महाशिवरात्रि 2026 पर ग्रहों का महासंयोग: कुंभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही योग, इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत!


नई दिल्ली । आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से साल 2026 की महाशिवरात्रि बेहद खास होने जा रही है। 15 फरवरी 2026 को जब पूरा देश महादेव की भक्ति में लीन होगा, तब अंतरिक्ष में ग्रहों की एक ऐसी हलचल होगी जो कई राशियों के भाग्य को सुनहरे अक्षरों में लिख देगी। इस दिन कुंभ राशि में चार बड़े ग्रहों राहु, बुध, शुक्र और सूर्य का दुर्लभ चतुर्ग्रही योग बनने जा रहा है। वर्तमान में कुंभ में राहु और बुध पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन शिवरात्रि के शुभ अवसर तक शुक्र और सूर्य भी इस राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिषविदों का मानना है कि शनि की स्वामित्व वाली इस राशि में ग्रहों का यह जमावड़ा न केवल भगवान शिव की असीम कृपा दिलाएगा, बल्कि शनि देव के आशीर्वाद से जातकों के जीवन में सकारात्मकता का संचार भी करेगा।

इस महासंयोग का सबसे शक्तिशाली प्रभाव मेष राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा। मेष राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है, जहाँ आर्थिक तंगी दूर होगी और धन की आवक के नए रास्ते खुलेंगे। निवेश की पुरानी योजनाएं अब फल देने लगेंगी और जो लोग लंबे समय से बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, उनके लिए रोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा होंगे। इसी तरह कन्या राशि के जातकों के लिए भी यह महाशिवरात्रि खुशियों की सौगात लेकर आएगी। पैतृक संपत्ति के अटके हुए मामले सुलझ सकते हैं और नया वाहन या मकान खरीदने का सपना सच हो सकता है। इस दौरान किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व से आपकी मुलाकात करियर की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है।

मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह समय किसी बड़े टर्निंग पॉइंट की तरह होगा। मकर राशि वालों को कोर्ट-कचहरी के पुराने विवादों से मुक्ति मिलेगी और कर्ज का बोझ कम होने से मानसिक शांति का अनुभव होगा। वहीं, चूंकि यह चतुर्ग्रही योग स्वयं कुंभ राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए लाभ की संभावनाएं सबसे अधिक हैं। कुंभ राशि के जो जातक नौकरी छोड़कर स्वयं का स्टार्टअप या कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय सबसे अनुकूल है। सोने-चांदी में निवेश और संतान पक्ष से मिलने वाली खुशखबरी उनके उत्साह को दोगुना कर देगी। कुल मिलाकर, 15 फरवरी 2026 की यह महाशिवरात्रि आर्थिक सामाजिक और व्यक्तिगत विकास की दृष्टि से इन चार राशियों के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होने वाली है।