रियलिटी शो के अंदर की सच्चाई पर बोलीं तनीषा, कहा- स्क्रीन टाइम के लिए लोग रिश्तों और नामों का इस्तेमाल करते हैं

नई दिल्ली ।
अभिनेत्री Tanisha Mukerji ने वर्षों बाद अपने रियलिटी शो अनुभव को लेकर कई ऐसे पहलुओं पर रोशनी डाली है, जिन पर अक्सर दर्शकों का ध्यान नहीं जाता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के शो बाहर से जितने मनोरंजक दिखते हैं, अंदर से उतने ही मानसिक दबाव और भावनात्मक उथल-पुथल से भरे होते हैं। उनके अनुसार यह पूरा अनुभव उनके लिए आसान नहीं था और कई बार यह स्थिति मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण बन गई थी।

तनीषा मुखर्जी ने बताया कि उन्होंने उस शो में हिस्सा लेने का निर्णय बहुत जल्दी में लिया था। उस समय उन्हें लगा था कि यह एक ऐसा मंच होगा जहां वे अपनी असली पहचान और व्यक्तित्व को लोगों के सामने रख पाएंगी। लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, उन्हें यह समझ आने लगा कि वहां हर चीज़ कंट्रोल और एडिटिंग के जरिए दर्शकों तक पहुंचाई जाती है। उनके मुताबिक, असली व्यक्तित्व से ज्यादा महत्व ड्रामा और टकराव को दिया जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि शो के दौरान कई प्रतिभागी अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए किसी भी तरह की रणनीति अपनाते थे। तनीषा के अनुसार, कुछ लोग चर्चा में बने रहने के लिए उनके परिवार के नाम का भी इस्तेमाल करते थे। खासकर उनके परिवार से जुड़े बड़े नामों का बार-बार जिक्र किया जाता था ताकि कैमरे का ध्यान अपनी ओर खींचा जा सके। यह स्थिति उनके लिए कई बार असहज और अप्रत्याशित रही।

एक्ट्रेस ने यह भी साझा किया कि वह शो में बहुत अधिक विवादों और झगड़ों से दूरी बनाए रखती थीं। उनका मानना था कि हर स्थिति पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं होता। भाषा की सहजता और व्यक्तिगत सीमाओं के कारण उन्होंने कई बार चुप रहना ही बेहतर समझा। उनका उद्देश्य यह भी था कि किसी भी तरह की अनावश्यक स्थिति उनके परिवार या निजी जीवन पर असर न डाले।

तनीषा ने आगे कहा कि इस अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि रियलिटी शो का वास्तविक स्वरूप क्या होता है। उनके अनुसार वहां कई बार रिश्ते वास्तविक भावनाओं से नहीं बल्कि परिस्थितियों और दबाव में बनते हैं, जिन्हें बाद में दर्शकों के सामने अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। इसी कारण उन्होंने इसे एक भावनात्मक रूप से कठिन अनुभव बताया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अनुभव के बाद वह भविष्य में कभी भी ऐसे माहौल का हिस्सा नहीं बनना चाहेंगी जहां व्यक्तिगत जीवन और परिवार को लेकर अनावश्यक चर्चाएं या गलत व्याख्याएं की जाएं। उनके अनुसार मानसिक शांति किसी भी शो या लोकप्रियता से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

इस पूरे अनुभव के जरिए तनीषा मुखर्जी ने यह संकेत दिया कि मनोरंजन की दुनिया जितनी चमकदार दिखती है, उसके पीछे उतनी ही जटिल और दबाव भरी सच्चाई भी छिपी होती है, जिसे दर्शक अक्सर नहीं देख पाते।