NH-46 पर एक रात में 7 गौवंश की मौत तेज रफ्तार ट्रकों ने 9 को कुचला


शिवपुरी  शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाला NH-46 बुधवार रात गौवंश के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ। हाईवे पर अलग-अलग स्थानों पर हुए दो सड़क हादसों में तेज रफ्तार ट्रकों की चपेट में आने से कुल 9 गौवंश हादसे का शिकार हो गए। इनमें से 7 गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो घायल बताए जा रहे हैं। लगातार हुए इन हादसों के बाद इलाके में गौवंश की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पहला हादसा सुमेला बायपास के ओवरब्रिज पर हुआ। बताया जा रहा है कि यहां सड़क किनारे चार गौवंश मौजूद थे। इसी दौरान शिवपुरी से गुना की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन गौवंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक गौवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलते ही सनातनी गो सेवा समिति की टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने घायल गौवंश को संभाला और उसका उपचार कराया। साथ ही सड़क पर पड़े मृत गौवंश को हटाकर सुरक्षित स्थान पर किया गया ताकि हाईवे पर आने जाने वाले दूसरे वाहनों के लिए खतरा न बना रहे।

इसी रात दूसरा हादसा ईश्वरी ओवरब्रिज पर हुआ। यहां गुना से शिवपुरी की ओर जा रहे एक ट्रक ने सड़क पर मौजूद पांच गौवंश को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में चार गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल हो गया। एक ही रात में कुछ ही दूरी के अंतर पर हुए दोनों हादसों ने हाईवे पर गौवंश की मौजूदगी और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईश्वरी ओवरब्रिज पर हादसे की सूचना मिलने के बाद भी सनातनी गो सेवा समिति की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घायल गौवंश को इलाज उपलब्ध कराया और मृत गौवंश को सड़क से हटाकर किनारे किया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि हाईवे पर आवारा या खुले में घूमने वाले गौवंश रात के समय तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं।

NH-46 जैसे व्यस्त हाईवे पर वाहनों की रफ्तार काफी अधिक रहती है। ऐसे में सड़क पर अचानक गौवंश आ जाने से चालक के लिए वाहन नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। इससे न केवल गौवंश की जान को खतरा रहता है बल्कि वाहन सवार लोगों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

बुधवार रात हुए दोनों हादसों में कुल 9 गौवंश की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। इनमें 7 की मौत हो चुकी है जबकि दो घायल हैं। घटना के बाद गो सेवा समिति की सक्रियता से घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सका। हालांकि एक ही रात में सात गौवंश की मौत ने हाईवे पर पशुओं की सुरक्षा के इंतजामों और तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर विशेष निगरानी और पशुओं को सड़क से दूर रखने के इंतजाम जरूरी माने जा रहे हैं।