Author: bharati

  • धुरंधर’ के बलोच चीफ बिमल ओबेरॉय की फिल्मी शुरुआत का 27 साल पुराना किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल

    धुरंधर’ के बलोच चीफ बिमल ओबेरॉय की फिल्मी शुरुआत का 27 साल पुराना किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल


    नई दिल्ली:  आदित्य धर की फिल्म धुरंधर ने बॉक्स-ऑफिस पर धमाल मचा रखा है। फिल्म में बलोच चीफ का किरदार निभाने वाले बिमल ओबेरॉय ने दर्शकों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए। लेकिन अब उनका 27 साल पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने फैंस को चौंका दिया।

    दरअसल, बिमल ओबेरॉय ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी के म्यूजिक वीडियो से की थी। उन्होंने बताया कि उनकी दोस्ती दलेर मेहंदी से साल 1990 में हुई थी। सिंगर ने उन्हें वादा किया कि वे उन्हें मुंबई ले जाएंगे और अपने पहले म्यूजिक वीडियो बोलो तारा रा रा में हिस्सा देंगे। दलेर मेहंदी ने बिमल को एक साल तक आर्थिक सहायता भी दी और उन्हें 10,000 रुपये का चेक दिया।

    बिमल ने बताया कि जब दलेर मेहंदी अपने हिट गाने हो जाएगी बल्ले बल्ले की शूटिंग कर रहे थे, तो उन्होंने बिमल को उसमें कास्ट करने का फैसला किया। बिमल केवल शूटिंग के लिए गए थे, लेकिन डायरेक्टर्स ने सुझाव दिया कि इस गाने में मुख्य भूमिका बिमल को दी जाए। इसके बाद बिमल ने वीडियो में अहम भूमिका निभाई और गाना बहुत बड़ा हिट बन गया।

    इसके अलावा, बिमल ओबेरॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत अनुभव सिन्हा की फिल्म तुम बिन से भी बताई, जहां उन्होंने प्रोडक्शन की बारीकियां सीखी। अब 27 साल बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तथ्य को खोज निकाला और ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसपर मजेदार प्रतिक्रियाएं दी हैं। फैंस इस पुराने वीडियो के बारे में जानकर बहुत उत्साहित हैं और बिमल के सफर पर तारीफें कर रहे हैं।

    बिमल का यह खुलासा यह दर्शाता है कि कैसे छोटे-मोटे अवसर और सही मेंटरशिप फिल्मी करियर में बड़ा मोड़ ला सकती है। दलेर मेहंदी के साथ उनका जुड़ाव न केवल दोस्ती में मजबूत रहा बल्कि उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मददगार साबित हुआ।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खुलासे ने बिमल ओबेरॉय की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है। फैंस इस बात पर हैरान हैं कि किस तरह एक म्यूजिक वीडियो ने उनके करियर की दिशा बदल दी।

  • अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा का विवादित बयान, ‘धुरंधर’ को बताया प्रोपेगेंडा, ट्रोलिंग के बाद अकाउंट डिलीट

    अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा का विवादित बयान, ‘धुरंधर’ को बताया प्रोपेगेंडा, ट्रोलिंग के बाद अकाउंट डिलीट

    नई दिल्ली:   पिछले साल फिल्म सैयारा से बॉलीवुड में कदम रखने वाली एक्ट्रेस अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में रीत ने आदित्य धर की फिल्मधुरंधर की आलोचना करते हुए इसे प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फिल्म पूरी तरह से सरकार के पक्ष में नैरेटिव पेश करती है और राजनीतिक भाषणों के जरिए छोटे मुद्दों को सही ठहराती है। रीत ने सवाल उठाया कि क्या इसे प्रोपेगेंडा कहा जाए या नहीं, और इसे लेकर खुलकर अपनी राय रखी।

    रीत पड्डा नेधुरंधर के अलावाद कश्मीर फाइल्स औरद केरल स्टोरी जैसी फिल्मों की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इन फिल्मों में आंकड़ों और तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और यह पूरे समुदाय के खिलाफ नैरेटिव तैयार करने का तरीका है। रीत ने बताया कि ऐसे मामलों में फिल्में सत्ताधारी पार्टी की लाइन के अनुसार जनता की सोच पर असर डालती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसी तरह राजनीतिक मुद्दों पर अलग राय वाली फिल्में बनाई जातीं, जैसे किपंजाब 95, तो उन्हें रिलीज नहीं होने दिया जाता।

    रीत पड्डा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई। कई नेटिज़न्स ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया और लगातार आलोचना की। इस ट्रोलिंग के दबाव के चलते रीत ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया और इसके साथ ही अपना लिंक्डइन अकाउंट भी हटा दिया।

    इस विवाद ने दर्शकों के बीचधुरंधर को लेकर बहस को और तेज कर दिया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन राजनीतिक संदेश और नैरेटिव को लेकर दर्शकों में मतभेद नजर आए। आदित्य धर के निर्देशन वाली इस फिल्म ने दर्शकों को दो हिस्सों में बाँट दिया और फिल्म के राजनीतिक संदर्भों को लेकर सोशल मीडिया पर गर्म बहस छिड़ गई।

    इस पूरी घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी राय साझा करना कभी-कभी व्यक्तिगत हमलों और ट्रोलिंग का कारण बन सकता है। रीत पड्डा ने अपनी राय स्पष्ट रूप से रखी, लेकिन प्रतिक्रिया इतनी तीव्र हुई कि उन्हें अपनी ऑनलाइन उपस्थिति पूरी तरह से बंद करनी पड़ी।

  • पाकिस्तान की मध्यस्थता: मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्री मिडिल ईस्ट शांति चर्चा में शामिल

    पाकिस्तान की मध्यस्थता: मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्री मिडिल ईस्ट शांति चर्चा में शामिल


    नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के चलते तनाव बढ़ता जा रहा है इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पहल की है और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इस्लामाबाद में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है

    इस बैठक में मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्री शामिल होने के लिए 29 मार्च को पाकिस्तान पहुँचे मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलत्ती और तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान इस्लामाबाद में बैठक में भाग लेने के लिए आए हैं बैठक 20 और 30 मार्च के बीच आयोजित होगी और इसमें सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद भी शामिल होंगे

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी पीएम इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से हालात और क्षेत्रीय विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की डार ने डी-एस्केलेशन की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि स्थायी शांति के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी ही सही रास्ता है उन्होंने सभी हमलों और दुश्मनी को समाप्त करने के महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता लौटाने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है

    इसके अलावा विदेश मंत्री इशाक डार ने यह जानकारी दी कि ईरान ने पाकिस्तानी झंडे वाले 20 और जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति दी है इस मार्ग के माध्यम से रोजाना दो जहाज गुजरेंगे यह कदम इलाके में शांति और स्थिरता लाने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है डार ने कहा कि यह घोषणा शांति की ओर एक सार्थक कदम है और इसे आगे बढ़ाने के लिए बातचीत, डिप्लोमेसी और कॉन्फिडेंस-बिल्डिंग उपाय ही एकमात्र तरीका हैं

    बैठक में शामिल सभी देशों के प्रतिनिधि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष को नियंत्रित करने और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि इलाके में स्थिरता और सुरक्षा की स्थिति में सुधार आएगा

  • ईरान पर इजरायल की नजर: पूरे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सैन्य ठिकानों को निशाना

    ईरान पर इजरायल की नजर: पूरे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सैन्य ठिकानों को निशाना


    नई दिल्ली । यरूशलम से आई ताजा जानकारी के अनुसार इजरायल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने एक लाइव प्रसारण में दावा किया है कि आने वाले कुछ ही दिनों में इजरायली सेना ईरान की सैन्य इंडस्ट्री के सभी महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले पूरी तरह से कर लेगी डेफ्रिन ने कहा कि इसका मतलब यह है कि ईरान की अधिकांश सैन्य उत्पादन क्षमता नष्ट हो जाएगी और उसे उसे ठीक करने में काफी समय लगेगा

    प्रवक्ता ने बताया कि IDF के पास एक व्यवस्थित प्लान है जो बड़े हमले के लिए पहले से तैयार किया गया है और स्थिति के अनुसार इसे लगातार अपडेट किया जा रहा है डेफ्रिन ने कहा कि इजरायली सेना के पास स्थिति को पूरी तरह से बदलने का अवसर है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी ईरायली नागरिकों को नुकसान न पहुंचे

    सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार यमन से इजरायल पर मिसाइल लॉन्च किए जाने की घटना पर डेफ्रिन ने कहा कि इजरायल हूतियों समेत कई मोर्चों पर लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी इजरायली नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी

    लेबनानी मोर्चे पर भी इजरायली सेना ने अब तक 850 से अधिक हिज्बुल्लाह मिलिटेंट्स को मार गिराया है और उत्तरी इजरायली बस्तियों पर सीधे फायरिंग रोकने के लिए दक्षिणी लेबनान में नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है

    इस बीच, तेल अवीव में शुक्रवार को ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल हमले में लगभग 60 वर्षीय कंस्ट्रक्शन वर्कर की मौत हो गई पुलिस के अनुसार यह घटना डिस्पर्सिंग क्लस्टर म्यूनिशन मिसाइल से जुड़ी थी जिसने मेट्रोपॉलिटन एरिया के कई हिस्सों में हमला किया इस हमले में दो लोग मामूली रूप से घायल भी हुए

    ईरान से मिसाइल लॉन्च के बाद सेंट्रल इजरायल के बड़े इलाकों में एयर डिफेंस सायरन बज गए और लोग शेल्टर में चले गए इससे पहले दक्षिणी इजरायल में भी मिसाइल लॉन्च हुई थी जिसमें दो लोग हल्की चोटें आई हैं

    यह घटनाक्रम 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हुआ है उस समय ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसकी बारीकी से निगरानी कर रहा है

  • बाल झड़ना से हो रही हैं परेशान, बस सप्ताह में 2 बार करें ये काम

    बाल झड़ना से हो रही हैं परेशान, बस सप्ताह में 2 बार करें ये काम


    नई दिल्ली हेयर फॉल (बाल झड़ना) आजकल की आम समस्या बन गई है, देखिए उनके साथ ऐसा हो रहा है। अगर आप भी चिंतित हैं और अपने बालों को मजबूत और शानदार दिखने की चाहत रखते हैं तो ये ट्रिक अपनाएं। ताकि आप बाल झड़ने की समस्या से दूर रहें।

    बाल झड़ने का मुख्य कारण
    सबसे पहले, बालों के झड़ने के मुख्य लक्षणों की बात करें तो इसमें खान-पान, तनाव, बालों में बदलाव, प्रदूषण और गलत बालों की देखभाल की दिनचर्या शामिल हैं। शरीर में पोषक तत्वों की कमी, विशेष रूप से आयरन, प्रोटीन और विटामिन की कमी, बालों को कमज़ोर बना देती है। इसके अलावा ज्यादातर केमिकल वाले शैंपू और हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी बालों को नुकसान पहुंचाता है।

    बालों के लिए तेल बनाने वाला
    क्या आप अपने बालों को लंबा, घना और मजबूत बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो तेल लगाने की आदत को अपनाना शुरू कर दें। एक सप्ताह में 2 बार तेल जरूर लगाएं। बेहतर परिणाम पाने के लिए रात में तेल लगाएं और रात भर तेल में बने रहें।

    तेल लगाने से आपके बालों के स्वास्थ्य में काफी हद तक सुधार हो सकता है। बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए ये आदतें अपनाई जा सकती हैं। बालों में मौजूद पोषण की कमी, रूखापन, डैंड्रफ जैसे प्रश्नों से बचने के लिए तेल की सलाह दी जाती है।

    स्वस्थ स्वस्थ बालों के लिए ये जरूरी
    इसके अलावा, बालों को बहुत ज्यादा हीट (जैसे स्ट्रेटनर, स्पेशलिटी) से बचाया जाता है, क्योंकि इससे बालों को नुकसान पहुंचता है। बेकार बालों में चॉकलेट खाने से भी बचना चाहिए। तनाव को कम करने के लिए योग और ध्यान (मेडिटेशन) अपनाएं। रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है।

    इस तरह सही खान-पान, अच्छी देखभाल और स्वस्थ स्वभाव अपनाकर आप बालों के झड़ने की समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपने बालों को मजबूत, घना और स्वस्थ बना सकते हैं।

  • जस्सी की एंट्री पर मस्ती का तड़का बुमराह को ट्रेंट बोल्ट ने यूं छेड़ा फैंस हुए खुश

    जस्सी की एंट्री पर मस्ती का तड़का बुमराह को ट्रेंट बोल्ट ने यूं छेड़ा फैंस हुए खुश


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 से पहले जिस नाम को लेकर सबसे ज्यादा चिंता और चर्चा हो रही थी वह आखिरकार राहत की खबर बनकर सामने आया है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब पूरी तरह फिट होकर मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ चुके हैं और उनकी वापसी ने टीम के साथ साथ फैंस को भी बड़ी राहत दी है। हालांकि इस वापसी के साथ एक मजेदार पल भी जुड़ गया जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।

    उत्साहित जब बुमराह टीम से जुड़े तो उनके साथी और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने उन्हें फिल्मी अंदाज में छेड़ दिया। उन्होंने मशहूर डायलॉग घर की याद नहीं आई तुम्हें जस्सी बोलकर बुमराह का स्वागत किया। यह डायलॉग हाल ही में चर्चा में आई फिल्म धुरंधर से जुड़ी है जिसमें रणवीर सिंह के किरदार को इसी नाम से पुकारा जाता है। बुमराह को भी टीम में जस्सी के नाम से जाना जाता है इसलिए यह मजाक तुरंत वायरल हो गया।

    मुंबई इंडियंस ने इस पूरे पल का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया और कैप्शन में लिखा कि आगया हमारा धुरंधर। इसके बाद फैंस ने भी इस वीडियो को जमकर शेयर किया और बुमराह की वापसी पर खुशी जाहिर की। लंबे समय से चोटों से जूझ रहे बुमराह को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं खासकर तब जब वह बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे थे। इससे यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद वह पूरी तरह फिट नहीं हैं।

    लेकिन अब टीम मैनेजमेंट की ओर से साफ कर दिया गया है कि बुमराह पूरी तरह तैयार हैं। टीम के कोच महेला जयवर्धने ने भी उनकी फिटनेस को लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं। बुमराह हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और उनकी लय को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह आईपीएल में भी अपना जलवा दिखाएंगे।

    आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला 29 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में बुमराह के खेलने की पूरी संभावना जा रही है जिससे मुकाबला और भी रोमांचक हो सकता है।

    बुमराह की वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं बल्कि टीम के आत्मविश्वास की वापसी भी मानी जा रही है। उनकी सटीक यॉर्कर और डेथ ओवर की घातक गेंदबाजी हमेशा से मुंबई इंडियंस की ताकत रही है। ऐसे में जब वह फिर से मैदान पर उतरेंगे तो विरोधी टीमों के लिए चुनौती और भी कठिन हो जाएगी।

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा ही नहीं बल्कि दोस्ती और हल्के फुल्के पलों का भी खेल है जहां खिलाड़ी एक दूसरे के साथ ऐसे मजेदार लम्हे साझा करते हैं जो फैंस के लिए यादगार बन जाते हैं।

  • बैन हुए आईपीएल खिलाड़ी: इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर लगा बैन, बटलर ने लगाया ब्रेक

    बैन हुए आईपीएल खिलाड़ी: इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर लगा बैन, बटलर ने लगाया ब्रेक


    नई दिल्ली दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए सिर्फ ग्लैमर और रोमांच ही नहीं, बल्कि सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस मामले में बिल्कुल भी सहमति नहीं जताई है। यही वजह है कि कई बड़े खिलाड़ी मशगूल में फंसकर बैन झेल गए हैं, जिससे उनकी रुचि पर गहरा असर पड़ा है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 खिलाड़ियों के बारे में—

    1. प्रवीण तांबे – नियम तोड़ने वालों का भारी खजाना

    बैशियल की कहानी काफी प्रेरणादायक रही, लेकिन उन्होंने बीसीसीआई के डिजाइन का उल्लंघन करते हुए विदेशी टी10 लीग में हिस्सा लिया। बोर्ड के आधिकारिक कथन के बिना ऐसी लीग में खेलना प्रतिबंधित है। इसी वजह से उन पर आईपीएल में प्रतिबंध लगाया गया।

    2. स्टीव स्मिथ – बॉल टेंपरिंग विवाद का असर

    2018 के कुख्यात बॉल टैम्परिंग स्कैंडल 2018 में फंसने के बाद स्टीव स्मिथ पर एक साल का बैन लगा। इसका असर आईपीएल पर भी पड़ा और वे पूरे सीजन से बाहर हो गए। यह विवाद उनके करियर का सबसे बड़ा झटका साबित हुआ।

    3. रवींद्र जड़ेजा – पुरानी फिल्म का उल्लंघन

    आईपीएल 2010 में रियलिटी शो बैन झेलना पड़ा। उन्होंने प्रदर्शन से पहले अन्य टीमों के खिलाफ बातचीत की थी, जो पता चला था। बीसीसीआई ने उन्हें एक सीजन के लिए टिकट दिए जाने का संकेत दिया।

    4. हैरी ब्रुक – अंतिम वक्ता का नाम रिटर्न का नुकसान

    इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने हाल ही में आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया है। नए मानक के तहत ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की गई और उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। यह निर्णय लीग के प्रति रेस्तराओं को बनाए रखने के लिए लिया गया।

    5. हरभजन सिंह – ‘स्लैपगेट’ कांड

    आईपीएल 2008 में हरभजन सिंह और एस श्रीसंत के बीच हुआ विवाद ‘स्लैपगेट’ के नाम से मशहूर है। हरभजन ने मैच के बाद श्रीसंत को पिछड़ी मार दी थी, जिसके बाद उन्हें पूरे सीज़न के लिए उलट दिया गया था।

    आईपीएल में निर्देश क्यों है सबसे अहम?

    आईपीएल सिर्फ एक क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि एक ब्रांड है। इसकी साख बनाए रखने के लिए बीसीसीआई समय-समय पर निर्णय लेती है। चाहे भारतीय खिलाड़ी हों या विदेशी—नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।

    इन खिलाड़ियों के उदाहरण हैं कि प्रतिभा के साथ-साथ निर्देशन भी जरूरी है। एक छोटी सी गलती भी बड़े करियर पर भारी पड़ सकती है।

  • एक मंडप तीन दुल्हनें अनोखी शादी ने मचाया तहलका मध्यप्रदेश से आई चौंकाने वाली कहानी

    एक मंडप तीन दुल्हनें अनोखी शादी ने मचाया तहलका मध्यप्रदेश से आई चौंकाने वाली कहानी

    अलीराजपुर । मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के नानपुर गांव से सामने आई एक अनोखी शादी इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है जहां एक शख्स ने अपनी एक नहीं बल्कि तीन प्रेमिकाओं के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लेकर सबको हैरान कर दिया। यह शादी सिर्फ एक निजी समारोह नहीं रही बल्कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती हुई एक ऐसी कहानी बन गई जिसने परंपरा समाज और रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

    समरथ मौर्य नाम के इस व्यक्ति ने अपनी तीनों प्रेमिकाओं के साथ जनजातीय रीति रिवाजों के अनुसार विवाह किया। यह विवाह एक दिन का नहीं बल्कि पूरे तीन दिनों तक चलने वाला आयोजन था जिसमें गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए और इस अनोखे पल के गवाह बने। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस शादी में उनके छह बच्चे भी शामिल हुए जिन्होंने अपने पिता की बारात में जमकर नृत्य किया और इस आयोजन को एक अलग ही रंग दे दिया।

    बताया जाता है कि समरथ मौर्य का अपनी पहली प्रेमिका के साथ रिश्ता साल 2003 से जुड़ा हुआ था और समय के साथ बाकी दो महिलाएं भी उनके जीवन का हिस्सा बन गईं। पिछले करीब 15 वर्षों से ये सभी एक साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और एक परिवार की तरह जीवन बिता रहे थे। लंबे समय तक बिना शादी के साथ रहने के बाद आखिरकार उन्होंने सामाजिक मान्यता और पारिवारिक पहचान के लिए विवाह करने का निर्णय लिया।

    इस फैसले के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं। पहला यह कि उनके बच्चों को समाज में किसी तरह की असहज स्थिति का सामना न करना पड़े और उन्हें एक स्पष्ट पहचान मिल सके। दूसरा कारण जनजातीय परंपराओं से जुड़ा हुआ है जहां किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विवाहित होना आवश्यक माना जाता है। ऐसे में इस परिवार ने अपने रिश्ते को औपचारिक रूप देने का रास्ता चुना।

    इस अनोखी शादी को लेकर कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा तेज हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में एक से अधिक विवाह भारतीय कानून के तहत मान्य नहीं होते लेकिन जनजातीय समुदायों को उनके पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार कुछ विशेष छूट दी गई है। इसी वजह से यह विवाह उस समाज की परंपराओं के अंतर्गत वैध माना जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर इस शादी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कोई इसे प्रेम और जिम्मेदारी का उदाहरण बता रहा है तो कोई इसे सामाजिक मान्यताओं के खिलाफ मानकर सवाल उठा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी है कि भारत के अलग अलग हिस्सों में परंपराएं और सामाजिक संरचनाएं आज भी विविधता से भरी हुई हैं जहां रिश्तों को देखने का नजरिया भी अलग अलग हो सकता है।

    यह शादी अब सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं रही बल्कि एक ऐसी कहानी बन गई है जो यह दिखाती है कि बदलते समय के बीच भी परंपराएं किस तरह लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं और कैसे लोग अपने हालात और सामाजिक जरूरतों के अनुसार फैसले लेते हैं।

  • गुजरात का माधवपुर मेला, पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों का संगम: प्रधानमंत्री मोदी की अपील..

    गुजरात का माधवपुर मेला, पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों का संगम: प्रधानमंत्री मोदी की अपील..


    नई दिल्ली:प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में आयोजित माधवपुर मेले के लिए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारत की विविध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। माधवपुर मेला पूर्व और पश्चिम की सांस्कृतिक धरोहरों को एक साथ लाता है और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत करता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को उजागर करता है और गुजरात और पूर्वोत्तर के बीच शाश्वत सांस्कृतिक बंधन को और मजबूत बनाता है। यह मेला विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को दर्शाता है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि इस मेले में पधारें।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने 27 मार्च 2022 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने माधवपुर मेले का महत्व और इसकी सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता को सीधे तौर पर महसूस किया जा सकता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि माधवपुर मेला पोरबंदर के माधवपुर गांव में समुद्र के किनारे लगता है, लेकिन इसका संबंध भारत के पूर्वी छोर से भी जुड़ा है। इसका कारण एक पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि हजारों वर्ष पहले भगवान श्री कृष्ण का विवाह नार्थ ईस्ट की राजकुमारी रुक्मणि से हुआ था और यह विवाह पोरबंदर के माधवपुर में संपन्न हुआ। यही कारण है कि आज भी माधवपुर मेला वहां मनाया जाता है और यह पूर्व और पश्चिम के सांस्कृतिक बंधन का प्रतीक बन गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि समय के साथ इस मेले में नई चीजें भी जुड़ रही हैं। खासतौर पर कन्या पक्ष और नार्थ ईस्ट से आने वाले कलाकार अब मेले की शोभा बढ़ाते हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस मेले में नार्थ ईस्ट के आर्टिस्ट, हेंडीक्राफ्ट से जुड़े कलाकार और सांस्कृतिक कलाकार शामिल होते हैं। यह मेले की रौनक को चार चांद लगाते हैं और भारत के पूरब और पश्चिम की संस्कृतियों का अद्भुत मेल प्रस्तुत करते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मेले के बारे में पढ़ें, जानें और भारत की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करें। उनका कहना था कि इस तरह के उत्सव न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

    बता दें कि भगवान कृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह की स्मृति में आयोजित माधवपुर मेले का उद्घाटन 27 मार्च को हुआ था और यह पांच दिन तक चलता है। यह मेला गुजरात और नार्थ ईस्ट के बीच शाश्वत सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बनकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है।

  • वसंत में खिला कश्मीर लाखों ट्यूलिप के बीच उमड़ी भीड़ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

    वसंत में खिला कश्मीर लाखों ट्यूलिप के बीच उमड़ी भीड़ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । जम्मू कश्मीर का मशहूर ट्यूलिप गार्डन इस साल वसंत के मौसम में आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है जहां पर्यटकों की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ रही है। 16 मार्च को तय समय से पहले खोले गए इस गार्डन ने महज दो हफ्तों में 1.4 लाख से अधिक विजिटर्स का आंकड़ा पार कर लिया है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। हर दिन हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचकर रंग बिरंगे फूलों की खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं और कश्मीर घाटी को मानो एक जादुई फूलों की दुनिया में बदलते देख रहे हैं।

    इस साल गार्डन में लगभग 18 लाख ट्यूलिप के फूल लगाए गए हैं जिनमें 70 से 75 अलग अलग किस्में शामिल हैं। इन फूलों के रंग और उनकी विविधता पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है। सुबह और शाम के समय जब सूरज की किरणें इन फूलों पर पड़ती हैं तो पूरा गार्डन सुनहरे रंगों में नहाया हुआ दिखाई देता है जिसे देखने के लिए लोग खास तौर पर गोल्डन आवर का इंतजार करते हैं।

    गार्डन प्रशासन के अनुसार पहले यह गार्डन अप्रैल के शुरुआती हफ्ते में खोला जाता था लेकिन इस बार पर्यटकों की बढ़ती मांग और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसे दो हफ्ते पहले ही खोल दिया गया। इसका असर साफ तौर पर देखने को मिला और शुरुआत से ही यहां भारी भीड़ जुटने लगी। रमजान के दौरान जहां रोजाना 4 से 5 हजार लोग आते थे वहीं ईद के बाद यह संख्या बढ़कर 10 से 12 हजार तक पहुंच गई जिसमें बड़ी संख्या स्थानीय लोगों की भी रही।

    पर्यटकों के बीच इस गार्डन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। देश के अलग अलग हिस्सों के साथ साथ विदेशी सैलानी भी यहां पहुंच रहे हैं। लोग इसकी तुलना यूरोप के प्रसिद्ध फूलों के बागानों से कर रहे हैं और इसे धरती पर स्वर्ग जैसा अनुभव बता रहे हैं। ज़बरवान पर्वतमाला और डल झील की पृष्ठभूमि में खिले ये ट्यूलिप फूल पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव बन रहे हैं।

    वाराणसी से आए एक पर्यटक ने बताया कि उन्होंने इस जगह के बारे में बहुत सुना था लेकिन यहां आकर उन्हें इसकी असली खूबसूरती का एहसास हुआ जो उम्मीद से कहीं ज्यादा शानदार है। वहीं एक अन्य पर्यटक ने कहा कि कई दिन बाद आने के बावजूद फूल पूरी तरह खिले और ताजगी से भरे हुए थे जो इस गार्डन की खासियत को दर्शाता है।

    इस गार्डन को तैयार करने में सैकड़ों माली और कर्मचारी महीनों तक मेहनत करते हैं। करीब छह महीने की योजना और देखभाल के बाद यह बाग जनता के लिए खोला जाता है। इसकी इसी भव्यता और विशालता के कारण इसे एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिल चुकी है। लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में यह गार्डन न केवल कश्मीर बल्कि पूरे देश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।