ईरान में नेतृत्व का महासंग्राम: ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को बताया 'लाइटवेट', कहा- शांति के लिए अमेरिकी दखल जरूरी।


नई दिल्ली । ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हालिया मृत्यु ने न केवल तेहरान में सत्ता का शून्य पैदा किया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक युद्ध को भी जन्म दे दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए ‘एक्सियोस’ को दिए एक इंटरव्यू में सनसनीखेज बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें मोजतबा खामेनेई, जो अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, बिल्कुल भी मंजूर नहीं हैं। ट्रंप ने मोजतबा को एक ‘लाइटवेट’हल्का खिलाड़ी करार देते हुए कहा कि वह ऐसे किसी भी व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे जो खामेनेई की पुरानी और कट्टरपंथी नीतियों को आगे बढ़ाए।

ट्रंप का यह दावा केवल विरोध तक सीमित नहीं है; उन्होंने ईरान के अगले नेता की नियुक्ति में प्रत्यक्ष अमेरिकी भागीदारी की मांग की है। इसके लिए उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण दिया, जहाँ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारीजनवरी 2026 के बाद डेल्सी रोड्रिगेज के साथ ‘मैनेज्ड ट्रांजिशन’ किया गया था। ट्रंप का मानना है कि यदि ईरान में शांति और सौहार्द लाना है, तो वाशिंगटन को नेतृत्व चयन की प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान ने फिर से किसी कट्टरपंथी को अपना नेता चुना, तो अमेरिका को अगले पांच वर्षों के भीतर दोबारा युद्ध के मैदान में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

दूसरी ओर, ईरान का आंतरिक ढांचा इस समय भारी दबाव में है। 88 सदस्यीय विशेषज्ञों का पैनलAssembly of Experts नया उत्तराधिकारी चुनने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। मोजतबा खामेनेई, जिनके ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्सIRGC के साथ बेहद गहरे और मजबूत रिश्ते हैं, फिलहाल मौलवी संगठन में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माने जा रहे हैं। हालांकि, ईरान का संविधान वंशानुगत शासन की अनुमति नहीं देता, लेकिन मोजतबा का प्रभाव उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे रखता है। ट्रंप के इस हस्तक्षेप ने अब ईरान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या एक संप्रभु राष्ट्र के सर्वोच्च धार्मिक नेता का चुनाव बाहरी शक्तियों के दबाव में हो सकता है।

ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का भी मानना है कि ट्रंप का यह रुख ईरान के साथ भविष्य के परमाणु समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। फिलहाल, ईरान ने आधिकारिक रूप से नए नेता के नाम की घोषणा को टाल दिया है, लेकिन ट्रंप के इस ताजा बयान ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच पहले से ही जारी तनाव की आग में घी डालने का काम किया है। अब पूरी दुनिया की नजरें विशेषज्ञों के उस पैनल पर टिकी हैं, जिसे कानून के अनुसार जल्द ही नया उत्तराधिकारी घोषित करना है।