हर रविवार जुटती थी भीड़, बिना अनुमति हो रहा था आयोजन
पुलिस जांच में सामने आया है कि ओमेगा टोप्पो के घर में हर रविवार बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। इन सभाओं के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। एक रजिस्टर भी बरामद किया गया है, जिसमें सभा में शामिल होने वालों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज थे।
हिंदुवादी संगठनों के विरोध के बाद हुआ खुलासा
25 जनवरी (रविवार) को चंगाई सभा की सूचना मिलने पर हिंदुवादी संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। उस समय घर के बाहर कई वाहन खड़े थे और भीतर करीब 50 से 60 लोग कथित प्रार्थना सभा में शामिल थे।
संगठनों का आरोप है कि सभा के दौरान
हिंदू धर्म के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं
लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा था
कम से कम 4–5 लोगों का मतांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था
इसके बाद मामले की सूचना गांधीनगर थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस को रोका गया, रजिस्टर किया गया जब्त
सूचना पर गांधीनगर पुलिस टीम नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंची। आरोप है कि आयोजकों ने पुलिस को सभा स्थल के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया।
ओमेगा टोप्पो ने पुलिस से पहचान पत्र और जांच आदेश की प्रति मांगी, जबकि अन्य लोगों ने कहा कि प्रार्थना समाप्त होने के बाद ही बातचीत की जाएगी।हालांकि पुलिस ने मौके से सभा में शामिल लोगों का रजिस्टर जब्त कर लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चंगाई सभा लंबे समय से नियमित रूप से आयोजित की जा रही थी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
हिंदुवादी संगठन से जुड़े रोशन तिवारी की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 और 299
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5 (क)के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
थाने से लौटने के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार पूछताछ के लिए थाने बुलाए जाने के बाद ओमेगा टोप्पो बिना सूचना दिए लौट गई थीं। इसके बाद गांधीनगर पुलिस ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और चंगाई सभा से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
