संवाद से समाधान की मांग, धरना नहीं
संजय सिंह ने कहा कि शंकराचार्य का धरने पर बैठना उचित नहीं है। उन्होंने योगी सरकार से कहा कि अगर राज्य सरकार संवाद करने में असमर्थ है, तो केंद्र सरकार का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि आगे आए और इस मुद्दे का हल निकाले। सांसद ने यह भी कहा कि अब तक सरकार ने सिर्फ सुनवाई की है, लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जो निराशाजनक है।
संगम नोज पर रोक को बताया अपराध
संजय सिंह ने संगम नोज पर शंकराचार्य के स्नान पर रोक को अपराध बताया। उन्होंने कहा, “एक शंकराचार्य को स्नान से रोकना खुद में अपराध है, और उनसे शंकराचार्य होने का सबूत मांगना उससे भी बड़ा अपराध है। यह घटना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इसी दौरान संत के शिष्यों को धक्का दिया गया और महाराज को मजबूरन धरने पर बैठना पड़ा।
धार्मिक और सामाजिक माहौल पर चिंता
सांसद संजय सिंह ने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि काशी कॉरिडोर में मंदिर और मणिकर्णिका घाट में हुई तोड़फोड़, वृंदावन में बाबा के साथ धक्का-मुक्की और शंकराचार्य के साथ वायरल तस्वीरें, सभी सामाजिक और धार्मिक माहौल के लिए नकारात्मक संकेत हैं।
यूजीसी बिल और पार्टी की स्थिति
संजय सिंह ने यह भी कहा कि यूजीसी बिल को लेकर पार्टी में चर्चा जारी है और आम आदमी पार्टी की आधिकारिक स्थिति जल्द तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोग अपने-अपने तरीके से इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन पार्टी न्याय और संविधान के दायरे में रहकर ही निर्णय लेगी।
