मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल के माध्यम से न केवल किसानों और पशुपालकों की योजनाओं से रूबरू होने की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों और कृषि-उन्नयन के उपायों की जानकारी भी मिलेगी। ये शिविर ग्राम स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे सभी हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सके। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों का समुचित प्रचार-प्रसार किया जाए और सभी पंचायतों में उनका प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि मीट से पहले होने वाले इन शिविरों में जुटाए गए अनुभव और सुझावों का मीट में उपयोग किया जाए, ताकि प्रदेश के कृषकों और पशुपालकों के हित में रणनीतियाँ और बेहतर बनाई जा सकें।
गौरतलब है कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 मार्च में आयोजित होने वाला है और यह मीट कृषि और पशुपालन क्षेत्र में नवाचार, निवेश और किसानों के लाभ को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले शिविरों से किसानों और पशुपालकों को धरातल पर विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त होगी और उन्हें व्यावहारिक सहायता भी मिलेगी। राजस्थान सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर योजनाओं की पहुंच बढ़ाना और कृषकों को उनकी खेती और पशुपालन गतिविधियों में सुधार हेतु जानकारी प्रदान करना है। इससे प्रदेश में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में उत्पादन और लाभ दोनों बढ़ाने में मदद मिलेगी।
