चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन संभालेंगे राम मंदिर ट्रस्ट की कमान, बोले- सबसे पहले व्यवस्था की कमियों को करेंगे दूर


अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद कृष्ण मोहन (Krishna Mohan) को ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले भी कृष्ण मोहन ही हैं।

कौन हैं कृष्ण मोहन?
कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के चंद्रपुर गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी रह चुके हैं और महाराष्ट्र कैडर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद कृष्ण मोहन सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। वर्तमान में वह हरदोई शहर में रहते हुए समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सितंबर 2025 में उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। यह पद कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुआ था।

लखनऊ यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
कृष्ण मोहन ने अपनी शिक्षा लखनऊ यूनिवर्सिटी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग में भी काम किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ, जहां उन्होंने महाराष्ट्र में लंबे समय तक सेवाएं दीं। वर्ष 2012 में रिटायर होने के बाद वह समाजसेवा के कार्यों में जुट गए।

ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति को सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। ट्रस्ट ने कहा है कि कृष्ण मोहन का शामिल होना समाज के व्यापक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिम्मेदारी संभालते ही बताईं प्राथमिकताएं
अंतरिम महासचिव बनने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले से सभी को दुख पहुंचा है। उन्होंने माना कि प्रबंधन और संचालन व्यवस्था में कुछ कमियां रह गई थीं, जिनका फायदा उठाया गया।

बताई ये प्राथमिकताएं-
1. व्यवस्था की कमियों को दूर करना और सुरक्षा में सुधार करना।
2. चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना।
3. ट्रस्ट की छवि और रामभक्तों के भरोसे को फिर से मजबूत करना।

कृष्ण मोहन ने कहा कि इस घटना से समाज में अविश्वास की स्थिति बनी है, लेकिन ट्रस्ट सभी न्यासियों के साथ मिलकर अपनी व्यवस्था को बेहतर बनाएगा और लोगों का विश्वास दोबारा कायम करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और प्रबंधन में मौजूद खामियों को दूर किया जाएगा।