किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति में आया बड़ा बदलाव शिवराज सिंह चौहान

रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव 2026 के अंतिम दिन किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने देश के किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने इस योजना को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बताते हुए कहा कि इससे किसानों को समय पर सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध हो रहा है, जिससे वे खेती से जुड़े आवश्यक कार्य बिना आर्थिक दबाव के कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और कृषि क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों से अवगत कराना भी है। किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत उपकरणों और नई कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले किसानों को खाद और बीज जैसी आवश्यकताओं के लिए ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे उनकी पूरी फसल का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में ही चला जाता था। ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने इस समस्या का समाधान किया है और किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

उन्होंने कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर भी जोर देते हुए कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही हैं। इसके माध्यम से भंडारण, प्रसंस्करण और अन्य कृषि सुविधाओं का विकास हो रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल पा रहा है।

साथ ही प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए पर्याप्त सब्सिडी दी जा रही है। इससे न केवल ऊर्जा लागत में कमी आ रही है बल्कि किसान स्वच्छ ऊर्जा की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में किसान योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

किसान सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण की भी झलक देखने को मिली, जहां किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों और नवाचारों के माध्यम से विशेष पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं अपनी मेहनत और उद्यमशीलता से न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही हैं।

महोत्सव के दौरान आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया, जिससे खेती को एक नई दिशा मिल रही है। यह आयोजन किसानों के लिए नए अवसरों और संभावनाओं का मंच बनकर उभरा है, जहां वे भविष्य की कृषि के लिए तैयार हो रहे हैं।