सोने-चांदी के दामों में गिरावट, महंगाई और युद्ध ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई


नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष ने भारत में सोना और चांदी के बाजार को प्रभावित किया है। आज सुबह 9:15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर अप्रैल वायदा सोना 0.10% गिरकर ₹1,61,660 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी मई वायदा 0.57% की गिरावट के साथ ₹2,66,969 प्रति किलोग्राम पर थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और सोने पर दबाव बढ़ गया। ब्लूमबर्ग के अनुसार सिंगापुर में सुबह 8:05 बजे सोने की कीमत 0.9% गिरकर $5,132.76 प्रति औंस और चांदी 1.5% गिरकर $84.44 प्रति औंस पर आ गई। इसी दौरान प्लैटिनम में 1% और पैलेडियम में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञ हेबे चेन के मुताबिक, सोने की गिरावट को “हार मानने” की तरह नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह एक “अस्थायी ठहराव” है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और मजबूत डॉलर ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को टाल दिया है, जिसके चलते निवेशक फिलहाल सोने से किनारा कर रहे हैं।

सोने का यह गिरना निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह अभी भी सुरक्षित निवेश के रूप में लोकप्रिय है। हालांकि, ब्याज दरों की बढ़ोतरी और वैश्विक तनाव के कारण सोने में तत्काल लाभ की संभावना कम हो गई है। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में भी युद्ध के बाद सोने की मात्रा में गिरावट आई है, हालांकि पिछले सप्ताह इसमें कुछ निवेश दर्ज किए गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने का सुरक्षित निवेश का दौर खत्म नहीं हुआ है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में लगभग 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के समय यह निवेशकों को भरोसा देता रहा है। चेन का कहना है कि फिलहाल सोने की रफ्तार थमी हुई है, लेकिन यह सिर्फ एक “सांस लेने” का दौर है, और लंबी अवधि में इसका महत्व बरकरार रहेगा।

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