इसमें सबसे बड़ा लाभ भोपाल शहरी और ग्रामीण वृत्त के उपभोक्ताओं को मिला है। इन दोनों वृत्तों के 2 लाख 97 हजार 813 उपभोक्ताओं को केवल दिन के टैरिफ में 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार रुपये की छूट दी गई। यह छूट स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत के आधार पर प्रदान की गई है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह छूट सरकारी सब्सिडी को छोड़कर दी गई है। यानी उपभोक्ताओं को जो भी राहत मिली है वह सीधे स्मार्ट मीटर और टाइम ऑफ डे टैरिफ व्यवस्था के कारण मिली है। यह पहल उपभोक्ताओं को दिन के समय खासकर सोलर ऑवर में बिजली उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू की गई है जिसमें 20 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।
कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और इससे जुड़ी किसी भी तरह की आशंका से बचें। कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित सटीक और पारदर्शी प्रणाली पर आधारित हैं। इनमें रीडिंग और बिलिंग में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं रहती।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण देने में भी मदद करते हैं। मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता रियल-टाइम डेटा देख सकते हैं और यह समझ सकते हैं कि किस समय अधिक बिजली की खपत हो रही है। इससे न केवल बिजली बचाने में मदद मिलती है बल्कि अनावश्यक खर्च पर भी रोक लगती है।
इसके अलावा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता की जानकारी भी देते हैं जिससे वे अपनी खपत की आदतों में सुधार कर सकते हैं। उपभोक्ता किसी भी समय और कहीं से भी मोबाइल एप के माध्यम से अपनी बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद हैं बल्कि इससे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। बिजली की बचत से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कुल मिलाकर स्मार्ट मीटरिंग और टाइम ऑफ डे छूट योजना ने जनवरी 2026 में भोपाल क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाया है और भविष्य में इससे और अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
