शनि दोष से बचना है तो जान लें जूते-चप्पल खरीदने के सही और गलत दिन


नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र और ज्योतिष मान्यताओं में रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी को भी शुभ-अशुभ से जोड़ा गया है। खासतौर पर जूते-चप्पल खरीदने को लेकर कई नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि गलत दिन पर जूते-चप्पल खरीदने से जीवन में नकारात्मकता, आर्थिक परेशानी और शनिदेव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। अमावस्या, मंगलवार, शनिवार और ग्रहण वाले दिन जूते-चप्पल खरीदने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इन दिनों खरीदे गए फुटवियर दुर्भाग्य और मानसिक तनाव को बढ़ा सकते हैं।

शनिवार को जूते-चप्पल खरीदना क्यों माना जाता है अशुभ?
ज्योतिष शास्त्र में पैरों का संबंध शनिदेव से माना गया है। इसलिए शनिवार के दिन जूते-चप्पल खरीदना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे शनि दोष बढ़ सकता है और व्यक्ति को आर्थिक तंगी, तनाव और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

नए जूते-चप्पल खरीदने का सबसे शुभ दिन कौन सा है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार शुक्रवार का दिन नए जूते-चप्पल खरीदने और पहनने के लिए सबसे शुभ माना गया है। कहा जाता है कि शुक्रवार को खरीदे गए फुटवियर सुख-सुविधा और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं।

पुराने जूते-चप्पल कब हटाने चाहिए
मान्यता के अनुसार फटे-पुराने या इस्तेमाल में नहीं आने वाले जूते-चप्पल शनिवार के दिन किसी शनि मंदिर के बाहर छोड़ना शुभ माना जाता है। इससे शनि की अशुभ दृष्टि कम होती है और नकारात्मकता दूर होती है।

जूते-चप्पल रखने से जुड़े वास्तु नियम

बेड के नीचे जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए
पूजा घर के पास फुटवियर रखना अशुभ माना जाता है
घर के मुख्य दरवाजे पर बिखरे जूते नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं
गंदे और टूटे फुटवियर घर में रखने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है
वास्तु मान्यताओं के अनुसार साफ-सुथरे और व्यवस्थित जूते-चप्पल घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।