एमपी में मानसूनी सिस्टम कमजोर, आज पूरे प्रदेश में कोई अलर्ट नहीं, कल हो सकती है तेज बारिश


भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। बुधवार को सैटेलाइट तस्वीरों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से बादल छंटे नजर आए और कहीं भी तेज बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन भी भारी बारिश से राहत रहेगी। IMD भोपाल ने गुरुवार को प्रदेश के किसी भी जिले में तेज बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। शुक्रवार को उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में इस समय बारिश कराने वाला कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है। पश्चिमी क्षेत्र में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन जरूर बना हुआ है, लेकिन इसका प्रदेश पर खास असर नहीं पड़ रहा है।

धूप तेज, कुछ जगह हल्की बारिश के आसार

सिस्टम कमजोर होने के कारण बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप निकली। भोपाल में भी अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। गुरुवार को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहने का अनुमान है। ज्यादातर स्थानों पर धूप रहेगी, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।

13 सितंबर से पश्चिमी एमपी में बढ़ेगा असर

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है, इसलिए तेज बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।

पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी अब कम हुई

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा पिछले एक सप्ताह में काफी सुधरा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से 1% तक कम है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 25% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

पिछले एक सप्ताह के दौरान पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने रहे। इससे बारिश के आंकड़ों में सुधार आया और सीजन में पहली बार पूर्वी क्षेत्र की स्थिति बेहतर हुई। हालांकि बुधवार तक यहां बारिश सामान्य से करीब 1% कम रही।

पश्चिमी एमपी के 21 जिलों में बारिश कम

पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है। कॉपी में खंडवा का नाम दो बार दर्ज है।

इन जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।