बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल सिर्फ प्रीमियम ग्रेड में, E0-E10 की वापसी पर सरकार ने दिया स्‍पष्‍ट जवाब


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल देश में E0 (बिना एथेनॉल) और E10 (10% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल की दोबारा सप्लाई शुरू करने की कोई योजना नहीं है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी तेल कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले प्रीमियम पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट नहीं की जाती और फिलहाल पेट्रोल में 20 फीसदी से अधिक एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि इंडियन ऑयल का XP100, हिंदुस्तान पेट्रोलियम का poWer100 और भारत पेट्रोलियम का Speed100 जैसे प्रीमियम पेट्रोल पूरी तरह एथेनॉल मुक्त हैं। इनमें बेहतर प्रदर्शन के लिए विशेष एडिटिव्स का उपयोग किया जाता है। हालांकि, इनकी बिक्री देश में कुल पेट्रोल खपत का लगभग 0.5 प्रतिशत ही है।

प्रीमियम पेट्रोल की कीमत कितनी?
सरकार के मुताबिक, बिना एथेनॉल वाले इन प्रीमियम फ्यूल की कीमत करीब 160 रुपये प्रति लीटर है, जबकि सामान्य पेट्रोल की कीमत लगभग 102.12 रुपये प्रति लीटर है। मौजूदा समय में सामान्य पेट्रोल में अधिकतम 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रित किया जा रहा है।

E20 पर सरकार का भरोसा
सरकार ने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिलाने का फैसला तभी लिया जाएगा, जब विस्तृत वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन पूरे होंगे। इस प्रक्रिया में वाहन निर्माता कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और शोध संस्थानों से भी सलाह ली जाएगी।

सरकार ने यह भी बताया कि 1 अप्रैल 2026 से देशभर में न्यूनतम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) वाले E20 पेट्रोल को अधिसूचित किया गया है और सभी सार्वजनिक एवं निजी तेल कंपनियों को इसे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इंजन पर नहीं पड़ा कोई बड़ा असर
सरकार के अनुसार, E20 पेट्रोल के कारण इंजन खराब होने या वाहन की उम्र घटने जैसी कोई व्यापक और प्रमाणित शिकायत सामने नहीं आई है। प्रयोगशाला परीक्षणों, फील्ड ट्रायल और वास्तविक परिचालन के आंकड़ों में भी इसके नकारात्मक प्रभाव के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं।

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल कर रही हैं और बड़े पैमाने पर इंजन संबंधी कोई समस्या दर्ज नहीं हुई है।

E0 और E10 दोबारा क्यों नहीं आएंगे?
सरकार ने कहा कि E0, E10 और E20 तीनों तरह के पेट्रोल की अलग-अलग आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखना व्यावहारिक नहीं है। देशभर के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग भंडारण, परिवहन और वितरण प्रणाली तैयार करने से लागत और संचालन संबंधी चुनौतियां काफी बढ़ जाएंगी।

सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना है। इसी नीति के तहत E20 को व्यापक परीक्षणों के बाद लागू किया गया है और ऑटोमोबाइल उद्योग ने भी इसे स्वीकार किया है।