MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी


टीकमगढ़।
उमा भारती (Uma Bharti) ने टीकमगढ़ (Tikamgarh) में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ (Remove Encroachment) मुहिम का अनोखे अंजाद में विरोध जताया। उन्होंने ठेले पर पोहा और जलेबी (Poha and Jalebi) बेचकर कार्रवाई को तानाशाही बताया। साथ ही गरीबों के रोजगार की रक्षा में उतरने का भरोसा दिया। प्रशासन का तर्क है कि यातायात व्यवस्था सुधारने और एम्बुलेंस के रास्ते साफ करने के लिए यह जरूरी था लेकिन उमा भारती ने इसे गरीबों के रोजगार पर हमला बताया। उन्होंने दुकानदारों को बिना डरे ठेले लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास के ऐसी कार्रवाई अमानवीय है।

दरअसल, सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कई छोटे व्यापारियों के ठेले हटाए गए जिससे स्थानीय लोगों और विक्रेताओं में नाराजगी देखी गई। इसी के विरोध में मंगलवार को उमा भारती सीधे एक पोहा दुकान पर पहुंचीं। उन्होंने वहां पोहा और जलेबी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया।


चेतावनी भी दी

इस दौरान उमा भारती ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से बात कर ली है। अब अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। ये छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं इसलिए ऐसी कार्रवाई गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर से ऐसा किया गया तो वे इसका डटकर विरोध करेंगी। भाजपा की कद्दावर नेताओं में शुमार उमा भारती के इस कदम से सियासत गर्म है।


गरीबों पर ऐक्शन परेशान करने वाला

उमा भारती ने आगे कहा कि सिविल लाइन से लेकर कलेक्ट्रेट तक कई लोग छोटे ठेले लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। नगर पालिका ने जिस तरह नारियल पानी और पोहा बेचने वालों के ठेले हटाए या तोड़े वह बहुत दुखद और परेशान करने वाला है। इन लोगों को उसी जगह पर काम करने देना चाहिए जहां से उनको हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी चर्चा की है।


पहले भी बुलंद करती रही हैं विरोध की आवाज

उन्होंने टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की सादगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र खटीक हमेशा जनता के बीच आसानी से उपलब्ध रहते हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर वे आज जनता के बीच आई हैं। उमा भारती के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वहां काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। सनद रहे राज्य में उमा भारती की पार्टी यानी भाजपा की ही सरकार है। उमा भारती पहले भी सरकार के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही हैं।