ऐतिहासिक पारी और रिकॉर्ड्स की झड़ी मैच की शुरुआत से ही वैभव के इरादे साफ थे। उन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की ऐसी बारिश की कि विपक्षी टीम के पास कोई जवाब नहीं था। वैभव ने महज 71 गेंदों में अपना 150 रन पूरा किया जो अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज व्यक्तिगत स्कोर है। उनकी 175 रनों की पारी में 15 गगनचुंबी छक्के और 15 दर्शनीय चौके शामिल रहे। यह किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव के इस प्रलयंकारी प्रदर्शन की मदद से भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
भावुक पल और समर्पण मैच के बाद जब प्रेजेंटेशन सेरेमनी में वैभव को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कारों से नवाजा गया तो वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। आंखों में खुशी के आंसू लिए वैभव ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय टीम के सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस अहसास को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। पिछले 7-8 महीनों से हम सभी ने जो मेहनत की है यह उसका परिणाम है। हमारे सपोर्ट स्टाफ ने हर मोड़ पर हमारा साथ दिया चाहे बात हमारी फिटनेस की हो या मानसिक मजबूती की। वैभव ने अपना प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड समर्पित करते हुए कहा कि यह जीत और यह सम्मान उन्हीं के मार्गदर्शन का नतीजा है।
मैच का लेखा-जोखा लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम वैभव के प्रहारों के सदमे से उबर नहीं पाई। हालांकि कालेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर उम्मीदें जगाईं लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को 311 रनों पर समेट दिया। वैभव सूर्यवंशी ने न केवल बल्ले से बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने कुल 439 रन बनाए और एक महत्वपूर्ण विकेट भी झटका।
आईपीएल में अपनी छोटी सी झलक दिखाने वाले वैभव अब विश्व क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बनकर उभरे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय क्रिकेट के भविष्य को सुरक्षित दिखाया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि उम्र महज एक संख्या है जब आपके पास प्रतिभा और संकल्प की शक्ति हो।
