पन्ना में बड़ा खुलासा: व्यापारी से 95 हजार वसूले, टीआई समेत 4 पर FIR

मध्य प्रदेश । पन्ना में पुलिस विभाग को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सर्राफा व्यापारी से गांजा तस्करी के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपए वसूलने का गंभीर आरोप टीआई समेत चार लोगों पर लगा है। जांच के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद FIR दर्ज कर ली गई है और सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

Panna में सामने आए इस मामले ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत के अनुसार, रीवा के तरहटी गांव निवासी सर्राफा व्यापारी मोहनलाल सोनी 14 मई को अपनी कार से बागेश्वर धाम जा रहे थे। इसी दौरान मड़ला क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास सिविल ड्रेस में दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें रोका। दोनों ने व्यापारी पर गांजा तस्करी का आरोप लगाते हुए एक काली पॉलिथीन दिखाई और कहा कि यह मामला गंभीर है।

इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी को “मैटर निपटाने” की बात कहते हुए अपने साथ बैठा लिया और पास की शराब दुकान पर ले गए। यहां पहले से मौजूद एक पुलिसकर्मी वर्दी में पहुंचा और मामले को और गंभीर बताते हुए दबाव बनाया। व्यापारी को दुकान के पीछे ले जाकर करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।

एक लाख की मांग, 95 हजार में तय हुआ सौदा
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे झूठे केस से बचाने के लिए एक लाख रुपए की मांग की। बाद में बातचीत के बाद यह रकम 95 हजार रुपए पर तय हुई। व्यापारी ने 45 हजार रुपए नकद दिए, जबकि 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। पैसे मिलने के बाद उसे छोड़ा गया। शिकायत में बताया गया कि इस पूरे घटनाक्रम में मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, हेड कांस्टेबल रज्जाक खान, कांस्टेबल रामशरण अहिरवार और एक अन्य व्यक्ति बृजेश यादव शामिल थे।

जांच में आरोप सही पाए गए, FIR दर्ज
पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसपी को सौंपी। इसके बाद उच्च स्तरीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपी के खिलाफ साजिश, अवैध वसूली और आपराधिक धमकी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इससे पहले तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी किया गया था। अब सभी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

व्यापारी का आरोप और पुलिस की कार्रवा
व्यापारी का कहना है कि उन्हें पूरी तरह से झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जबरन पैसे वसूले गए। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी कार्रवाई की मांग उठी थी। एसपी ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच आगे बढ़ा दी है और विभागीय स्तर पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।