भारत–इजिप्ट रणनीतिक साझेदारी मजबूत, 2030 तक 12 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य



नई दिल्ली। भारत और मिस्र (इजिप्ट) के बीच आर्थिक संबंधों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। हाल ही में मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एक बिजनेस डेलिगेशन मीटिंग में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दिया।


इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि दोनों देश आने वाले वर्षों में अपने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान लगभग 5 अरब डॉलर से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 12 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
इस मौके पर मुंबई में तैनात डाहलिया मोहम्मद नाजिह मोहम्मद तवाकोल ने कहा कि भारत और इजिप्ट के संबंध ऐतिहासिक और मजबूत रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने जून 2023 में रणनीतिक साझेदारी समझौता किया था, जिससे सहयोग के नए रास्ते खुले हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, फार्मास्युटिकल और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अपार संभावनाएं हैं। विशेष रूप से सूएज नहर आर्थिक क्षेत्र को भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ा निवेश केंद्र बताया गया है।
इस अवसर पर विजय कलंत्री ने भी कहा कि भारत और इजिप्ट के बीच व्यापारिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच लगभग 5 अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 12 अरब डॉलर करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल, केमिकल और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में भारत के लिए इजिप्ट एक बड़ा बाजार बन सकता है। साथ ही, इजिप्ट में भारतीय निवेश भी बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार के साथ-साथ पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। हालांकि कुछ लॉजिस्टिक और वीजा संबंधी चुनौतियां हैं, लेकिन दोनों देश इन्हें तेजी से हल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कुल मिलाकर, भारत और इजिप्ट की यह साझेदारी आने वाले समय में वैश्विक व्यापार के नए अवसर खोल सकती है और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकती है।