ट्रक की टक्कर के बाद कार बनी आग का गोला, एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत


नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हलिया थाना क्षेत्र के मड़िहान-राजगढ़ मार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के पास तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही बोलेरो और एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बोलेरो का फ्यूल टैंक फट गया और वाहन कुछ ही सेकंड में आग की लपटों में घिर गया। इस दर्दनाक हादसे में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई लोग एक ही परिवार या करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।

हादसे के बाद बोलेरो में सवार नौ लोग मौके पर ही आग की चपेट में आ गए और बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल सका। वहीं दूसरी ओर कार में सवार दो लोगों की भी गंभीर चोटों और मलबे में दबने से मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में चीख-पुकार और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। मृतकों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो किसी पारिवारिक या धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में भीषण आग लग गई और लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई हुई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और कटर की मदद से वाहन में फंसे शवों को बाहर निकाला। शवों की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया, जिसके लिए प्रशासन ने डीएनए परीक्षण कराने की बात कही है।

प्रारंभिक जांच में इस हादसे का कारण ट्रक की तेज रफ्तार और संभावित ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर जांच तेज कर दी है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर मार्ग पर यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया है।

इस दर्दनाक हादसे पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।