भोपाल में पहली बार सजेगी सेना दिवस परेड, आसमान में गरजेंगे लड़ाकू विमान और टैंकों से दिखेगी ताकत


भोपाल । मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में सेना दिवस 2027 के आयोजनों का शुभारंभ एक खास पहल के साथ किया गया। शौर्य स्मारक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने संकल्प वृक्ष का रोपण किया। इस पौधे को खास बनाने के लिए इसमें प्रदेश के सभी 55 जिलों से लाई गई मिट्टी मिलाई गई। एनसीसी कैडेट्स ने अपने-अपने जिलों से मिट्टी एकत्रित की और उसे कलशों में भरकर भोपाल पहुंचाया। इसके बाद सभी जिलों की मिट्टी को एक साथ मिलाकर संकल्प वृक्ष लगाया गया। इस पहल के माध्यम से प्रदेश की एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सेना और एनसीसी ने संकल्प वृक्ष के जरिए एक अनूठा प्रयोग किया है। प्रदेश के सभी 55 जिलों की मिट्टी को एक स्थान पर मिलाकर पौधे का रोपण करना मध्यप्रदेश की सामूहिक पहचान और एकजुटता को दर्शाता है। उन्होंने इस पहल के लिए सेना और एनसीसी के अधिकारियों तथा कैडेट्स को बधाई दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह वृक्ष केवल एक पौधा नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की एकता और साझा संकल्प का प्रतीक है।

भोपाल में अगले साल 15 जनवरी को 79वां सेना दिवस मनाया जाएगा। यह राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा क्योंकि पहली बार यहां सेना दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भारतीय सेना की ताकत और आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन होगा। सेना की ओर से दिखाई गई लघु फिल्म में आयोजन की झलक प्रस्तुत की गई। इसमें आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना से लेकर जमीन पर टैंकों की रफ्तार तक सेना के शौर्य को प्रदर्शित करने की तैयारी दिखाई गई।

सेना दिवस परेड में सुदर्शन चक्र कोर के जवान कॉम्बैट ड्रिल्स और युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय टैंकों की ताकत के साथ आधुनिक सैन्य तकनीक और उपकरणों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए आम लोगों को सेना के अनुशासन वीरता और राष्ट्रसेवा की भावना को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। सेना की आधुनिक तैयारियों और युद्ध क्षमता की झलक युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1 नवंबर से 15 जनवरी तक सेना दिवस से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है जबकि वर्ष 2027 युवा वर्ष होगा। ऐसे में युवा वर्ष की शुरुआत सेना के शौर्य और पराक्रम से होना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का अनुशासन और देश के प्रति समर्पण युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर शाम को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान कल्याण वर्ष के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और विभिन्न कार्यक्रमों के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल विधायक भगवान सबनानी और महापौर मालती राय सहित सेना तथा प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सांस्कृतिक ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सेना दिवस परेड और इससे जुड़े कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार और प्रशासन हरसंभव सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी 55 जिलों से एनसीसी कैडेट्स द्वारा मिट्टी लाकर संकल्प वृक्ष का रोपण करना इस आयोजन को विशेष पहचान देता है।

गौरतलब है कि भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली थी। इस ऐतिहासिक घटना की याद में सेना दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2027 में इसकी 79वीं वर्षगांठ होगी। भोपाल में होने वाली परेड प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की वीरता और आधुनिक सैन्य क्षमता से रूबरू कराने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगी।