IND vs NZ: कमेंट्री में संजय बांगर की भाषा पर मचा बवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस


नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे मुकाबले के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय बांगर एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। लाइव कमेंट्री के दौरान उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों और भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। कई दर्शकों ने उनके बयान को आपत्तिजनक बताया, जबकि कुछ लोग इसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाना मान रहे हैं।

मैच के दौरान, जब बांगर ने एक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर टिप्पणी की, उसका एक छोटा सा क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। देखते ही देखते यह बयान चर्चा का केंद्र बन गया और ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने अपनी-अपनी राय देना शुरू कर दिया। कई दर्शकों ने कहा कि कमेंट्री करते समय शब्दों का चयन बेहद संवेदनशील होना चाहिए, खासकर जब करोड़ों लोग लाइव प्रसारण देख रहे हों।

इस पर पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर की जिम्मेदारी को लेकर भी बहस हुई। आलोचकों का मानना है कि संजय बांगर जैसे अनुभवी खिलाड़ी और कोच से जिम्मेदार भाषा की उम्मीद की जाती है। उनका कहना है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा विषय है, और किसी भी तरह की टिप्पणी खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को प्रभावित कर सकती है। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि कमेंट्री का स्तर बनाए रखना ब्रॉडकास्टर्स और एक्सपर्ट्स की जिम्मेदारी है।

वहीं, संजय बांगर के समर्थन में भी बड़ी संख्या में लोग सामने आए हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया और इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है।

इस विवाद के पीछे एक और बात भी सामने आई है। कमेंटेटर वरुण आरोन ने मैच के दौरान सुझाव दिया था कि विकेटकीपर केएल राहुल को वाशिंगटन सुंदर से तमिल भाषा में बात करनी चाहिए, क्योंकि सुंदर को हिंदी समझने में थोड़ी मुश्किल होती है। जब वरुण आरोन ने इस पर बांगर से राय मांगी, तो उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रीय भाषा में थोड़ा ज्यादा विश्वास करता हूँ।” यही बयान सोशल मीडिया पर बहस का नया केंद्र बन गया।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर क्रिकेट कमेंट्री में भाषा और शब्दों की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी कई पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। लाइव टीवी पर बोले गए शब्द अक्सर रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं, जिससे किसी भी टिप्पणी की गंभीरता कई गुना बढ़ जाती है।

फिलहाल, संजय बांगर या ब्रॉडकास्टिंग चैनल की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चैनल आंतरिक रूप से मामले पर नजर बनाए हुए है। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में स्पष्टता और संतुलित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी होती है, ताकि विवाद और ज्यादा न बढ़े।

इस बीच, भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रहे मुकाबले की चर्चा भी इस विवाद के कारण थोड़ी पीछे छूट गई। जहां एक ओर मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन सुर्खियां बटोर रहा है, वहीं दूसरी ओर कमेंट्री बॉक्स से उठा यह बयान सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बन गया है।

कुल मिलाकर, यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक मंच पर बोले गए हर शब्द की जिम्मेदारी होती है। खासकर क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल में, जहां खिलाड़ी, कमेंटेटर और दर्शक भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि संजय बांगर या ब्रॉडकास्टर इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या इससे कमेंट्री की भाषा को लेकर कोई नई गाइडलाइन सामने आती है या नहीं।