LPG बुकिंग और डिलीवरी में बदलाव की तैयारी: उपभोक्ताओं के लिए नया सिस्टम ला सकता है बड़ी सुविधा और सख्ती

नई दिल्ली। रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 1 मई 2026 से LPG सिलेंडर वितरण प्रणाली से जुड़े नियमों में संशोधन की संभावना जताई जा रही है, जिससे बुकिंग और डिलीवरी की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त और तकनीकी रूप से नियंत्रित हो सकती है।

हाल के समय में घरेलू रसोई गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ा है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण आपूर्ति और कीमतों में बदलाव की स्थिति बनी रहती है, जिसका असर भारत की व्यवस्था पर भी दिखाई देता है।

नए प्रस्तावित बदलावों के अनुसार LPG बुकिंग के नियमों में संशोधन किया जा सकता है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग के बीच के समय अंतराल को फिर से तय करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सके और किसी भी तरह की कमी से बचा जा सके।

इसके साथ ही डिलीवरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। डिलीवरी के समय उपभोक्ता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए OTP आधारित सत्यापन प्रणाली को और मजबूत किया जा सकता है, जिससे गलत डिलीवरी और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

सरकार की ओर से आधार आधारित eKYC प्रक्रिया को भी और सख्ती से लागू करने की संभावना है, खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए जो सब्सिडी का लाभ प्राप्त करते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता केवल सही और पात्र लोगों तक पहुंचे।

इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम तेज किए जा रहे हैं। जिन इलाकों में पाइप्ड गैस सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे इस व्यवस्था की ओर शिफ्ट करने की योजना पर काम चल रहा है।