महाराष्ट्र निकाय चुनाव: महायुति की प्रचंड जीत पीएम मोदी ने 'जनकेंद्रित विकास' के लिए जनता का जताया आभार

नई दिल्ली।मुंबई/ महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य में एक बार फिर ‘महायुति’ के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है। इस शानदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने लिखा महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है! नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए मैं जनता का आभारी हूं। यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में अटूट विश्वास को दर्शाता है। पीएम ने आगे कहा कि उनकी सरकार नई ऊर्जा के साथ हर नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गिनाए भाजपा के ‘रिकॉर्ड’
नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा की धमाकेदार जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक जनादेश’ बताया। उन्होंने परिणामों के कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों को साझा किया जो भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं:पार्षदों की रिकॉर्ड जीत: राज्य के कुल निर्वाचित पार्षदों में से 48 प्रतिशत अकेले भाजपा के चिह्न पर जीते हैं।अध्यक्ष पद पर कब्जा: पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों में अध्यक्ष चुने गए हैं।कुल संख्या: भाजपा ने कुल 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने का एक और नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।

फडणवीस ने कहा कि यह जीत राज्य सरकार के विकास एजेंडे और सकारात्मक अभियान का परिणाम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव में किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय केवल काम के आधार पर वोट मांगे थे।चुनावी आंकड़ों में महायुति का दबदबाअब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार महायुति गठबंधन ने विपक्ष को काफी पीछे छोड़ दिया है:विवरणमहायुति BJP+Sena+NCPविपक्ष MVAकुल नगर परिषद 288215 7465%44नगर परिषद अध्यक्ष BJP129 2017 में 94 थी पार्षद BJP3300+ विपक्ष का हाल कांग्रेस शिवसेना UBT और एनसीपी SP का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कई वरिष्ठ नेताओं के गढ़ में भी महायुति ने सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। विपक्षी नेताओं ने हार का ठीकरा धनबल और चुनावी मशीनरी पर फोड़ा है।

अगली चुनौती: महानगरपालिका चुनाव

स्थानीय निकायों में मिली इस बड़ी जीत को जनवरी 2026 में होने वाले बीएमसी BMC और पुणे नगर निगम सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों के लिए एक मजबूत ‘बिल्ड-अप’ माना जा रहा है। महायुति अब इसी लय को बड़े शहरों में भी दोहराने की तैयारी में है।