नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के एक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर अनुशासनात्मक कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेले गए इस मैच में उनके आक्रामक व्यवहार और मैदान पर दिखाई गई प्रतिक्रियाओं के कारण उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट भी उनके रिकॉर्ड में जोड़ा गया है। यह कार्रवाई मैच के दौरान हुई उस घटना के बाद सामने आई, जब उन्होंने लखनऊ टीम के कप्तान को शून्य पर आउट करने के बाद अत्यधिक आक्रामक तरीके से जश्न मनाया, जिसे खेल भावना के विपरीत माना गया।
मैच के दौरान यह देखा गया कि विकेट लेने के बाद बर्गर ने कुछ ऐसे इशारे और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं दीं, जो सामान्य क्रिकेट आचरण की सीमा से बाहर मानी गईं। इसी कारण मैच अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की और उन्हें कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया। इसके बाद उनके खिलाफ लेवल 1 के तहत कार्रवाई की गई, जिसमें आर्थिक दंड और डिमेरिट पॉइंट शामिल है।
नियमों के अनुसार लेवल 1 अपराध उन स्थितियों में माना जाता है, जब कोई खिलाड़ी मैदान पर अनुचित भाषा, आक्रामक इशारे या विरोधी खिलाड़ी को उकसाने वाले व्यवहार करता है। नांद्रे बर्गर ने इस आरोप को स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को भी मान लिया, जिससे यह मामला वहीं समाप्त हो गया।
अनुशासन प्रणाली के अनुसार, खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके व्यवहार पर भी निगरानी रखी जाती है। डिमेरिट पॉइंट सिस्टम के तहत अगर कोई खिलाड़ी चार अंक जमा कर लेता है, तो उसे एक मैच के लिए प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। यह अंक 36 महीनों तक खिलाड़ी के रिकॉर्ड में बने रहते हैं, जिससे लगातार अनुशासन बनाए रखना आवश्यक हो जाता है।
मैच की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 159 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी और पूरी टीम 18 ओवर में 119 रन पर सिमट गई, जिसके चलते उन्हें 40 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में नांद्रे बर्गर ने गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और चार ओवर में 27 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिनमें एक विकेट लखनऊ के कप्तान का भी शामिल था।
हालांकि उनका गेंदबाजी प्रदर्शन प्रभावी रहा, लेकिन मैदान पर उनका अनुशासनहीन व्यवहार चर्चा का विषय बन गया। यह घटना इस बात को फिर से उजागर करती है कि आधुनिक क्रिकेट में केवल प्रदर्शन ही नहीं बल्कि खेल भावना और आत्मसंयम भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
