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  • भोपाल में पहली बार सजेगी सेना दिवस परेड, आसमान में गरजेंगे लड़ाकू विमान और टैंकों से दिखेगी ताकत

    भोपाल में पहली बार सजेगी सेना दिवस परेड, आसमान में गरजेंगे लड़ाकू विमान और टैंकों से दिखेगी ताकत


    भोपाल । मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में सेना दिवस 2027 के आयोजनों का शुभारंभ एक खास पहल के साथ किया गया। शौर्य स्मारक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने संकल्प वृक्ष का रोपण किया। इस पौधे को खास बनाने के लिए इसमें प्रदेश के सभी 55 जिलों से लाई गई मिट्टी मिलाई गई। एनसीसी कैडेट्स ने अपने-अपने जिलों से मिट्टी एकत्रित की और उसे कलशों में भरकर भोपाल पहुंचाया। इसके बाद सभी जिलों की मिट्टी को एक साथ मिलाकर संकल्प वृक्ष लगाया गया। इस पहल के माध्यम से प्रदेश की एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सेना और एनसीसी ने संकल्प वृक्ष के जरिए एक अनूठा प्रयोग किया है। प्रदेश के सभी 55 जिलों की मिट्टी को एक स्थान पर मिलाकर पौधे का रोपण करना मध्यप्रदेश की सामूहिक पहचान और एकजुटता को दर्शाता है। उन्होंने इस पहल के लिए सेना और एनसीसी के अधिकारियों तथा कैडेट्स को बधाई दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह वृक्ष केवल एक पौधा नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की एकता और साझा संकल्प का प्रतीक है।

    भोपाल में अगले साल 15 जनवरी को 79वां सेना दिवस मनाया जाएगा। यह राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा क्योंकि पहली बार यहां सेना दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भारतीय सेना की ताकत और आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन होगा। सेना की ओर से दिखाई गई लघु फिल्म में आयोजन की झलक प्रस्तुत की गई। इसमें आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना से लेकर जमीन पर टैंकों की रफ्तार तक सेना के शौर्य को प्रदर्शित करने की तैयारी दिखाई गई।

    सेना दिवस परेड में सुदर्शन चक्र कोर के जवान कॉम्बैट ड्रिल्स और युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय टैंकों की ताकत के साथ आधुनिक सैन्य तकनीक और उपकरणों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए आम लोगों को सेना के अनुशासन वीरता और राष्ट्रसेवा की भावना को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। सेना की आधुनिक तैयारियों और युद्ध क्षमता की झलक युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1 नवंबर से 15 जनवरी तक सेना दिवस से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है जबकि वर्ष 2027 युवा वर्ष होगा। ऐसे में युवा वर्ष की शुरुआत सेना के शौर्य और पराक्रम से होना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का अनुशासन और देश के प्रति समर्पण युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर शाम को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान कल्याण वर्ष के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और विभिन्न कार्यक्रमों के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल विधायक भगवान सबनानी और महापौर मालती राय सहित सेना तथा प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

    सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सांस्कृतिक ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सेना दिवस परेड और इससे जुड़े कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार और प्रशासन हरसंभव सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी 55 जिलों से एनसीसी कैडेट्स द्वारा मिट्टी लाकर संकल्प वृक्ष का रोपण करना इस आयोजन को विशेष पहचान देता है।

    गौरतलब है कि भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली थी। इस ऐतिहासिक घटना की याद में सेना दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2027 में इसकी 79वीं वर्षगांठ होगी। भोपाल में होने वाली परेड प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की वीरता और आधुनिक सैन्य क्षमता से रूबरू कराने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगी।

  • MP: हाथियों से टूटे घरों को पक्का बनाकर देगी सरकार… CM मोहन यादव ने किया ऐलान

    MP: हाथियों से टूटे घरों को पक्का बनाकर देगी सरकार… CM मोहन यादव ने किया ऐलान


    शहडोल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने 2024 के संग्रह वर्ष के लिए तेंदू पत्ता (Tendu leaves) इकट्ठा करने वाले 9.77 लाख लोगों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 22.89 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जिन परिवारों के घर हाथियों के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ‘पक्के’ घर दिए जाएंगे. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऐसी खबरें हैं कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) से 37 और जंगली हाथी शहडोल में आ गए हैं, जिससे हाथियों की कुल संख्या 62 हो गई है।

    शहडोल में तेंदू पत्ता बोनस वितरण और विकास कार्यों से जुड़े एक कार्यक्रम में यादव ने कहा, “हमारी सरकार फाइलों से नहीं, बल्कि फैसलों से चलती है. यह जन कल्याण, विकास और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है. विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और हर परिवार को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

    अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने शहडोल जिले में 461.73 करोड़ रुपये की लागत वाले 134 विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उनका उद्घाटन किया. उन्होंने 22.14 करोड़ रुपये की लागत से बनी वन विभाग की एक कार्यालय इमारत का भी उद्घाटन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बोनस का वितरण इस बात को दर्शाता है कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि तेंदू पत्ता इकट्ठा करने वालों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले।


    शहडोल में तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण

    उन्होंने उन लोगों के लिए ‘पक्के’ घरों की घोषणा की, जिनके घर जंगली हाथियों के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे। यादव ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास ‘रेस्क्यू ज़ू सेंटर’ (बचाव चिड़ियाघर केंद्र) स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ‘होमस्टे’ (पर्यटकों के ठहरने की जगह) बनाने के लिए 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी देगी।

    यादव ने कहा, “सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और वन उत्पादों पर निर्भर परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रही है.” शहडोल संभाग में फुटबॉल के प्रति लोगों की रुचि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में युवा खेल प्रतिभाओं को निखारने की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने बताया कि 5.10 करोड़ रुपये की लागत से खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. यादव ने शहडोल में एक इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इससे बच्चों और युवाओं को अलग-अलग खेलों का अभ्यास करने और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने के बेहतर अवसर मिलेंगे.

    शहडोल में प्रस्तावित स्टील प्लांट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने पर लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से कांग्रेस नेता असहज हैं. अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

    इस बीच, शहडोल दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आए इन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर ही रोक दिया। हाथापाई के बाद, पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. अवस्थी ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी।

  • इंदौर में विशाल चुनरी यात्रा शुरू, बड़ा गणपति से बिजासन माता मंदिर तक निकलेगा जुलूस, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन

    इंदौर में विशाल चुनरी यात्रा शुरू, बड़ा गणपति से बिजासन माता मंदिर तक निकलेगा जुलूस, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन


    इंदौर । नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर में मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विशाल चुनरी यात्रा की शुरुआत हो गई है। रविवार को बड़ा गणपति चौराहे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। लाखों सितारों से सुसज्जित ढाई किलोमीटर से अधिक लंबी चुनरी बिजासन माता को अर्पित की जाएगी।
    आयोजन को लेकर शहर में व्यापक तैयारियां की गई हैं और यात्रा मार्ग पर व्यवस्था संभालने के लिए तीन हजार चुनरी रक्षकों को तैनात किया गया है।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निर्धारित कार्यक्रमों के तहत पहले लालबाग पहुंचे। इसके बाद वे एमवाय अस्पताल में मशीन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां से मुख्यमंत्री बड़ा गणपति चौराहे पहुंचे और चुनरी यात्रा की शुरुआत की। वे कार्यक्रम स्थल पर करीब 10 से 12 मिनट तक रुके और संक्षिप्त संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने लोगों को नवरात्रि दशहरा और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वे सुसज्जित वाहन में पहुंचे और वहां से रवाना हो गए।
    यात्रा बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर वायरलेस चौराहा और कालानी नगर होते हुए एरोड्रम थाना क्षेत्र से गुजरेगी। इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था पंचशील नगर और बाबू मुराई कॉलोनी से होते हुए एयरपोर्ट प्रवेश द्वार के रास्ते बिजासन माता मंदिर पहुंचेगा। यात्रा का प्रमुख आकर्षण लाखों सितारों से सजी विशाल चुनरी है जिसे माता को अर्पित किया जाएगा। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।
    आयोजन को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए तीन हजार चुनरी रक्षकों की तैनाती की गई है। ये रक्षक प्रमुख चौराहों पर यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने में सहयोग करेंगे। यात्रा संयोजकों ने नागरिकों से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। यात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट रहेगा ताकि भीड़ के बीच वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।
    यात्रा के कारण गंगवाल और राजमोहल्ला चौराहे पर सिटी बसों तथा बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। नगर निगम चौराहे पर भी बड़े वाहनों के लिए डायवर्जन रहेगा। महेश नगर में कार और दोपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। गोराकुंड और अंतिम चौराहे से बड़ा गणपति की ओर आने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जाएगा। टोरी कॉर्नर पर मल्हारगंज की ओर से आने वाले वाहनों को गोराकुंड की तरफ मोड़ा जाएगा जबकि गोपाल बिल्डिंग के पास वाहनों को कैलाश मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
    एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी यात्रा मार्ग पर संभावित भीड़ और यातायात बदलाव को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है। एरोड्रम जाने के लिए वाहन चालक मरीमाता से किला मैदान और टाटा स्टील होते हुए 60 फीट एसएफए टर्निंग तथा पंचशील मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा छोटा बांगड़दा से सुपर कॉरिडोर होते हुए एयरपोर्ट पहुंचने का विकल्प भी रहेगा। भंवरकुआं अन्नपूर्णा और महू नाका की ओर से आने वाले यात्री चंदन नगर सिरपुर जवाहर टेकरी और चोइथराम अस्पताल चौराहे से नावदा तथा ग्राम रिजलाय होते हुए हिंकारगिरी के रास्ते एयरपोर्ट जा सकेंगे।
    यात्रा संयोजक सुदर्शन गुप्ता ने नागरिकों से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बड़ा गणपति मंदिर से बिजासन माता मंदिर तक के मार्ग पर अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है। जरूरी काम होने पर वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को उड़ान के समय से पर्याप्त पहले घर से निकलने को कहा गया है ताकि रास्ते में संभावित जाम के कारण परेशानी न हो।

  • ग्वालियर में देर रात भीषण हादसे से मचा कोहराम, दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को कुचला, CSP हटाए गए और 8 निलंबित

    ग्वालियर में देर रात भीषण हादसे से मचा कोहराम, दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को कुचला, CSP हटाए गए और 8 निलंबित


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। चीनौर रोड पर दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को धान से भरे एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और मंदिर परिसर के आसपास चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
    जानकारी के मुताबिक हादसा शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ। उस समय शीतला माता मंदिर में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। कई लोग सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर अचानक बेकाबू हो गया। बताया गया है कि घटनास्थल पर सड़क का ढलान काफी तीखा है। ट्रक लोगों को रौंदता हुआ आगे बढ़ा और पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए।
    ट्रक चालक ने पुलिस को बताया कि वाहन के ब्रेक फेल हो गए थे। खबर के मुताबिक वह गूगल मैप की मदद से ट्रक चला रहा था। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों और उसमें किसी तरह की लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद पुलिस और राहत दल ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घायलों को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।
    हादसे में घायल थाटीपुर निवासी अभिषेक ने बताया कि वह उस समय हाथ-पैर धो रहे थे जब अचानक सामने से ट्रक आ गया। उनके मुताबिक ट्रक उन्हें घसीटते हुए आगे ले गया। एक व्यक्ति ने उन्हें तलाशकर बाहर निकाला जिससे उनकी जान बच सकी। हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद मृतकों के शव उनके परिजनों तक पहुंचाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
    घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को पद से हटाया गया है। इसके साथ ही आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव और आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा सहित यातायात पुलिस के अधिकारी तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। यह कार्रवाई हादसे के दौरान कथित लापरवाही के मामले में की गई है।
    मुख्यमंत्री ने मृतकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है। उन्होंने हादसे में घायल सभी लोगों का निशुल्क इलाज कराने की घोषणा की है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी घटना पर दुख जताया और मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
    अष्टमी के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रहने के बीच इस हादसे ने धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीखे ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है। हादसे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रक के बेकाबू होने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में चूक के लिए कौन से कारण जिम्मेदार थे।

  • इंदौर में चुनरी यात्रा को लेकर ट्रैफिक अलर्ट, कई प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन, एयरपोर्ट जाने वालों के लिए वैकल्पिक मार्ग जारी

    इंदौर में चुनरी यात्रा को लेकर ट्रैफिक अलर्ट, कई प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन, एयरपोर्ट जाने वालों के लिए वैकल्पिक मार्ग जारी


    इंदौर । इंदौर में नवरात्रि के अवसर पर आज विशाल चुनरी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर बिजासन माता मंदिर तक पहुंचने वाली इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। लाखों सितारों से सुसज्जित ढाई किलोमीटर से अधिक लंबी चुनरी माता को अर्पित की जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए तीन हजार चुनरी रक्षकों की तैनाती की गई है।
    यात्रा सुबह 10 बजे बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था वायरलेस चौराहा और कालानी नगर होते हुए एरोड्रम थाना क्षेत्र से गुजरेगा। यात्रा पंचशील नगर और बाबू मुराई कॉलोनी से होते हुए एयरपोर्ट प्रवेश द्वार के रास्ते बिजासन माता मंदिर पहुंचेगी। यात्रा संयोजक और भाजपा के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता के मुताबिक आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख चौराहों पर तैनात चुनरी रक्षक यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करेंगे। आपसी तालमेल बनाए रखने के लिए उनके पास वॉकी-टॉकी भी रहेंगे।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले लालबाग गए और इसके बाद एमवाय अस्पताल में मशीन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां से उनके बड़ा गणपति चौराहे पहुंचकर चुनरी यात्रा में शामिल होने का कार्यक्रम है। आयोजन में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों के भी मौजूद रहने की जानकारी दी गई है।
    यात्रा के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। गंगवाल और राजमोहल्ला चौराहे पर सिटी बसों और बड़े वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। नगर निगम चौराहे पर भी बड़े वाहनों और सिटी बसों के लिए डायवर्जन रहेगा। महेश नगर में कार और दोपहिया वाहनों की आवाजाही को बदला जाएगा। गोराकुंड और अंतिम चौराहे पर बड़ा गणपति की ओर आने वाले वाहनों को दूसरे मार्गों से निकाला जाएगा। टोरी कॉर्नर पर मल्हारगंज की ओर से आने वाले वाहन गोराकुंड की तरफ भेजे जाएंगे जबकि गोपाल बिल्डिंग के पास वाहनों को कैलाश मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
    कर्णावतपुरा तिराहे और बड़वाली चौकी से बड़ा गणपति की ओर जाने वाले वाहन भी वैकल्पिक मार्गों से गुजरेंगे। वायरलेस चौराहे और कालानी नगर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग स्थानों पर डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। दिलीप नगर टी से बिजासन माता मंदिर की ओर जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जाएगा। सुपर कॉरिडोर चौराहे से बिजासन टी की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा।
    एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एरोड्रम की ओर जाने के लिए वाहन चालक मरीमाता से किला मैदान और टाटा स्टील होते हुए 60 फीट एसएफए टर्निंग तथा पंचशील मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। दूसरा विकल्प छोटा बांगड़दा से सुपर कॉरिडोर होते हुए एयरपोर्ट पहुंचने का है। भंवरकुआं और अन्नपूर्णा सहित महू नाका की ओर से आने वाले वाहन चंदन नगर और सिरपुर होते हुए जवाहर टेकरी तथा चोइथराम अस्पताल चौराहे से नावदा और ग्राम रिजलाय के रास्ते हिंकारगिरी होकर एयरपोर्ट जा सकेंगे।
    आयोजकों ने नागरिकों से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक यात्रा मार्ग पर अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है। जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को उड़ान के समय को ध्यान में रखकर घर से पर्याप्त समय पहले निकलना चाहिए ताकि सड़क पर संभावित जाम के कारण परेशानी न हो।

  • MP में फिर OBC आरक्षण की गूंज… राहुल गांधी ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर की ये मांग

    MP में फिर OBC आरक्षण की गूंज… राहुल गांधी ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर की ये मांग


    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में एक बार फिर ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) का मुद्दा गर्मा गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) को चिट्ठी लिखकर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और इसके तहत रुकी हुई नियुक्तियों का रास्ता साफ करने की मांग की है।

    22 सितंबर को लिखी चिट्ठी राहुल गांधी ने कहा कि शनिवार को इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के कई छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे उनके सामने रखे थे. इनमें OBC आरक्षण से जुड़ी नियुक्तियों के रुके होने का मुद्दा प्रमुख था।

    राहुल गांधी ने चिट्ठी में कहा कि छात्रों ने बताया कि नियुक्तियों में लंबे समय से हो रही देरी के कारण वे अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं. इन युवाओं ने परीक्षाएं पास कर ली हैं और चयन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन ’87:13′ फॉर्मूले के कारण OBC आरक्षण से जुड़े 13 प्रतिशत पदों को होल्ड पर रखा गया है. इसके चलते चयनित अभ्यर्थी 2022 से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

    राहुल गांधी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने 27 प्रतिशत OBC आरक्षण का सर्वसम्मति से समर्थन किया था, इसके बावजूद यह मामला अब तक नहीं सुलझ पाया है. उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में हो रही देरी के कारण अभ्यर्थियों को OBC आरक्षण लागू कराने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

    राहुल गांधी ने अपना पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया. उन्होंने लिखा कि इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान OBC वर्ग के छात्रों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के तहत 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां वर्षों से रुकी हुई हैं. राहुल ने कहा कि छात्र बेहद परेशान हैं और चार साल से अधिक समय से इंतजार कर रहे इन युवाओं का कीमती समय अब और बर्बाद नहीं होना चाहिए।

    उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से छात्रों की मांग सुनने की अपील करते हुए कहा कि सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित 27 प्रतिशत OBC आरक्षण को लागू किया जाए और सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जाएं।

  • MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा- नीमच में बनेगा नया एयरपोर्ट…. स्टेडियम की भी सौगात

    MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा- नीमच में बनेगा नया एयरपोर्ट…. स्टेडियम की भी सौगात


    नीमच।
    राजस्थान (Rajasthan) की सीमा से सटे मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemuch) को जल्द ही नए एयरपोर्ट (New Airport) और खेल स्टेडियम की बड़ी सौगात मिलने जा रही है. नीमच के पास ही पड़ोसी राज्य राजस्थान के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, झालावाड़ और कोटा जैसे प्रमुख जिले स्थित हैं; ऐसे में नीमच में नए एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल मध्य प्रदेश के मालवा अंचल, बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों के साथ भी कनेक्टिविटी और व्यापार को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।

    रविवार को नीमच के अग्रोहा भवन में आयोजित ‘सेवा से संकल्प अभियान’ के अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने यह घोषणाएं कीं. उन्होंने क्षेत्र के विकास, नागरिकों के उद्यमशीलता और हाल ही में कूनो के बाद नीमच-मंदसौर सीमा पर स्थित गांधी सागर अभ्यारण्य में शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट को जिले की बड़ी उपलब्धि बताया।


    राजस्थान से सटे इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा नया एयरपोर्ट

    राजस्थान के कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिलों से सीधा जुड़े होने के कारण नीमच में हवाई सेवाओं का विस्तार पूरे क्षेत्र के लिए व्यापारिक और पर्यटन की दृष्टि से गेम-चेंजर माना जा रहा है।


    ग्वालियर की सड़कों के सैंपल फेल, हाईकोर्ट ने निगम कमिश्नर से मांगा जवाब

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट बनने से नीमच का सीधा जुड़ाव देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से होगा. इसके अलावा, जिले में बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम बनने से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे.


    गांधी सागर में ‘मादा चीता’ की रिहाई से बढ़ेगा पर्यटन

    प्रोजेक्ट चीता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नीमच जिले के खिमला क्षेत्र में मादा चीता ‘राधा’ को रिलीज किया गया है. उन्होंने कहा कि कूनो के बाद गांधी सागर को चीतों का ‘सेकंड होम’ बनाने से क्षेत्र में वाइल्डलाइफ टूरिज्म और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों के लिए आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।

    इस अवसर पर स्थानीय विधायक दिलीप सिंह परिहार ने 2 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर ‘सेवा से संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करने पर खुशी जताई और गांधी सागर बांध से किसानों को मिल रहे सिंचाई के लाभ के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

  • "समुद्र न होता तो अरब तक चुनाव लड़ने पहुंच जाते" CM मोहन यादव का गांधी परिवार पर तीखा तंज

    "समुद्र न होता तो अरब तक चुनाव लड़ने पहुंच जाते" CM मोहन यादव का गांधी परिवार पर तीखा तंज


    आगर मालवा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और उनके परिवार के चुनावी क्षेत्रों को लेकर तीखा तंज कसा। आगर मालवा में सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि यह परिवार दिल्ली से चुनाव लड़ने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों से चुनाव लड़ता रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर बीच में समुद्र नहीं होता तो चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों तक पहुंच जाते।

    मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और उनके परिवार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो दिल्ली से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और परिवार के अन्य नेताओं ने दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि वहां के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते थे।

    रायबरेली-अमेठी से वायनाड तक तंज

    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि गांधी परिवार अब उत्तर प्रदेश की रायबरेली और अमेठी से आगे निकल चुका है।

    उन्होंने कहा कि लोग यह भी कहते हैं कि बीच में समुद्र आ गया, वरना ये नेता चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों या किसी और जगह तक पहुंच जाते।

    राहुल पर ‘पप्पू’ वाले बयान से हमला

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर न्यायपालिका और सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीक के इस्तेमाल के साथ लोकतंत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन राहुल गांधी इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

    इसी दौरान यादव ने राहुल गांधी को लेकर ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि नाम ही ‘पप्पू’ है तो काम भी उसी तरह करेंगे, इसमें क्या किया जा सकता है।

    इंदौर के कांग्रेस कार्यक्रम को लेकर भी निशाना

    मोहन यादव ने इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों और युवाओं की बात करने के नाम पर राहुल गांधी मध्य प्रदेश में ‘झूठ का पुलिंदा’ लेकर आ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य सरकार ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में गलत जानकारी फैला रही है।

    यादव ने राहुल गांधी से मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकारें राज्य में डकैतों और नक्सलवाद की समस्या को रोकने में नाकाम रही थीं। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार ने राज्य से डकैतों और नक्सलियों दोनों का सफाया कर दिया है।

    लाड़ली बहना के खातों में 1,835 करोड़

    सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों के खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं और महिला लाभार्थियों को दी जा रही आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया गया।

  • इंदौर से MP के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई दिशा 2030 तक का विजन तैयार PPP मॉडल और AI से बदलेगा बसों का संचालन

    इंदौर से MP के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई दिशा 2030 तक का विजन तैयार PPP मॉडल और AI से बदलेगा बसों का संचालन

    इंदौर । मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है जो आधुनिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो। सरकार का फोकस पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के जरिए यात्री परिवहन को मजबूत करने पर रहेगा।

    समिट में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल समेत देशभर से आए परिवहन विशेषज्ञ निजी बस ऑपरेटर राज्य परिवहन उपक्रमों आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन के भविष्य को लेकर विस्तार से मंथन किया जाएगा।

    समिट का प्रमुख केंद्र मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा है। सरकार मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी MPYPIL के माध्यम से परिवहन व्यवस्था में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही आधुनिक आईटी सिस्टम और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन को भी बढ़ावा देने की योजना है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही परिवहन व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।

    समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो और हैकाथॉन का भी शुभारंभ किया जा रहा है। एक्सपो में बस निर्माता कंपनियों आईटी कंपनियों वित्तीय संस्थानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने अपने तकनीकी समाधान और नए प्रयोग प्रदर्शित किए हैं। इस मौके पर MPYPIL के नए लोगो और विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा।

    दो दिवसीय समिट में कुल आठ प्रमुख सत्र आयोजित होंगे। इनमें MP मोबिलिटी विजन 2030 PPP मॉडल के जरिए निवेश बस संचालन में वित्तीय आत्मनिर्भरता रोजगार और उद्यमिता यात्री सुरक्षा AI आधारित रूट प्लानिंग ग्रीन मोबिलिटी और एकीकृत टिकटिंग सिस्टम जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ इस बात पर भी सुझाव देंगे कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को किस तरह तकनीक से जोड़ा जाए ताकि यात्रियों को कम समय में बेहतर और सुरक्षित सेवा मिल सके।

    ग्रीन मोबिलिटी पर भी खास जोर रहेगा। समिट में इलेक्ट्रिक हाइड्रोजन और फ्लेक्स फ्यूल बसों को लेकर संभावनाओं पर चर्चा होगी। इनके संचालन के लिए चार्जिंग और रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत पर भी विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा AI और रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से बसों के रूट और शेड्यूल को बेहतर बनाने पर मंथन होगा।

    समिट में टाटा मोटर्स ईकेए मोबिलिटी ग्रीनसेल मोबिलिटी वोल्वो आयशर स्विच मोबिलिटी रैपिडो चलो मोबिलिटी यश टेक्नोलॉजीज SBI और इंडियन ऑयल समेत कई प्रमुख संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। WRI इंडिया BITS पिलानी CEPT अहमदाबाद KPMG और DIMTS के विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। माना जा रहा है कि इस समिट से मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था के लिए नई नीति और निवेश के रास्ते मजबूत होंगे।

  • 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें

    1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें


    भोपाल । भोपाल में आयोजित लैपटॉप वितरण कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक साथ 1 लाख 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की बड़ी पहल की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से लैपटॉप सौंपे जबकि 1 लाख 21 हजार 804 पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रहने बल्कि जीवन की हर चुनौती से सीखते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने पर उसे सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए और असफलता आने पर निराश होकर रुकने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर नई शुरुआत करनी चाहिए। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ नॉलेज और स्किल्स को मजबूत करना भी आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों के सामने जीवन के बदलते दौर का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरसना पड़ता था लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सीखोगे तो कल कमाओगे। उनके अनुसार लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं बल्कि डिजिटल लर्निंग ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंचने का माध्यम है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देकर विद्यार्थियों को संघर्ष का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि जिस पत्थर में छेनी और हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है और सम्मान पाता है। जीवन की कठिनाइयां भी इंसान को इसी तरह मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही हार सकता है लेकिन जीत का सपना भी वही देखता है जो मुकाबला करने का साहस रखता है।

    लैपटॉप योजना के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसकी शुरुआत कभी केवल 473 विद्यार्थियों से हुई थी लेकिन आज इसका दायरा बढ़कर 1 लाख 21 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के सपने भी साझा किए। 12वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि वह पहले यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं और आगे चलकर राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। वहीं 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने नौकरी करने के साथ भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने और नौकरी देने वाली बनने की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल डॉक्टर इंजीनियर और वकील बनने का सपना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अच्छे किसान और योग्य राजनेता भी समाज और देश की जरूरत हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर मार्गदर्शन से कमजोर शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 92 हजार थी। उन्होंने कहा कि लैपटॉप योजना से अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और सरकार इस योजना पर लगभग 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। साथ ही करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी भी आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर माहौल मिल सके।