17 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में गोचर, मेष समेत 5 राशियों को रिश्तों, धन और करियर में रहना होगा सावधान


नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व और पिता का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ने की मान्यता है। 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य करीब एक महीने तक तुला राशि में रहेंगे और 16 नवंबर 2026 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और वैदिक ज्योतिष में सूर्य को तुला राशि में नीच का माना जाता है। ऐसे में इस अवधि को कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

मेष राशि वालों के लिए सूर्य का तुला गोचर रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है। इस दौरान अहंकार के कारण परिस्थितियां बिगड़ने से बचना जरूरी होगा। धन से जुड़े फैसले भी सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। किसी महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय में जल्दबाजी करने से परेशानी बढ़ सकती है।

मिथुन राशि वालों को आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। धन से जुड़ी योजनाओं में मनमुताबिक परिणाम नहीं मिलने से तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान अनावश्यक खर्च सामने आने की संभावना भी बताई गई है। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। आर्थिक योजनाओं को लेकर सावधानी रखने से संभावित परेशानियों से बचा जा सकता है।

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का तुला गोचर खर्च बढ़ाने वाला हो सकता है। गैरजरूरी चीजों पर धन खर्च होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है और परिवार में किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय संयम रखना बेहतर रहेगा। इस अवधि में कामकाज और पारिवारिक मामलों के बीच संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देना जरूरी होगा।

धनु राशि वालों के लिए यह गोचर कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। काम बनते-बनते रुक सकते हैं और प्रयासों के बावजूद परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। इस दौरान मानसिक तनाव और स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करने की सलाह दी गई है। वहीं कुंभ राशि वालों को निवेश और करियर से जुड़े फैसलों में विशेष सावधानी रखनी होगी। जोखिम भरे निवेश से बचना बेहतर रहेगा। कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विवाद परेशानी बढ़ा सकता है और मेहनत के अनुरूप सफलता मिलने में समय लग सकता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य को मजबूत करने के लिए रोज सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित किया जा सकता है। जल में लाल फूल या रोली डालने की भी परंपरा है। रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले सूर्य के तुला गोचर के दौरान इन पांच राशियों को अपने रिश्तों, आर्थिक फैसलों, करियर और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।