वहां से गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय किसान एवं ग्रामीण केशव साहू के मुताबिक, दुर्घटना रविवार शाम करीब 7 बजे हुई। उस समय एक कार सड़क से उतरकर पेड़ पर चढ़ गई। उन्होंने बताया कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई और सभी लोग सुरक्षित हैं। दुर्घटना की वजह तेज रफ्तार के दौरान सड़क के गड्ढे में कार का संतुलन बिगड़ना मानी जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हादसे के कारण की आधिकारिक पुष्टि का उल्लेख नहीं है।

ग्रामीणों के अनुसार, आरी और सांगाखेड़ा कला क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सड़क पर इन दिनों भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी हुई है। इसकी एक प्रमुख वजह तवा पुल का क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद रहना बताई गई है। पुल बंद होने से भारी वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला जा रहा है। इस मार्ग पर आरी और सांगाखेड़ा कला होते हुए वाहनों का आवागमन जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार भारी वाहनों के गुजरने से सड़क की हालत खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे छोटे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को भी आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। विशेष रूप से शाम और रात के समय गड्ढों के कारण वाहन चालकों के लिए रास्ते पर संभलकर चलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

ग्रामीणों के मुताबिक, इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होने की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर गड्ढों और भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए उन्होंने मार्ग की मरम्मत कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति में सुधार होने से स्थानीय लोगों और इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों को राहत मिल सकती है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क का निर्माण या जरूरी मरम्मत कराने की मांग की है। उनका आग्रह है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त किया जाए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो। रविवार शाम हुई कार दुर्घटना में सभी सवारों का सुरक्षित रहना राहत की बात है, लेकिन सड़क पर बने गड्ढों और बढ़ते यातायात के कारण पैदा हो रही समस्याओं का समाधान स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग बना हुआ है।