Tag: MP Crime News

  • इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव

    इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव


    इंदौर । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करने वाले एक युवक की फंदे से लटकी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात की है। होटल कर्मचारियों ने जब युवक को काफी देर तक रिसेप्शन पर नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की। स्टाफ रूम में पहुंचने पर वह फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार घटना खालसा चौक स्थित ड्रीम पैलेस होटल की है। मृतक की पहचान सिवनी जिले के रहने वाले सोनू पुत्र सरदार बंजारा के रूप में हुई है। वह होटल में कर्मचारी के रूप में कार्यरत था और रात की ड्यूटी संभाल रहा था।

    होटल कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि देर रात कुछ ग्राहक होटल पहुंचे और काफी देर तक रिसेप्शन पर आवाज लगाते रहे लेकिन सोनू वहां नहीं आया। जब काफी समय तक उसका कोई पता नहीं चला तो एक कर्मचारी उसे तलाशते हुए स्टाफ के कमरे तक पहुंचा। वहां का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। सोनू कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    घटना की जांच के दौरान पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सोनू मोबाइल फोन पर किसी से बात करते हुए अपने कमरे की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है ताकि घटना से पहले हुई बातचीत और संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

    होटल प्रबंधन के मुताबिक सोनू करीब एक महीने पहले ही काम की तलाश में होटल पहुंचा था और उसे नौकरी पर रखा गया था। नियुक्ति के समय उसका आधार कार्ड लिया गया था लेकिन उसके पिछले कार्यस्थल या निजी परिस्थितियों की जानकारी होटल प्रबंधन के पास नहीं है। पुलिस अब उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है और उनसे पूछताछ के बाद आगे की जांच करेगी।

    इधर शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र से भी एक संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इंद्रा नगर निवासी सनोज पुत्र रामदास को परिजन मृत अवस्था में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    लसूडिया पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल की जांच और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।

  • इंदौर में साइबर ठगों का कहर, पेंशन कार्ड और सस्ती बाइक के झांसे में तीन लोगों से 4.57 लाख की ठगी

    इंदौर में साइबर ठगों का कहर, पेंशन कार्ड और सस्ती बाइक के झांसे में तीन लोगों से 4.57 लाख की ठगी


    इंदौर  इंदौर में साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शहर में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने, मोबाइल हैक करने और सस्ती बाइक दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से कुल 4.57 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। सभी मामलों में लसूडिया थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस लोगों से किसी भी अनजान कॉल, लिंक या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा नहीं करने की अपील कर रही है।

    पहले मामले में लसूडिया थाना क्षेत्र की सेटेलाइट टाउनशिप निवासी 75 वर्षीय अखिलेश गायकवाड़ को ठगों ने निशाना बनाया। 15 जून की शाम एक व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताते हुए उन्हें फोन किया और पेंशनधारकों के लिए नया पेंशन कार्ड जारी होने की जानकारी दी। चूंकि अखिलेश पहले इस कार्ड के लिए आवेदन कर चुके थे इसलिए उन्होंने कॉल करने वाले पर विश्वास कर लिया। आरोपी ने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी लेने के साथ ऑनलाइन फोटो भी प्राप्त कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल ठग के नियंत्रण में चला गया और खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.39 लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना का पता चलते ही उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरे मामले में स्लाइस-सी सेक्टर निवासी गोपाल वाकड़े साइबर ठगी का शिकार बने। 17 जून को उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल दोबारा चालू होने पर उन्हें खाते से 44 हजार रुपए निकलने का संदेश मिला। बैंक पहुंचने पर पता चला कि 98 हजार रुपए का एक और ट्रांजेक्शन भी हो चुका है। इस तरह उनके खाते से कुल करीब 1.42 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    तीसरा मामला एक छात्रा से जुड़ा है जिसे इंस्टाग्राम पर सस्ती बाइक खरीदने का विज्ञापन भारी पड़ गया। राजाबाग कॉलोनी में किराये से रहने वाली और मूल रूप से गंधवानी की निवासी पूजा झमेले ने 25 हजार रुपए में दोपहिया वाहन मिलने का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर आरोपी ने पहले दो हजार रुपए बुकिंग राशि के रूप में जमा कराए और बाद में ट्रांसपोर्ट चार्ज समेत अलग-अलग बहानों से कई किश्तों में पैसे मांगता रहा। गाड़ी की फोटो भेजकर भरोसा भी दिलाया गया। आखिरकार छात्रा से करीब 1.76 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। जब लंबे समय तक वाहन नहीं मिला तब उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस तीनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें, सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफरों की सत्यता जांचे बिना भुगतान न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत करें।

  • इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर

    इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर


    नई दिल्ली । इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार वैष्णवी अग्रवाल की शिकायत पर नया बेसरा निवासी सादिक उस्मान गनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सादिक अक्सर क्षेत्र में विवाद करता है। रविवार रात करीब नौ बजे वह घर के बाहर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर वैष्णवी के पति और अन्य लोग बाहर आए तथा उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सादिक ने वैष्णवी के पति के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद दंपती गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरी ओर सादिक गनी की पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वैष्णवी अग्रवाल और उनके पति कालूसिंह अग्रवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार कालूसिंह ने डंडे से हमला किया जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला का यह भी आरोप है कि जब उनके पति सादिक बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • दोस्ती के नाम पर बुलाया, फिर बीच रास्ते लूट ली कार, भोपाल में युवक के साथ वारदात से सनसनी

    दोस्ती के नाम पर बुलाया, फिर बीच रास्ते लूट ली कार, भोपाल में युवक के साथ वारदात से सनसनी


    भोपाल  राजधानी भोपाल में दोस्ती के भरोसे बुलाए गए एक युवक के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कोहेफिजा थाना क्षेत्र में परिचित युवकों ने पहले युवक को देर रात ढाबे पर बुलाया और फिर लौटते समय सुनसान इलाके में उसके साथ मारपीट कर कार लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और दो संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी को उसके परिचित आदित्य ने गुरुवार देर रात परवलिया स्थित एक ढाबे पर भोजन करने के लिए बुलाया था। वहां पहले से आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मोइन और बुशरा मौजूद थे। सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और इसके बाद तड़के करीब तीन बजे सौरव अपनी टाटा टियागो कार से सभी को लेकर भोपाल की ओर रवाना हुआ।

    जब कार मनुआभान टेकरी के पास पहुंची तो आदित्य ने अपने एक दोस्त से मिलने की बात कहकर वाहन रुकवाया। जैसे ही कार रुकी माहौल अचानक बदल गया। आरोप है कि चारों युवकों ने सौरव के साथ गाली गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इसी दौरान बाबर उर्फ मंडी ने सौरव को थप्पड़ मारकर कार की चाबी छीन ली और उसे धक्का देकर वाहन से नीचे उतार दिया। इसके बाद सभी आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गए और पीड़ित सड़क पर ही छूट गया।

    घटना के बाद सौरव ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर कोहेफिजा थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ लूट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी बाबर उर्फ मंडी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

    पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई कार बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि वारदात के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।

  • झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं

    झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर खरडू छोटी गांव के माल फालिया इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक बिना मुंडेर के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना का पता तब चला जब कुछ बच्चे कुएं के पास नीम के पेड़ पर खेल रहे थे।

    खेल के दौरान बच्चों की नजर अचानक कुएं के अंदर पड़ी, जहां उन्हें एक शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। घबराए बच्चों ने तुरंत गांव की ओर दौड़ लगाई और लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

    ग्रामीणों ने तत्काल मामले की सूचना गांव के तड़वी (ग्राम प्रमुख) को दी, जिन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही झाबुआ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।

    पुलिस ने मृतका की पहचान झकेला गांव निवासी 70 वर्षीय तितली बाई (पति दूला बामनिया) के रूप में की है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बुजुर्ग महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिससे मामले को लेकर कई पहलुओं पर जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तितली बाई रविवार शाम करीब 5 बजे एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए खरडू बड़ी गांव जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अनसिग नामक व्यक्ति के खेत में बने बिना मुंडेर के कुएं के पास उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे उनके गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि कुआं बिना मुंडेर का था, जिससे हादसे की संभावना और बढ़ जाती है। वहीं, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है।

    झाबुआ कोतवाली थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

    इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण प्रशासन से ऐसे खुले कुओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित कारणों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

  • ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत

    ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत



    ग्वालियर । ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक नाबालिग को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा कुछ समय के लिए पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता उसे वापस लेने नेहा के घर पहुंचे। इसी दौरान नाबालिग के घर लौटने को लेकर असहमति हो गई और विवाद शुरू हो गया।

    बताया जा रहा है कि नाबालिग घर जाने को तैयार नहीं था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद के दौरान पड़ोसी महिला ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें झगड़ा और कथित मारपीट दिखाई दे रही है।

    वीडियो बनाने के बाद महिला नेहा सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उनकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। वहीं, दूसरी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

    इंदरगंज पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • नरसिंहपुर मर्डर केस: हाथ-पैर बांधकर युवक की हत्या, शव को गहरी खाई में फेंका

    नरसिंहपुर मर्डर केस: हाथ-पैर बांधकर युवक की हत्या, शव को गहरी खाई में फेंका


    नई दिल्ली। राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, नरसिंहपुर के साईंखेड़ा में रहने वाली रीना किरार ने अपने बचपन के प्रेमी अरुण पटेल और उसके साथी हरनाम किरार के साथ मिलकर वीरू की हत्या की साजिश रची। वीरू को सोशल मीडिया के जरिए करीब 900 किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश बुलाया गया था।
    जांच में सामने आया कि 29 अप्रैल को वीरू जैसे ही रीना के घर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने बेसबॉल बैट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घर में फैला खून साफ किया गया, शव के हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप लगाया गया और बोरी में पैक कर XUV 700 से रायसेन जिले के नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के पास ले जाकर करीब 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया गया।
    7 मई को रायसेन के बाड़ी थाना क्षेत्र में सड़ी-गली लाश मिलने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई। मौके से मिले बैग और बच्चे की कॉपी ने केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। कॉपी में लिखावट के आधार पर पुलिस साईंखेड़ा पहुंची और फिर उज्जैन से रीना किरार, अरुण पटेल और हरनाम किरार को गिरफ्तार किया गया।
    पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह प्रेम संबंधों में जलन और विवाद था। जांच में यह भी सामने आया कि अरुण पटेल रीना के परिवार पर काफी पैसा खर्च करता था और उसने उसे SUV व जेवर भी दिलाए थे। वीरू का रीना से लगातार बढ़ता संपर्क अरुण को पसंद नहीं था, जिसके बाद साजिश रचकर हत्या कर दी गई।
  • सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ

    सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की अवधपुरी कॉलोनी में हुई 32 लाख रुपए की बड़ी चोरी का मामला 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    यह घटना कॉन्ट्रैक्टर दीपक जाधव के घर में हुई, जहां से चोरों ने करीब 7 लाख रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए सामान में लगभग 10 लाख रुपए का रानी हार, मंगलसूत्र, सोने की कटोरी, 20 सोने के मोती और चांदी के सिक्के शामिल बताए जा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार, घटना के समय दीपक जाधव का परिवार महाराष्ट्र गया हुआ था। 27 जून को जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले और पूरा घर बिखरा पड़ा था। अलमारी खोलने पर नकदी और कीमती जेवर गायब थे, जिससे परिवार के होश उड़ गए।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कॉलोनी में यह वारदात हुई, उसके आसपास पुलिसकर्मियों के आवास भी स्थित हैं। इसके बावजूद चोरों ने आसानी से घर को निशाना बनाया और फरार हो गए। इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
    घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
    थाना प्रभारी ने जल्द खुलासे का दावा किया था, लेकिन 15 दिन से ज्यादा समय बीतने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पीड़ित परिवार लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है और उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
    इस बड़ी चोरी के मामले में पुलिस की सुस्ती और अब तक कोई सफलता न मिलने से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।

  • उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित

    उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित


    नई दिल्ली। उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक में चोरों ने ताले तोड़कर अंदर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरों ने बैंक में रखे लगभग 85 लाख रुपए को बिल्कुल भी नहीं छुआ।

     CPU और डेटा सिस्टम को बनाया निशाना

    चोरों ने बैंक में घुसते ही सबसे पहले CCTV कैमरों के तार काट दिए और रिकॉर्डिंग सिस्टम (DVR) भी चुरा लिया। इसके बाद वे कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ा CPU अपने साथ ले गए, जिसमें बैंक का महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था।

    सबूत मिटाने की कोशिश

    घटना से साफ संकेत मिलता है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से बैंक के इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को निशाना बनाया। CCTV कैमरे और DVR चोरी होने से पुलिस की जांच में शुरुआती दिक्कतें सामने आ रही हैं।

     संदिग्ध परिस्थितियां, जांच तेज

    पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी नहीं लग रही है, क्योंकि नकदी को छोड़कर सिर्फ डेटा सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे किसी अंदरूनी जानकारी या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

    स्टाफ पर भी उठे सवाल

    बैंक के चपरासी ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बावजूद वह बैंक आया था और शाम को ताला लगाकर गया था। इस बयान के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें स्टाफ की भूमिका भी शामिल है।

     पुलिस जांच जारी

    पुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।

    चोरी से ज्यादा रहस्य गहरा

    उज्जैन की यह घटना सामान्य चोरी से अलग एक रहस्यमयी मामला बन गई है, जिसमें नकदी सुरक्षित छोड़कर केवल डेटा सिस्टम को निशाना बनाया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

  • खिड़की तोड़ भागीं नाबालिग, अब खुला बड़ा राज: एक फोन कॉल ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

    खिड़की तोड़ भागीं नाबालिग, अब खुला बड़ा राज: एक फोन कॉल ने बढ़ाई पुलिस की चिंता


    सतना । सतना के वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग लड़कियों के फरार होने के मामले में अब जांच ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर इसे केवल सुरक्षा में चूक माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आए एक रहस्यमयी फोन कॉल ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस को शक है कि इस फरारी के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की मदद हो सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, खिड़की तोड़कर भागने के कई घंटे बाद सोमवार रात करीब 9 बजे एक लड़की ने सतना रेलवे स्टेशन से अपने चाचा को फोन किया। फोन पर उसने सिर्फ इतना कहा कि वह देहरादून जा रही है। यह कॉल जैसे ही खत्म हुआ, मामला और उलझ गया। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी, लेकिन जब पुलिस ने उसी नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो मोबाइल बंद मिला।

    इस एक कॉल ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी। साइबर सेल की मदद से उस नंबर को सर्विलांस पर लिया गया, जिसमें लोकेशन सतना और जबलपुर के बीच ट्रेस हुई। पुलिस के अनुसार, फरार हुई लड़कियों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कॉल किसी अन्य व्यक्ति के फोन से किया गया था। यही वजह है कि अब इस मामले में बाहरी मददगार की भूमिका की आशंका मजबूत हो गई है।

    जांच में यह भी सामने आया है कि फरार होने के बाद तीनों किशोरियां पूरी रात एक स्कूल परिसर में छिपी रहीं। सुबह स्कूल खुलने से पहले वे वहां से निकल गईं और दिनभर शहर में इधर-उधर घूमती रहीं। इसके बाद रात में वे रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से ट्रेन पकड़ ली। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस बड़ी चूक के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले गार्ड को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही, वन स्टॉप सेंटर की खिड़कियों को पक्की दीवार से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो सके।

    फिलहाल पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। खासतौर पर उस रहस्यमयी कॉल और मोबाइल नंबर के जरिए संभावित मददगार तक पहुंचने की कोशिश जारी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली कहानी सामने आने की उम्मीद है।