इंदौर जमीन केस: सूरज रजक का आरोप, रेमन का परिवार एकतरफा FIR कराने में शामिल

इंदौर। शहर में एक विवाद ने नया मोड़ लिया है जहां कारोबारी और क्रिकेट टीम मालिक सूरज रजक ने रेमन कक्कर और उनके परिवार पर जमीन को लेकर FIR दर्ज कराने के आरोपों का जवाब दिया है। सूरज रजक का कहना है कि उक्त जमीन के सौदे में परिवार ने उन्हें 50 लाख रुपये सालाना किराए पर देने की सहमति दी थी और उनके दोनों भाई उनकी मां और पत्नी भी इस डील के गवाह थे। सूरज ने कहा कि एफआईआर करने से पहले मेरा पक्ष नहीं सुना गया और यह एकतरफा एफआईआर दर्ज की गई।

सूरज रजक ने बताया कि जमीन पर कब्जे का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि यह पूरा परिवार पहले भी जमीन के विवादों में शामिल रहा है और कई मामलों में पैसे हड़पने के आरोपों पर कोर्ट में केस चल रहे हैं। सूरज के अनुसार परिवार ने पहले किसी और के साथ जमीन का सौदा किया और उसके पैसे हड़प लिए। उन्होंने कहा कि जमीन पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं था बल्कि परिवार की सहमति से काम शुरू किया गया।

सूरज ने दैनिक भास्कर को चैटिंग और बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेमन के भाई रणधीर सलूजा ने खुद उन्हें जमीन दिखाने के लिए ले जाया। जमीन देखने के बाद उन्होंने नक्शा बनाने के लिए कहा। नक्शा तैयार होने के बाद सूरज ने इसे परिवार को भेजा और काम शुरू किया। तभी अचानक रेमन कक्कर ने एफआईआर दर्ज करवा दी जो उनके परिवार के आपसी विवाद का हिस्सा है।

सूरज ने कहा कि रेमन के पति ने भी उनसे कहा कि बंटी सलूजा से बात कर लें। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रेमन की मां से मुलाकात की तो उन्होंने जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की। सूरज ने आरोप लगाया कि रेमन मानसिक रूप से अस्थिर हैं और उनका परिवार पहले भी कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़प चुका है। उन्होंने कहा कि आज भी उक्त जमीन पर नगर निगम का कुर्की बोर्ड लगा हुआ है।

सूरज ने आगे बताया कि FIR की जानकारी उन्हें रात को मीडिया के माध्यम से मिली। उनका कहना है कि पुलिस को FIR दर्ज करने से पहले उनका पक्ष लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पता होता कि रेमन की सहमति नहीं है तो वे जमीन पर काम ही नहीं करते।

इस मामले में रेमन के भाई रणधीर सलूजा और उनका परिवार सूरज रजक के आरोपों को खारिज कर रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कोई सहमति नहीं दी और उनका कोई संपर्क नहीं था। परिवार का कहना है कि यह पूरी कहानी झूठ पर आधारित है और FIR करने का निर्णय कानूनी रूप से सही था।

यह विवाद इंदौर में जमीन के सौदों परिवारिक मतभेद और सरकारी जमीन के मसलों को लेकर उत्पन्न हुआ है। सूरज रजक का दावा है कि उनके खिलाफ आरोप झूठे हैं और परिवार ने उन्हें जमीन के उपयोग की अनुमति दी थी। वहीं रेमन और उनका परिवार इस दावे को पूरी तरह खारिज करता है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के निर्णय से ही सच्चाई सामने आएगी।