गले की खराश और दर्द को कहें अलविदा! सर्दियों में अपनाएं ये असरदार घरेलू उपाय


नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में ठंडी हवा, प्रदूषण और कमजोर इम्युनिटी की वजह से गले में दर्द, खराश, खांसी और जुकाम की समस्या आम हो जाती है। कई बार सही समय पर ध्यान न देने से यह परेशानी बढ़कर इंफेक्शन का रूप भी ले सकती है। ऐसे में दवाइयों के साथ-साथ कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय बेहद कारगर साबित हो सकते हैं।

लहसुन से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
लहसुन में मौजूद एलिसिन तत्व में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह गले में सूजन और संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। रोज़ 1–2 कली लहसुन का सेवन सर्दी-जुकाम और गले की खराश से बचाव करता है।

अदरक, काली मिर्च और तुलसी वाली चाय
अगर गले में दर्द या बैठापन महसूस हो रहा है तो अदरक, काली मिर्च और तुलसी डालकर बनाई गई गर्म चाय बेहद फायदेमंद होती है।
अदरक सूजन कम करता है
काली मिर्च बलगम निकालने में मदद करती है
तुलसी इम्युनिटी को मजबूत बनाती है
यह चाय शरीर को गर्म रखती है और गले को राहत देती है।

मुलेठी: आयुर्वेदिक रामबाण
आयुर्वेद में मुलेठी को गले की बीमारियों के लिए कारगर माना गया है। मुलेठी का छोटा टुकड़ा धीरे-धीरे चूसने से इसका रस गले की खराश को शांत करता है और खांसी में आराम देता है।

शहद से मिले प्राकृतिक आराम
शहद में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

यह गले की जलन को कम करता है और खांसी को शांत करता है। गुनगुने पानी या हर्बल चाय में शहद मिलाकर पीना बेहद लाभकारी होता है।

ओटमील और पोषक आहार का सेवन
ओटमील में जिंक, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो इम्युन सिस्टम को मजबूत करते हैं। इसमें केला, शहद, दालचीनी और थोड़ा अदरक मिलाकर खाने से गले को आराम मिलता है और शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर गले का दर्द 3–4 दिन से ज्यादा बना रहे, बुखार हो, निगलने में परेशानी हो या आवाज लगातार बैठी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।