विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में चार ठिकानों पर छापेमारी, सोना-चांदी और फ्लैट जब्त..


नई दिल्ली:विजयवाड़ा/आंध्र प्रदेश में सरकारी अफसर की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा होते ही प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के हलकों में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने एंडोमेंट्स विभाग की सहायक आयुक्त कलिंगीरी शांति को आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में उनके खिलाफ स्पष्ट जानकारी मिलने के बाद 7 अप्रैल को विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में चल और अचल संपत्तियां जब्त की गईं।

एसीबी की टीम ने अभियुक्त के आवास, उनकी मां की गारमेंट शॉप, बहन का घर और विशाखापत्तनम में स्थित अन्य संपत्ति पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कई अहम दस्तावेज और संपत्ति का ब्यौरा मिला। जांच में विशाखापत्तनम में एक रिहायशी फ्लैट, विजयवाड़ा में जी+2 इमारत, लगभग 770 ग्राम सोने के आभूषण, 3 किलो चांदी, 1.15 लाख रुपये नकद और करीब 3 लाख रुपये बैंक जमा में पाए गए। इसके अलावा एक वोल्क्सवैगन पोलो कार, मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य कीमती सामान भी जब्त किए गए।

कलिंगीरी शांति को जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक निलंबित रखा गया था। उन्होंने वर्ष 2020 में आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती प्राप्त की थी और विशाखापत्तनम तथा विजयवाड़ा में अपनी सेवाएं दी थीं। छापेमारी के समय वह नई पोस्टिंग का इंतजार कर रही थीं।

एसीबी ने कलिंगीरी शांति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया है, जो लोक सेवकों के पास आय से अधिक संपत्ति पाए जाने से संबंधित है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विजयवाड़ा स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से 21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया। बाद में उन्हें जिला जेल में स्थानांतरित किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जब्त संपत्तियों का मूल्यांकन और तलाशी अभी जारी है और जांच बढ़ने के साथ संपत्तियों की कुल कीमत में वृद्धि की संभावना है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार पर कड़ी निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही के संकेत के रूप में देखी जा रही है।