BSE Limited की निवेशकों को चेतावनी, सीईओ सुंदररामन राममूर्ति के नाम पर फर्जी डीपफेक वीडियो से रहें सावधान


नई दिल्ली ।  शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज BSE Limited ने निवेशकों को एक खतरनाक फर्जीवाड़े से सावधान रहने को कहा है। दरअसल, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ Sundararaman Ramamurthy के नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर एक डीपफेक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें उन्हें शेयर बाजार में निवेश की सलाह देते हुए दिखाया गया है।
डीपफेक वीडियो से गुमराह करने की कोशिश
बीएसई ने साफ शब्दों में कहा है कि यह वीडियो पूरी तरह नकली है और इसे आधुनिक डीपफेक तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। वीडियो में निवेशकों को झूठे वादों के जरिए लुभाया जा रहा है, जैसे कम समय में भारी मुनाफा कमाने का दावा। यह तरीका लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें जाल में फंसाने की कोशिश है।
व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ठगी
फर्जी वीडियो में लोगों को कुछ खास शेयरों में निवेश करने और व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप जॉइन करने के लिए उकसाया जा रहा है। इन ग्रुप्स में ‘एक्सक्लूसिव टिप्स’ देने का लालच दिया जाता है, जो पूरी तरह भ्रामक और धोखाधड़ी का हिस्सा होता है। बीएसई ने स्पष्ट किया कि उसका कोई भी अधिकारी इस तरह की सलाह नहीं देता।
चार महीने में चौथी घटना, बढ़ता खतरा
एक्सचेंज के मुताबिक, पिछले चार महीनों में यह चौथी बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है। इससे साफ है कि ठग लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर निवेशकों को निशाना बना रहे हैं। डीपफेक जैसे टूल्स ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है।
बीएसई की अपील: सतर्क रहें, शेयर न करें
बीएसई ने निवेशकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी वीडियो, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और उन्हें आगे शेयर करने से भी बचें। किसी भी निवेश से पहले जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही करें।
सेबी के साथ जागरूकता अभियान
एक्सचेंज ने बताया कि वह Securities and Exchange Board of India (सेबी) के निर्देशों के तहत लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसका मकसद लोगों को फर्जी स्कीम, गलत निवेश सलाह और ‘फिनफ्लुएंसर’ जैसे नए खतरों से बचाना है।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
बीएसई ने कहा कि इस तरह के फर्जी कंटेंट को हटाने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। निवेशकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।