दिल्ली त्रिलोकपुरी: इंस्टाग्राम विवाद में 11वीं के छात्र की नाबालिग साथियों ने की हत्या


नई दिल्ली।  दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 11वीं कक्षा का 17 वर्षीय छात्र अपने नाबालिग साथियों द्वारा बेरहमी से पीट-पीट कर मारा गया। यह घटना सोशल मीडिया पर हुए मामूली विवाद के कारण घटी, जिसने पूरे इलाके में डर और हड़कंप मचा दिया। मृतक छात्र इंद्रा कैंप का निवासी था और अपने परिवार में सबसे छोटा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार, 5 जनवरी की शाम को यह घटना हुई। छात्र ने एक नाबालिग आरोपी की इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर ‘तू तो मेरा छोटा भाई है’ कमेंट किया, जिसे आरोपी ने पसंद नहीं किया। इसी नाराज़गी में आरोपी ने अपने पांच अन्य नाबालिग साथियों के साथ मिलकर छात्र को घेर लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

हिंसा इतनी गंभीर थी कि छात्र की हालत तुरंत बिगड़ गई। उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से मारा गया, जिससे शरीर पर गंभीर चोटें आईं। चश्मदीदों की मदद करने की कोशिश विफल रही क्योंकि आरोपी ने बीच-बचाव करने वालों पर भी हमला किया। छात्र को तत्काल लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण उसे GTB अस्पताल रेफर किया गया। मंगलवार, 6 जनवरी की सुबह इलाज के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने छात्र के परिवार की शिकायत पर 6 नाबालिगों को हिरासत में लिया। ट्रिलोकपुरी पुलिस की क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज़ी से शुरू की जाएगी। इस घटना ने यह सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर छोटे विवाद भी नाबालिगों में जानलेवा हिंसा को जन्म दे सकते हैं।

परिवार और पड़ोसियों ने बताया कि मृतक छात्र शांत और होशियार था, किसी से विवाद नहीं करता था।

केवल एक साधारण इंस्टाग्राम कमेंट ने यह भयानक घटना जन्म दी, जो समाज और परिवार दोनों के लिए चेतावनी है। स्थानीय लोग घटना से स्तब्ध हैं और ऐसे हादसों की रोकथाम की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने सभी छह नाबालिगों को बाल संरक्षण कानून और पॉक्सो एक्ट के तहत हिरासत में रखा है। उनकी मानसिक स्थिति, मामले में भूमिका और हिंसा के स्तर की पूरी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि बच्चों की उम्र और समझ को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय और राज्य बाल संरक्षण प्राधिकरण भी इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं ताकि नाबालिगों द्वारा अपराध के मामलों में सख्त और उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो।

इस घटना ने सोशल मीडिया और युवा पीढ़ी के बीच साइबर एथिक्स और जिम्मेदारी पर गंभीर बहस शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर छोटे विवाद भी युवा मनोविज्ञान पर भारी असर डाल सकते हैं। यह घटना साबित करती है कि बच्चों को डिजिटल दुनिया और वास्तविक जीवन में संवेदनशीलता, सहिष्णुता और हिंसा से बचाव की शिक्षा देना बेहद जरूरी है।

दिल्ली पुलिस ने आसपास के स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। परिवार और समाज से अपील की गई है कि वे बच्चों के व्यवहार और सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

त्रिलोकपुरी की यह घटना पूरे देश के लिए चेतावनी बन गई है। यह याद दिलाती है कि नाबालिगों के बीच छोटे विवाद भी जानलेवा साबित हो सकते हैं और बच्चों को मानसिक, नैतिक और डिजिटल सुरक्षा की शिक्षा देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।