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  • 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें

    1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें


    भोपाल । भोपाल में आयोजित लैपटॉप वितरण कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक साथ 1 लाख 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की बड़ी पहल की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से लैपटॉप सौंपे जबकि 1 लाख 21 हजार 804 पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रहने बल्कि जीवन की हर चुनौती से सीखते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने पर उसे सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए और असफलता आने पर निराश होकर रुकने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर नई शुरुआत करनी चाहिए। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ नॉलेज और स्किल्स को मजबूत करना भी आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों के सामने जीवन के बदलते दौर का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरसना पड़ता था लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सीखोगे तो कल कमाओगे। उनके अनुसार लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं बल्कि डिजिटल लर्निंग ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंचने का माध्यम है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देकर विद्यार्थियों को संघर्ष का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि जिस पत्थर में छेनी और हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है और सम्मान पाता है। जीवन की कठिनाइयां भी इंसान को इसी तरह मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही हार सकता है लेकिन जीत का सपना भी वही देखता है जो मुकाबला करने का साहस रखता है।

    लैपटॉप योजना के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसकी शुरुआत कभी केवल 473 विद्यार्थियों से हुई थी लेकिन आज इसका दायरा बढ़कर 1 लाख 21 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के सपने भी साझा किए। 12वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि वह पहले यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं और आगे चलकर राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। वहीं 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने नौकरी करने के साथ भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने और नौकरी देने वाली बनने की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल डॉक्टर इंजीनियर और वकील बनने का सपना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अच्छे किसान और योग्य राजनेता भी समाज और देश की जरूरत हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर मार्गदर्शन से कमजोर शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 92 हजार थी। उन्होंने कहा कि लैपटॉप योजना से अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और सरकार इस योजना पर लगभग 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। साथ ही करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी भी आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर माहौल मिल सके।

  • मुख्यमंत्री बुधवार को 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में जमा करेंगे 2,148 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री बुधवार को 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में जमा करेंगे 2,148 करोड़ रुपये

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 19 अगस्त को मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से कुल 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मैहर जिले में 256 करोड़ रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी करेंगे।

    नियमित सहायता के साथ रक्षाबंधन का विशेष शगुन

    जनसम्पर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के रूप में 1,500 प्रति हितग्राही कुल 1,835.46 करोड़ रुपये से अधिक और रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर 250 प्रति हितग्राही कुल 312.83 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में कुल 1,750 रुपये की संयुक्त राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगी।

    योजना के तहत अब तक का कुल वित्तीय विवरण

    उन्होंने बताया कि जून 2023 में योजना की शुरुआत से लेकर अगस्त 2026 तक की कुल 39 किश्तों के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के खातों में 63 हजार 248 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के लिये 23,882.81 करोड़ रुपये का विस्तृत बजट प्रावधान रखा है।


  • वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर बरसे CM मोहन यादव, बोले- देशभक्ति के गीत का सम्मान करना चाहिए

    वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर बरसे CM मोहन यादव, बोले- देशभक्ति के गीत का सम्मान करना चाहिए


    इंदौर । इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा अवसर आया है जब वंदे मातरम् को पूरे देश में व्यापक रूप से सम्मान दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता इस राष्ट्रीय गीत को लेकर सम्मान का भाव नहीं दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस न इंदौर में वंदे मातरम् गाती है और न ही दिल्ली में उसके नेता इसका सम्मान करते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से अपने रुख को लेकर देश से माफी मांगने की मांग की।

    मुख्यमंत्री इंदौर दौरे के दौरान शहर के चिड़ियाघर भी पहुंचे। यहां उन्होंने तोते उड़ाकर नए 14D थिएटर का शुभारंभ किया। इस थिएटर में दर्शकों को सामान्य फिल्म देखने से अलग तरह का अनुभव देने की व्यवस्था की गई है। थिएटर में करीब 20 मिनट के शो के लिए टिकट दर 70 रुपये निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। (naidunia.com)

    इंदौर में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि देश के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़ा हुआ प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में देश के प्रति समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसे सम्मान मिलना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के मौके पर देशभक्ति से जुड़े प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के कथित बयानों पर आपत्ति जताई और कहा कि यदि किसी नेता ने वंदे मातरम् का अपमान किया है तो उसे देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि मुख्यमंत्री के इस बयान में जिन कांग्रेस नेताओं या बयानों का उल्लेख किया गया है उनकी विस्तृत जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने अपने इंदौर दौरे के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी की पुण्यतिथि पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक जीवन और विपक्ष में लंबे समय तक काम करने का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व में संवाद के जरिए समाधान निकालने और सभी को साथ लेकर चलने की विशेष क्षमता थी।

    मोहन यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल से जुड़े कई प्रसंगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने पड़ोसी देश के साथ संवाद का रास्ता अपनाया लेकिन जब पाकिस्तान ने इसका सम्मान नहीं किया तो कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने दृढ़ता के साथ जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने अटल जी के नेतृत्व को राष्ट्रहित और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से जोड़ते हुए उनके योगदान को याद किया।

    मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का माध्यम है।

    इंदौर के चिड़ियाघर में 14D थिएटर का शुभारंभ शहर में मनोरंजन और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है। सामान्य थिएटर की तुलना में 14D तकनीक दर्शकों को स्क्रीन पर दिखाई जा रही कहानी के साथ अधिक इमर्सिव अनुभव देने के लिए जानी जाती है। इसमें दृश्य प्रभावों के साथ सीट मूवमेंट और अन्य प्रभावों का इस्तेमाल किया जाता है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मछलियां भी छोड़ीं और शहर की पर्यावरणीय तथा मनोरंजन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इंदौर लगातार शहरी विकास के साथ पर्यटन और मनोरंजन के नए विकल्प विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    वंदे मातरम् को लेकर मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति से जुड़े गीतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक विवाद से आगे देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान का विषय बताया। वहीं कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

  • भोपाल की सड़कों पर उमड़ा तिरंगों का सैलाब, एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा; नशामुक्ति का भी संदेश

    भोपाल की सड़कों पर उमड़ा तिरंगों का सैलाब, एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा; नशामुक्ति का भी संदेश


    भोपाल। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देशभक्ति का विशाल नजारा देखने को मिला। हर घर तिरंगा अभियान के तहत शुक्रवार को करीब 32 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। कर्मश्री संस्था और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। यात्रा कोलार सिक्स लेन स्थित मदर टेरेसा स्कूल के सामने से शुरू होकर संत नगर स्थित भैंसाखेड़ी मंडी तक पहुंच रही है। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में एक लाख से अधिक नागरिकों के शामिल होने का दावा किया गया है जबकि करीब 50 हजार वाहनों का पंजीयन कराया गया है।

    32 किलोमीटर लंबे रूट पर जगह जगह स्वागत मंच बनाए गए हैं। आयोजन समिति के अनुसार यात्रा का 1100 से ज्यादा स्थानों पर स्वागत किया जा रहा है। रास्ते में बड़ी संख्या में युवा महिलाएं सामाजिक संगठनों के सदस्य और आम नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। कई जगह पुष्प वर्षा के साथ यात्रा का स्वागत किया गया। देशभक्ति के गीतों और भारत माता की जय के नारों से भोपाल की सड़कें गूंजती नजर आईं। यात्रा में स्कूली बच्चों की भागीदारी भी देखने को मिली।

    यात्रा में शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे पूरा भोपाल सड़कों पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत देशभर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवा शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि तिरंगे के साथ युवा देश के सम्मान स्वाभिमान और गौरव को नई ऊंचाई देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता का भी उल्लेख किया और कहा कि देश अब अपने दुश्मनों से निपटने के लिए उनकी सीमा में जाकर कार्रवाई करने में सक्षम है।

    यात्रा के आयोजक और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने राष्ट्रभक्ति के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। यात्रा में इस बार सामाजिक जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई है। शहर के अलग अलग स्थानों पर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर नशामुक्ति से जुड़े संदेश दिखाई दिए। इनमें Gen-Z Against Addiction और नशा मुक्त युवा जैसे संदेश शामिल हैं।

    रामेश्वर शर्मा ने यात्रा के दौरान अखंड भारत से जुड़ा राजनीतिक बयान भी दिया। उन्होंने लाहौर ढाका और कराची का जिक्र करते हुए कहा कि भारत इन्हें नहीं भूला है और भविष्य में वहां भी तिरंगा फहराने की बात कही। यह बयान यात्रा के दौरान दिए गए उनके राजनीतिक संदेश का हिस्सा रहा।


    भोपाल में इस तरह की विशाल तिरंगा यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। इतने लंबे रूट पर बड़ी संख्या में वाहनों और नागरिकों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहीं। अलग अलग स्थानों पर यात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्यवस्थाएं की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इससे पहले भी भोपाल में हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। इस अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करना है।

    इस तरह भोपाल की 32 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा में राष्ट्रभक्ति के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया। तिरंगे के साथ उमड़ी भीड़ और शहरभर में बने स्वागत मंचों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में उत्सव का माहौल बना दिया।

  • एमपी में कलेक्टरों की होगी ग्राउंड रिपोर्ट, शिकायतों के समाधान से लेकर विकास तक हर पैमाने पर होगी रैंकिंग

    एमपी में कलेक्टरों की होगी ग्राउंड रिपोर्ट, शिकायतों के समाधान से लेकर विकास तक हर पैमाने पर होगी रैंकिंग


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। 7 अगस्त से शुरू होने वाला मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान केवल जनता की समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह प्रदेश के सभी 55 कलेक्टरों के प्रदर्शन की असली परीक्षा भी बनेगा। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि इस अभियान के दौरान तैयार होने वाली जिलों की रैंकिंग भविष्य में कलेक्टरों की पोस्टिंग, बड़े जिलों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक महत्व तय करने का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

    मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने हाल ही में सभी कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर अभियान की रूपरेखा स्पष्ट की। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह अभियान 7 अगस्त से शुरू होकर 8 जनवरी तक चलेगा और इस दौरान प्रशासन की कार्यशैली का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टरों का मूल्यांकन केवल शिकायतों के निपटारे की संख्या के आधार पर नहीं होगा। यह भी देखा जाएगा कि शिविरों, जनसंवाद कार्यक्रमों और फील्ड विजिट के बाद संबंधित क्षेत्र में लंबित शिकायतों में वास्तव में कितनी कमी आई। इसके साथ ही यह भी परखा जाएगा कि आम नागरिकों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ और जिले में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए प्रशासन ने कितना प्रभावी काम किया।

    मूल्यांकन के प्रमुख पैमानों में लोक सेवा प्रदाय व्यवस्था, शिकायतों के त्वरित समाधान, विभागीय समन्वय, आर्थिक विकास की रफ्तार और जनता के बीच प्रशासन की स्वीकार्यता शामिल रहेगी। सरकार कलेक्टरों की संवेदनशीलता और आम लोगों के साथ उनके व्यवहार को भी इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएगी। यानी केवल फाइलों में उपलब्ध आंकड़े ही नहीं, बल्कि जमीनी असर भी परखा जाएगा।

    अभियान के दौरान प्रत्येक शुक्रवार को विकासखंड और क्लस्टर स्तर तक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार रोस्टर तैयार होगा और जनसंवाद शिविरों में मिलने वाले नए आवेदनों का पंजीयन कर अगली यात्रा से पहले उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई मामला जिला स्तर पर हल नहीं हो सकता तो उसे संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या विभागाध्यक्ष के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा।

    सरकार ने विभाग प्रमुखों को भी सक्रिय भूमिका सौंपी है। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभागों की संस्थाओं के निरीक्षण के लिए मानक प्रारूप तैयार करेंगे, जबकि संभागायुक्त नियमित रूप से जिलों का दौरा कर अभियान की निगरानी करेंगे। साथ ही विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी जिलों में पहुंचकर निरीक्षण, समीक्षा और जनसंवाद कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जहां मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव स्वयं दौरा करेंगे, वहां पूरे जिले की व्यापक समीक्षा के साथ ऑनलाइन समाधान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

    जनविश्वास अभियान के तहत उद्योग और रोजगार को भी प्राथमिकता दी जाएगी। स्थानीय कुटीर उद्योगों, एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों के साथ संवाद कर लाइसेंस, एनओसी, लोक सेवा गारंटी और अन्य प्रशासनिक अड़चनों का समाधान किया जाएगा, ताकि आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके।

    राज्य सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निगरानी करना नहीं, बल्कि ऐसा प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक जिला बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करे। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो मध्य प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और जनसेवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। जनविश्वास अभियान इस लिहाज से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल साबित हो सकता है।

  • MP की सियासत में हलचल: भुट्टा बेचने वाले युवक ने सीएम को सुनाई बेरोजगारी की हकीकत, कांग्रेस नेता को मंच से लौटते वक्त थप्पड़

    MP की सियासत में हलचल: भुट्टा बेचने वाले युवक ने सीएम को सुनाई बेरोजगारी की हकीकत, कांग्रेस नेता को मंच से लौटते वक्त थप्पड़


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार का दिन कई ऐसे घटनाक्रमों का गवाह बना, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा बटोरी। एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने एक दिव्यांग युवक ने अपनी बेरोजगारी की कहानी सुनाकर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, वहीं राजगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया के साथ हुई बदसलूकी ने सियासी माहौल गरमा दिया। इसके अलावा दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद भावुक हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के आंसुओं पर भाजपा नेताओं के अलग-अलग बयान भी चर्चा का विषय बने रहे।

    धार जिले के राजगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे भुट्टा बेच रहे एक दिव्यांग युवक ने उन्हें आवाज लगाई। मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाया, युवक से भुट्टा खरीदा, बातचीत की और उसे 500 रुपए भी दिए। बातचीत के दौरान युवक ने बताया कि उसने मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई की है, लेकिन नौकरी नहीं मिलने के कारण उसे भुट्टा बेचने और चाय-पकौड़े की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है। युवक की यह बात सामने आने के बाद बेरोजगारी को लेकर नई बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे पढ़े-लिखे युवाओं की मौजूदा स्थिति का उदाहरण बताया, जबकि राजनीतिक हलकों में भी इस घटना की चर्चा होती रही।

    उधर राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद हो गया। प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप की मौजूदगी में जिला पंचायत अध्यक्ष और कांग्रेस नेता चंदर सिंह सोंधिया को पहले कार्यक्रम में प्रवेश से रोका गया। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया, लेकिन इस घटनाक्रम से नाराज होकर उन्होंने मंच के सामने बैठकर विरोध जताया। बाद में जब वह कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद पुलिस उन्हें थाने ले गई, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

    इसी बीच दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद सार्वजनिक मंच पर भावुक हुए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर भाजपा के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि वर्ष 2018 में उनका भी टिकट कटा था और तब उनकी आंखों में भी आंसू आए थे, लेकिन किसी ने उनकी चिंता नहीं की। उन्होंने पार्टी के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि नए लोगों को अवसर देने के लिए कभी-कभी पुराने नेताओं को पीछे हटना पड़ता है।

    वहीं भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने अलग राय रखते हुए कहा कि राजनीति में सक्रिय व्यक्ति का भविष्य कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने संकेत दिया कि नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण रह सकती है। इन बयानों के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की रणनीति को लेकर अलग-अलग सोच मौजूद है।

    इधर प्रशासनिक गलियारों में भी नई चर्चाओं ने जोर पकड़ा। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव को लेकर मंत्रालय में हलचल बनी रही। आदेश जारी होने से पहले ही एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मंत्रालय छोड़ने की तैयारी और बाद में उनकी नई पदस्थापना को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

    इन तीनों घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखाया कि मध्य प्रदेश की राजनीति में जमीनी मुद्दों, राजनीतिक टकराव और सत्ता के भीतर की हलचल लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं।

  • भारत टैक्स-2026 में CM मोहन यादव का निवेशकों को न्योता, बोले- MP बनेगा देश का टेक्सटाइल हब

    भारत टैक्स-2026 में CM मोहन यादव का निवेशकों को न्योता, बोले- MP बनेगा देश का टेक्सटाइल हब


    भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। मध्य प्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

    यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम् में भारत टैक्स-2026 के अंतर्गत आयोजित राउंड टेबल संवाद कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर केंद्रीय टैक्टाइल मंत्री गिरिराज किशोर, प्रमुख टैक्टाइल उद्योग प्रतिनिधि, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधिकारी तथा राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क से खेत से लेकर गारमेंट इंडस्ट्री और इंडस्ट्री से वैश्विक बाजार तक प्रदेश के उत्पादों की पहुंच आसान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है।

    महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत मंडपम् में वस्त्र उद्योग का कुंभ आयोजित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार, सभी वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति, पॉलिसी मेकर और फैशन डिजाइनर भारत सरकार के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। वर्तमान समय ब्रांडिंग और पैकेजिंग का है। प्राचीन समय में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने स्थानीय बुनकरों को रोजगार से जोड़ने के लिए महेश्वरी साड़ियां तैयार करने की शुरुआत करवाई थी। महेश्वरी साड़ियां वर्तमान में भी देश-विदेश मे लोकप्रिय है। चंदेरी की साड़ियां भी वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान रखती हैं। आज भी स्वावलंबन और रोजगार परक उद्योग हमारी पहचान हैं।

    राज्य सरकार ने उद्योगपतियों और निवेशकों से किए पूरे किए सभी वादे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब जरी स्टेट, रेशम स्टेट, मैनमेड फाइबर स्टेट, कॉटन कैपिटल बन चुका है। राज्य में टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, कुशल कामगारों की पर्याप्त उपलब्धता और श्रमिकों के साथ आत्मीय संबंध बेहतर औद्योगिक वातावरण प्रदान करते है। राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने मई 2026 तक की सभी देनदारियां चूकता कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में उपलब्ध करायी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।

    राउंड टेबल चर्चा का शुभारंभ उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के प्रतिनिधियों के स्वागत से हुआ। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल एवं गारमेंट इको सिस्टम, निवेश अवसरों, औद्योगिक नीतियों तथा उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती कंवर ने भी विशेष संबोधन में वस्त्र क्षेत्र में राज्यों और उद्योगों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा सिंटेक्स के प्रबंध निदेशक श्रेयस्कर चौधरी ने किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्सटाइल उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, मैनमेड एंड टेक्निकल टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल तथा द कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के साथ सहयोग संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए।

    मुख्यमंत्री ने भारत टैक्स-2026 में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और देश के प्रमुख टेक्सटाइल उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र सचिव नीलम शम्मी राव और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह सहित केंद्र और राज्य के अधिकारी मौजूद थे।

  • मध्य प्रदेश की सियासत में नए संकेत सीएम के मंच पर कांग्रेस विधायक कैलाश के बदले तेवर और साउथ में छाए शिवराज

    मध्य प्रदेश की सियासत में नए संकेत सीएम के मंच पर कांग्रेस विधायक कैलाश के बदले तेवर और साउथ में छाए शिवराज


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ऐसे घटनाक्रम देखने को मिले जिन्होंने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। कहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक की सक्रिय मौजूदगी चर्चा का विषय बनी तो कहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बदला हुआ अंदाज लोगों की नजरों में रहा। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का लोकप्रिय मामा वाला अंदाज अब दक्षिण भारत तक पहुंचता दिखाई दिया। इन घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति में नए राजनीतिक संकेतों को लेकर अटकलों का दौर तेज कर दिया है।

    सिवनी में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक ठाकुर रजनीश सिंह पूरे समय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आसपास सक्रिय दिखाई दिए। कार्यक्रम में विधायक कभी मुख्यमंत्री के पीछे तो कभी उनके आगे चलते नजर आए। मंच पर भी उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत करने की कोशिश की लेकिन मुख्यमंत्री अपना संबोधन समाप्त कर आगे बढ़ गए। यह दृश्य इसलिए भी खास माना गया क्योंकि कार्यक्रम शुरू होने से पहले यही विधायक मुख्यमंत्री की नीतियों के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आए थे। विरोध के बाद उसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उनकी सहज मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया। राजनीतिक जानकार इसे बदलते राजनीतिक समीकरणों और व्यावहारिक राजनीति का उदाहरण मान रहे हैं।

    दूसरी ओर मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के विवाद के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बदला हुआ अंदाज भी चर्चा में रहा। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने लगभग हर सवाल का जवाब मुस्कुराते हुए दिया। मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी पर उन्होंने कहा कि अब यह अध्याय समाप्त हो चुका है। इंदौर में मुख्यमंत्री की बैठक रद्द होने के सवाल पर उन्होंने जिम्मेदारी बैठक तय करने वालों पर डाल दी। मंत्रिमंडल विस्तार और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी उन्होंने हल्के अंदाज में जवाब दिए लेकिन पूरे समय उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रही। राजनीतिक विश्लेषक इसे संयमित रणनीति और विवादों से दूरी बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

    उधर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का लोकप्रिय मामा वाला अंदाज अब मध्य प्रदेश की सीमाओं से बाहर भी लोगों के बीच पहचान बना रहा है। आंध्र प्रदेश के तिरुपति में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जैसे ही लोग उन्हें देखने पहुंचे भीड़ से मामा मामा के नारे गूंजने लगे। लोगों के उत्साह को देखते हुए शिवराज सिंह चौहान भी सीधे उनके बीच पहुंचे और सभी का अभिवादन स्वीकार किया। उनका सहज और आत्मीय व्यवहार एक बार फिर लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा। भाजपा नेताओं का मानना है कि शिवराज की यही जनसंपर्क शैली उन्हें देशभर में अलग पहचान दिला रही है।

    इसी बीच प्रदेश की नौकरशाही में भी एक रोचक चर्चा सामने आई। राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी को कुछ दिनों तक आईपीएस बनने की बधाइयां मिलती रहीं लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि उनका नाम अंतिम सूची में शामिल ही नहीं था। इसके बाद यह मामला भी प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

    प्रदेश की राजनीति में लगातार सामने आ रहे ऐसे घटनाक्रम यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां और भी तेज होने वाली हैं। नेताओं की सक्रियता बदलते व्यवहार और नए राजनीतिक संदेश अब सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए अहम मायने रखने लगे हैं।

  • MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे

    MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे


    भोपाल।
    कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Senior leader Digvijaya Singh) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें दर्जनभर विभाग अपने पास नहीं रखने चाहिए, नहीं तो किसी दिन फंस जाएंगे।

    उन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री यादव एक मिल मजदूर के बेटे हैं लेकिन वह अगर गड़बड़ी करेंगे तो उन्हें बख्शा भी नहीं जाएगा। कांग्रेस ने एक खबर का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री यादव पर उज्जैन में कथित तौर पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसे ‘महाकाल’ की जमीन की लूट’ करार दिया था और मुख्यमंत्री यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की है।

    इसी मुद्दे पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मोहन यादव जी, आपने 12-12 विभाग अपने पास रख रखे हैं। बहुत गलती कर रहे हो। फंस जाओगे। गलती करेगा अधिकारी, पैसा खाएगा अधिकारी और फंसोगे आप। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास वर्तमान में सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, एवं ऐसे अन्य समस्त विभाग हैं जो किसी अन्य मंत्री को न सौंपा गया है।

    सिंह ने कहा कि वह भी 10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन कभी उन पर कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री) ने एक-एक फाइल ढूंढी लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, मोहन यादव जी आप भी उसकी जांच कर लें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि मेरे पास कोई विभाग ही नहीं था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इसमें इनकी कौन-कौन सी कंपनियां हैं और कौन-कौन लोग इनके इस कथित भूमि घोटाले में शामिल हैं।


    दिग्विजय सिंह बोले- हम बख्शेंगे नहीं

    उन्होंने आगे कहा,मैं तो मोहन यादव जी को राय-मशविरा देने के लिए आया हूं। ऐसा मत करो! आप एक मिल मजदूर के बेटे हो। मुख्यमंत्री बने हो, नाम कमाओ! पैसा जो कमा रहे हो न, जिसका हिसाब पता नहीं किस-किस को देना पड़ रहा है आपको। हमारी सहानुभूति है इस मामले में। दिग्विजय सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री पर यदि आरोप लगते हैं तो हम लोग आपको बख्शेंगे नहीं।

    उन्होंने कहा, यह मत समझना कि हमको आप खरीद लोगे। हम कोई बिकाऊ माल नहीं हैं, हम टिकाऊ माल हैं। बिकाऊ माल जो था, गया भाजपा में। ये सब कांग्रेसी जो यहां बैठे हैं, सब टिकाऊ माल हैं। लड़ाई लड़ने के लिए हम तैयार हैं और लड़ाई लड़ेंगे।

  • MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

    MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने शनिवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू (Kukru Hill Station) में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ग्रामीण को पटवारी, थानेदार या अन्य अधिकारी द्वारा परेशान किया जाता है तो वे सीधे उन्हें अवगत कराएं. रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने गांव में हाईस्कूल, पेयजल व्यवस्था और 20 बिस्तरों वाले अस्पताल की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए तालाब निर्माण के निर्देश दिए. वहीं बालिका छात्रावास, जामूखेड़ी मार्ग और बुंदियाखुर्द पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।


    शुरू होगी ग्रामीण बस सेवा

    मुख्यमंत्री ने कुकरू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए बताया कि अगले माह से यहां ग्रामीण बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है. उन्होंने किसानों से खेती के साथ पशुपालन को अपनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपील की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 गाय या 25 भैंस पालन के लिए 40 लाख रुपये तक की ऋण सहायता दी जाएगी, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार वहन करेगी. साथ ही कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहने की बात भी कही।


    राखी बंधवाई, भजन गाया और ग्रामीणों के साथ बिताया समय

    रात्रि चौपाल के दौरान स्थानीय कोरकू समाज के कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए. मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ घुलमिल गए और ‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो’ भजन गाकर सभी का मन मोह लिया. इस दौरान शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी. मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार किया।


    महिलाओं की सराहना, योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

    स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो कृषि सखी, जेंडर सखी, बकरी पालन, भैंस पालन, मुर्गी पालन और सूक्ष्म उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए किसान सम्मान निधि और लाडली बहना योजना की जानकारी ली और पात्र किसानों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म व लघु उद्योगों से जोड़ने, आजीविका भवन और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण इकाई के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।


    सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की अपील

    मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. रात्रि चौपाल के बाद मुख्यमंत्री ने एक ग्रामीण के घर भोजन किया और रात्रि विश्राम के लिए कुकरू स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचे. इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, संभागायुक्त श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।