केतन हत्याकांड ने ली एक और जान! पोते की मौत का सदमा नहीं सह सके दादा देवचंद अग्रवाल, कार्डियक अरेस्ट से निधन के बाद परिवार में शोक की लहर

पुणे । चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक और भावुक कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया है। केतन की हत्या के महज 16 दिन बाद उनके 71 वर्षीय दादा देवचंद अग्रवाल का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी त्रासदी है, जिसने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। परिजनों का कहना है कि पोते की असामयिक मौत का गहरा मानसिक आघात उन्हें लगातार भीतर से तोड़ रहा था और इसी कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।

देवचंद अग्रवाल पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन थे। चिकित्सकीय निगरानी के बावजूद उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और अंततः कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, केतन की मौत के बाद वह लगातार मानसिक तनाव में थे और न्याय की मांग को लेकर बेहद व्यथित रहते थे।

केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को लोहगढ़ किले के समीप हुई थी। शुरुआती स्तर पर इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला हत्या की साजिश का निकला। इसके बाद पुलिस ने जांच के आधार पर केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित करीबी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया। दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल की पहले रेकी की गई थी और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत तैयारी के बाद हत्या की साजिश को अमल में लाया गया। मामले की जांच के दौरान डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

पुलिस को जांच के दौरान दोनों आरोपियों के बीच बड़ी संख्या में हुई फोन बातचीत का रिकॉर्ड मिला है। इसके अलावा मोबाइल फोन से हटाए गए डिजिटल डेटा और संदेशों को भी पुनः प्राप्त किया गया है। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों को भी अपने रिकॉर्ड में शामिल किया है, जिन्हें मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम माना जा रहा है।

घटनास्थल पर अपराध के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां और वस्तुएं सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान जांच को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

दूसरी ओर, आरोपियों की ओर से सभी आरोपों से इनकार किया गया है। बचाव पक्ष का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष सुनवाई अदालत में होगी और वहीं सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।

इस बीच देवचंद अग्रवाल के निधन से परिवार गहरे शोक में डूब गया है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अंतिम समय तक अपने पोते के लिए न्याय मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी थी। अब परिवार की अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच पूरी हो तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।