Bharat Coking Coal (BCCL) IPO: जीएमपी 50% के करीब, पैसा लगाएं या नहीं?



नई दिल्ली। भारत की कोकिंग कोल कंपनी Bharat Coking Coal Limited (BCCL) ने साल 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च कर दिया है। यह IPO 9 से 13 जनवरी 2026 तक खुलेगा, जिसका लक्ष्य 1,071 करोड़ रुपये जुटाना है। कोल इंडिया से जुड़ी यह मिनी रत्न कंपनी देश में कोकिंग कोल की सबसे बड़ी उत्पादक है और FY25 में घरेलू उत्पादन में इसका 58.5% हिस्सा रहा।

IPO से पहले 8 जनवरी 2026 को एंकर निवेशकों से 273.13 करोड़ रुपये जुटाए गए। इसमें LIC सबसे बड़ा निवेशक रही, जिसने 78 करोड़ रुपये के 3.39 करोड़ शेयर खरीदे। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और बंधन म्यूचुअल फंड ने 75-75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

ब्रोकरेज के मुताबिक 23 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर IPO 6.4x EV/EBITDA पर वैल्यूएशन पर है। FY25 में EBITDA मार्जिन 12.7% और ROCE 18.2% रहा।

BCCL IPO का स्ट्रक्चर:

यह पूरी तरह से OFS (Offer for Sale) है, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रही है।

प्राइस बैंड: 21–23 रुपये

कुल शेयर: 46.57 करोड़

रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट: 600 शेयर (ऊपरी प्राइस बैंड पर 13,800 रुपये)

अलॉटमेंट स्ट्रक्चर:

रिटेल: 35%

QIB: 50%

NII: 10%

कोल इंडिया शेयरधारकों के लिए 107 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित

IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की रिपोर्ट भी सामने आई है।

BCCL के शेयर ग्रे मार्केट में लगभग 50% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो मजबूत लिस्टिंग की संभावना दिखाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि GMP केवल अनलिस्टेड मार्केट की धारणा दर्शाता है और अस्थिर रह सकता है।

पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप लगभग 10,711 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, और लिस्टिंग के बाद कोल इंडिया की हिस्सेदारी 90% रहेगी।

BCCL के फायदे और निवेश के कारण:

देश में सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक

7.91 अरब टन का अनुमानित कोल रिजर्व

34 ऑपरेशनल माइंस

FY23–FY25 के दौरान बिक्री और मुनाफा क्रमशः 5% और 37% CAGR से बढ़ा

मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और विश्वसनीय ट्रैक रिकॉर्ड

जोखिम जिन पर नजर रखनी जरूरी है:

कोल रिजर्व में लंबी अवधि में कमी

टॉप 10 ग्राहकों पर 80% से अधिक निर्भरता

रिन्यूएबल

एनर्जी के बढ़ते उपयोग से कोल की मांग पर असर

निवेशक इस IPO में कट-ऑफ प्राइस पर सब्सक्राइब कर सकते हैं, जबकि लिस्टिंग गेन के लिए उत्सुक लोग भी इसे देख सकते हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम 50% के करीब होने के कारण यह IPO शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग के लिए आकर्षक नजर आता है, लेकिन निवेशकों को लंबी अवधि के जोखिमों का ध्यान रखना जरूरी है।