महावर-सिंदूर वाला लाल पानी कुत्तों को रखता है दूर? भोपाल में वायरल देसी नुस्खे का हुआ रियलिटी चेक


भोपाल। भोपाल की कई गलियों में इन दिनों घरों के बाहर लाल पानी से भरी प्लास्टिक की बोतलें टंगी नजर आ रही हैं। लोगों के बीच मान्यता है कि इन बोतलों को गेट के बाहर लटकाने से आवारा कुत्ते घर के आसपास नहीं आते और गंदगी से भी राहत मिलती है। कुछ लोग इसे पुराना देसी नुस्खा बताते हैं तो कुछ इसे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखते हैं। हालांकि इस दावे के पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक आधार सामने नहीं आया है।

नेहरू नगर में रहने वाली अमाया यादव बताती हैं कि उन्होंने बचपन से ही कई घरों के बाहर लाल पानी की बोतलें टंगी देखी हैं। इसी वजह से वह भी अपने घर के बाहर ऐसी बोतल लगाती हैं। उनके मुताबिक पानी में महावर सिंदूर या लाल रंग मिलाकर बोतल तैयार की जाती है और फिर इसे घर के गेट के बाहर टांग दिया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे आवारा कुत्ते घर के आसपास आने से बचते हैं।

भोपाल के कई इलाकों में यह तरीका देखने को मिल रहा है। अयोध्या बायपास से लेकर अवधपुरी नेहरू नगर रचना नगर गौतम नगर इंद्रपुरी बावड़ियाकलां कोलार कटारा और लालघाटी तक कई घरों के बाहर लाल पानी वाली बोतलें नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि कई लोग इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं जानते। उन्हें बस इतना पता है कि आसपास के दूसरे घरों में ऐसी बोतलें लगी हैं और इसलिए उन्होंने भी अपने घर के बाहर इसे लगा लिया।

निशि पटेल के मुताबिक लोगों में यह धारणा है कि कुत्तों को लाल रंग इंसानों की तरह साफ दिखाई नहीं देता। उनका मानना है कि हवा में हिलती हुई बोतल और उसमें दिखाई देने वाला प्रतिबिंब कुत्तों को असहज करता है और वे घर से दूर चले जाते हैं। कुछ बुजुर्ग इस परंपरा को बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से भी जोड़ते रहे हैं।

दीपांशी पटेल भी बताती हैं कि कई लोगों को इस नुस्खे की असली वजह मालूम नहीं है। उनका कहना है कि एक घर के बाहर बोतल देखकर दूसरे लोग भी इसे अपनाने लगते हैं और धीरे धीरे यह पूरे मोहल्ले में आम हो जाता है। कुछ लोगों को लगता है कि लाल पानी और रोशनी के प्रतिबिंब के कारण कुत्ते डर सकते हैं।

लेकिन वेटरनरी स्पेशलिस्ट डॉ. ब्रजेश गुप्ता इस दावे को वैज्ञानिक आधार वाला नहीं मानते। उनका कहना है कि कुत्ते इंसानों की तरह सभी रंगों को अलग अलग तरीके से नहीं देख पाते। उनके अनुसार कुत्तों की रंग पहचान सीमित होती है और वे नीले तथा पीले रंग को अपेक्षाकृत बेहतर देख सकते हैं। ऐसे में सिर्फ लाल रंग की बोतल देखकर कुत्तों के भागने का कोई पुख्ता वैज्ञानिक तर्क नहीं है।

इस दावे की हकीकत जानने के लिए भोपाल में रियलिटी चेक भी किया गया। रिपोर्टर ने कुछ इलाकों में कुत्तों के सामने लाल पानी से भरी बोतल रखकर देखा। इस दौरान कुत्तों पर इसका कोई खास असर नजर नहीं आया। न तो वे बोतल देखकर वहां से भागे और न ही उन्होंने पानी रखे जाने पर किसी तरह की आक्रामक प्रतिक्रिया दी। इससे साफ है कि लाल पानी की बोतल को कुत्तों को दूर रखने का पक्का वैज्ञानिक उपाय मानने से पहले उसके दावे और वास्तविक असर में फर्क समझना जरूरी है।