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  • दोस्ती के नाम पर बुलाया, फिर बीच रास्ते लूट ली कार, भोपाल में युवक के साथ वारदात से सनसनी

    दोस्ती के नाम पर बुलाया, फिर बीच रास्ते लूट ली कार, भोपाल में युवक के साथ वारदात से सनसनी


    भोपाल  राजधानी भोपाल में दोस्ती के भरोसे बुलाए गए एक युवक के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कोहेफिजा थाना क्षेत्र में परिचित युवकों ने पहले युवक को देर रात ढाबे पर बुलाया और फिर लौटते समय सुनसान इलाके में उसके साथ मारपीट कर कार लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और दो संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी को उसके परिचित आदित्य ने गुरुवार देर रात परवलिया स्थित एक ढाबे पर भोजन करने के लिए बुलाया था। वहां पहले से आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मोइन और बुशरा मौजूद थे। सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और इसके बाद तड़के करीब तीन बजे सौरव अपनी टाटा टियागो कार से सभी को लेकर भोपाल की ओर रवाना हुआ।

    जब कार मनुआभान टेकरी के पास पहुंची तो आदित्य ने अपने एक दोस्त से मिलने की बात कहकर वाहन रुकवाया। जैसे ही कार रुकी माहौल अचानक बदल गया। आरोप है कि चारों युवकों ने सौरव के साथ गाली गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इसी दौरान बाबर उर्फ मंडी ने सौरव को थप्पड़ मारकर कार की चाबी छीन ली और उसे धक्का देकर वाहन से नीचे उतार दिया। इसके बाद सभी आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गए और पीड़ित सड़क पर ही छूट गया।

    घटना के बाद सौरव ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर कोहेफिजा थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ लूट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी बाबर उर्फ मंडी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

    पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई कार बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि वारदात के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।

  • झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं

    झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर खरडू छोटी गांव के माल फालिया इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक बिना मुंडेर के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना का पता तब चला जब कुछ बच्चे कुएं के पास नीम के पेड़ पर खेल रहे थे।

    खेल के दौरान बच्चों की नजर अचानक कुएं के अंदर पड़ी, जहां उन्हें एक शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। घबराए बच्चों ने तुरंत गांव की ओर दौड़ लगाई और लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

    ग्रामीणों ने तत्काल मामले की सूचना गांव के तड़वी (ग्राम प्रमुख) को दी, जिन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही झाबुआ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।

    पुलिस ने मृतका की पहचान झकेला गांव निवासी 70 वर्षीय तितली बाई (पति दूला बामनिया) के रूप में की है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बुजुर्ग महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिससे मामले को लेकर कई पहलुओं पर जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तितली बाई रविवार शाम करीब 5 बजे एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए खरडू बड़ी गांव जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अनसिग नामक व्यक्ति के खेत में बने बिना मुंडेर के कुएं के पास उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे उनके गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि कुआं बिना मुंडेर का था, जिससे हादसे की संभावना और बढ़ जाती है। वहीं, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है।

    झाबुआ कोतवाली थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

    इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण प्रशासन से ऐसे खुले कुओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित कारणों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

  • ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत

    ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत



    ग्वालियर । ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक नाबालिग को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा कुछ समय के लिए पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता उसे वापस लेने नेहा के घर पहुंचे। इसी दौरान नाबालिग के घर लौटने को लेकर असहमति हो गई और विवाद शुरू हो गया।

    बताया जा रहा है कि नाबालिग घर जाने को तैयार नहीं था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद के दौरान पड़ोसी महिला ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें झगड़ा और कथित मारपीट दिखाई दे रही है।

    वीडियो बनाने के बाद महिला नेहा सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उनकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। वहीं, दूसरी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

    इंदरगंज पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • नरसिंहपुर मर्डर केस: हाथ-पैर बांधकर युवक की हत्या, शव को गहरी खाई में फेंका

    नरसिंहपुर मर्डर केस: हाथ-पैर बांधकर युवक की हत्या, शव को गहरी खाई में फेंका


    नई दिल्ली। राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, नरसिंहपुर के साईंखेड़ा में रहने वाली रीना किरार ने अपने बचपन के प्रेमी अरुण पटेल और उसके साथी हरनाम किरार के साथ मिलकर वीरू की हत्या की साजिश रची। वीरू को सोशल मीडिया के जरिए करीब 900 किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश बुलाया गया था।
    जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को वीरू जैसे ही रीना के घर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने बेसबॉल बैट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घर में फैला खून साफ किया गया, शव के हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप लगाया गया और बोरी में पैक कर XUV 700 से रायसेन जिले के नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के पास ले जाकर करीब 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया गया।
    7 मई को रायसेन के बाड़ी थाना क्षेत्र में सड़ी-गली लाश मिलने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई। मौके से मिले बैग और बच्चे की कॉपी ने केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। कॉपी में लिखावट के आधार पर पुलिस साईंखेड़ा पहुंची और फिर उज्जैन से रीना किरार, अरुण पटेल और हरनाम किरार को गिरफ्तार किया गया।
    पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह प्रेम संबंधों में जलन और विवाद था। जांच में यह भी सामने आया कि अरुण पटेल रीना के परिवार पर काफी पैसा खर्च करता था और उसने उसे SUV व जेवर भी दिलाए थे। वीरू का रीना से लगातार बढ़ता संपर्क अरुण को पसंद नहीं था, जिसके बाद साजिश रचकर हत्या कर दी गई।
  • सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ

    सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की अवधपुरी कॉलोनी में हुई 32 लाख रुपए की बड़ी चोरी का मामला 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    यह घटना कॉन्ट्रैक्टर दीपक जाधव के घर में हुई, जहां से चोरों ने करीब 7 लाख रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए सामान में लगभग 10 लाख रुपए का रानी हार, मंगलसूत्र, सोने की कटोरी, 20 सोने के मोती और चांदी के सिक्के शामिल बताए जा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार, घटना के समय दीपक जाधव का परिवार महाराष्ट्र गया हुआ था। 27 जून को जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले और पूरा घर बिखरा पड़ा था। अलमारी खोलने पर नकदी और कीमती जेवर गायब थे, जिससे परिवार के होश उड़ गए।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कॉलोनी में यह वारदात हुई, उसके आसपास पुलिसकर्मियों के आवास भी स्थित हैं। इसके बावजूद चोरों ने आसानी से घर को निशाना बनाया और फरार हो गए। इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
    घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
    थाना प्रभारी ने जल्द खुलासे का दावा किया था, लेकिन 15 दिन से ज्यादा समय बीतने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पीड़ित परिवार लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है और उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
    इस बड़ी चोरी के मामले में पुलिस की सुस्ती और अब तक कोई सफलता न मिलने से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।

  • उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित

    उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित


    नई दिल्ली। उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक में चोरों ने ताले तोड़कर अंदर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरों ने बैंक में रखे लगभग 85 लाख रुपए को बिल्कुल भी नहीं छुआ।

     CPU और डेटा सिस्टम को बनाया निशाना

    चोरों ने बैंक में घुसते ही सबसे पहले CCTV कैमरों के तार काट दिए और रिकॉर्डिंग सिस्टम (DVR) भी चुरा लिया। इसके बाद वे कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ा CPU अपने साथ ले गए, जिसमें बैंक का महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था।

    सबूत मिटाने की कोशिश

    घटना से साफ संकेत मिलता है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से बैंक के इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को निशाना बनाया। CCTV कैमरे और DVR चोरी होने से पुलिस की जांच में शुरुआती दिक्कतें सामने आ रही हैं।

     संदिग्ध परिस्थितियां, जांच तेज

    पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी नहीं लग रही है, क्योंकि नकदी को छोड़कर सिर्फ डेटा सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे किसी अंदरूनी जानकारी या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

    स्टाफ पर भी उठे सवाल

    बैंक के चपरासी ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बावजूद वह बैंक आया था और शाम को ताला लगाकर गया था। इस बयान के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें स्टाफ की भूमिका भी शामिल है।

     पुलिस जांच जारी

    पुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।

    चोरी से ज्यादा रहस्य गहरा

    उज्जैन की यह घटना सामान्य चोरी से अलग एक रहस्यमयी मामला बन गई है, जिसमें नकदी सुरक्षित छोड़कर केवल डेटा सिस्टम को निशाना बनाया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

  • खिड़की तोड़ भागीं नाबालिग, अब खुला बड़ा राज: एक फोन कॉल ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

    खिड़की तोड़ भागीं नाबालिग, अब खुला बड़ा राज: एक फोन कॉल ने बढ़ाई पुलिस की चिंता


    सतना । सतना के वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग लड़कियों के फरार होने के मामले में अब जांच ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर इसे केवल सुरक्षा में चूक माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आए एक रहस्यमयी फोन कॉल ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस को शक है कि इस फरारी के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की मदद हो सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, खिड़की तोड़कर भागने के कई घंटे बाद सोमवार रात करीब 9 बजे एक लड़की ने सतना रेलवे स्टेशन से अपने चाचा को फोन किया। फोन पर उसने सिर्फ इतना कहा कि वह देहरादून जा रही है। यह कॉल जैसे ही खत्म हुआ, मामला और उलझ गया। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी, लेकिन जब पुलिस ने उसी नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो मोबाइल बंद मिला।

    इस एक कॉल ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी। साइबर सेल की मदद से उस नंबर को सर्विलांस पर लिया गया, जिसमें लोकेशन सतना और जबलपुर के बीच ट्रेस हुई। पुलिस के अनुसार, फरार हुई लड़कियों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कॉल किसी अन्य व्यक्ति के फोन से किया गया था। यही वजह है कि अब इस मामले में बाहरी मददगार की भूमिका की आशंका मजबूत हो गई है।

    जांच में यह भी सामने आया है कि फरार होने के बाद तीनों किशोरियां पूरी रात एक स्कूल परिसर में छिपी रहीं। सुबह स्कूल खुलने से पहले वे वहां से निकल गईं और दिनभर शहर में इधर-उधर घूमती रहीं। इसके बाद रात में वे रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से ट्रेन पकड़ ली। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस बड़ी चूक के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले गार्ड को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही, वन स्टॉप सेंटर की खिड़कियों को पक्की दीवार से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो सके।

    फिलहाल पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। खासतौर पर उस रहस्यमयी कॉल और मोबाइल नंबर के जरिए संभावित मददगार तक पहुंचने की कोशिश जारी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली कहानी सामने आने की उम्मीद है।

  • रिश्तों में क्या हुआ ऐसा दर्द? नई-नवेली दुल्हन ने लगाई फांसी, हादसे ने बचा ली जान

    रिश्तों में क्या हुआ ऐसा दर्द? नई-नवेली दुल्हन ने लगाई फांसी, हादसे ने बचा ली जान


    ग्वालियर ।
    ग्वालियर के महाराजपुरा इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के महज दो दिन बाद ही एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि किस्मत ने उसका साथ दिया और फंदा तथा कुर्सी टूट जाने के कारण उसकी जान बच गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    जानकारी के मुताबिक, भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय सपना गुर्जर की शादी 25 अप्रैल 2026 को ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणगढ़ निवासी सौरभ गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन दो दिन बाद ही ससुराल में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद से आहत होकर सपना ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाने का प्रयास किया।

    घटना के दौरान अचानक फंदा और पैरों के नीचे रखी कुर्सी टूट गई, जिससे तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे, जहां सपना बेसुध हालत में मिली। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत Jayarogya Hospital पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर जरूर है, लेकिन फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उसके गले पर फंदे के निशान पाए गए हैं, जिससे आत्महत्या के प्रयास की पुष्टि होती है।

    घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, नवविवाहिता अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। जैसे ही वह होश में आएगी, उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर रही है और मायके पक्ष को भी सूचना दे दी गई है।

    उधर, सपना के परिजन भी भिंड से ग्वालियर पहुंच चुके हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर शादी के दो दिन बाद ही ऐसा क्या हुआ, जिसने नवविवाहिता को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। यदि जांच में किसी प्रकार की प्रताड़ना या दबाव की बात सामने आती है, तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है और सभी की निगाहें नवविवाहिता के बयान पर टिकी हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह उजागर करेगा।

  • प्रेमिका की शादी के दिन युवक ने ली आखिरी सांस ,गुना में सुसाइड से मचा हड़कंप

    प्रेमिका की शादी के दिन युवक ने ली आखिरी सांस ,गुना में सुसाइड से मचा हड़कंप


    गुना । मध्य प्रदेश के गुना से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है 25 वर्षीय प्रद्युम्न सिंह सहरिया की मौत ने न केवल उसके परिवार को झकझोर कर रख दिया है बल्कि प्रेम संबंधों के जटिल पहलुओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं

    जानकारी के अनुसार प्रद्युम्न ने मंगलवार शाम नेशनल हाईवे के किनारे जहरीला पदार्थ निगल लिया था इसके बाद वह खुद ही बदहवास हालत में पुलिस चौकी पहुंचा और अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बुधवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई

    प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इस आत्मघाती कदम के पीछे एक प्रेम संबंध की कहानी जुड़ी हुई है बताया जा रहा है कि प्रद्युम्न पहले से शादीशुदा था लेकिन करीब पांच साल पहले उसका एक युवती के साथ प्रेम संबंध शुरू हुआ था यह रिश्ता धीरे धीरे इतना गहरा हो गया कि उसने अपनी शादीशुदा जिंदगी से दूरी बना ली

    परिजनों के अनुसार प्रद्युम्न ने अपनी प्रेमिका के कहने पर करीब दो साल पहले अपनी पत्नी को छोड़ दिया था उसे उम्मीद थी कि अब वह अपनी प्रेमिका के साथ नई जिंदगी शुरू करेगा लेकिन हालात उसके मुताबिक नहीं रहे दोनों के बीच लगातार तनाव बना रहा और आखिरकार युवती ने उसके साथ रहने से इनकार कर दिया

    घटना ने तब और भी दुखद मोड़ ले लिया जब पता चला कि जिस दिन प्रद्युम्न की हालत अस्पताल में गंभीर बनी हुई थी उसी दिन उसकी प्रेमिका की शादी की रस्में बमोरी क्षेत्र में चल रही थीं इस संयोग ने इस पूरी घटना को और भी मार्मिक बना दिया

    स्थानीय लोगों के अनुसार प्रद्युम्न मानसिक रूप से काफी परेशान था और रिश्ते में आई दूरी को वह सहन नहीं कर पा रहा था हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे और कोई कारण तो नहीं है

    यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि भावनात्मक तनाव और रिश्तों में असंतुलन व्यक्ति को किस हद तक प्रभावित कर सकता है जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और समझदारी से स्थिति को संभाला जाए फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयान भी लिए जा रहे हैं वहीं पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है

  • सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा

    सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को रोकने के सनसनीखेज मामले में आखिरकार न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है और रेलवे कोर्ट ने इस गंभीर अपराध में शामिल आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है इस फैसले ने न केवल रेलवे सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया है बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

    इस मामले में आरोपी रेलवे कर्मचारी साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उसे 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है यह घटना 18 सितंबर 2024 की है जब जम्मू कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को खंडवा के डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच अचानक रोकना पड़ा था

    दरअसल रेलवे ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर के फटने से ट्रेन को आपात स्थिति में रोकना पड़ा था जिससे यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था यह मामला बेहद संवेदनशील था क्योंकि इसमें सेना की विशेष ट्रेन शामिल थी ऐसे में किसी भी बड़ी घटना की आशंका को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई

    घटना के बाद रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी थी रेलवे टीआई संजीव कुमार और उनकी टीम ने मौके से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया इस दौरान आरपीएफ की टीम और श्वान दस्ते के कुत्ते जेम्स की मदद से करीब 8 किलोमीटर तक सर्चिंग अभियान चलाया गया

    इस सर्चिंग के दौरान मिले सुरागों के आधार पर रेलवे कर्मचारी साबिर की पहचान हुई पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिससे जांच एजेंसियों को मामले की कड़ी जोड़ने में आसानी हुई इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी एनआईए और एटीएस जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हुई थीं

    जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए और इसके बाद मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया जहां विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई इस फैसले को रेलवे सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है

    यह मामला इस बात का उदाहरण है कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या आपराधिक कृत्य कितने गंभीर परिणाम ला सकते हैं अदालत के इस फैसले से यह संदेश गया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

    इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और यात्रियों के साथ साथ देश की महत्वपूर्ण सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके