Author: bharati

  • बुध गोचर का बड़ा असर: इन राशियों को मिलेगा धन और करियर में लाभ का संकेत। जानें किसकी बदलेगी किस्मत

    बुध गोचर का बड़ा असर: इन राशियों को मिलेगा धन और करियर में लाभ का संकेत। जानें किसकी बदलेगी किस्मत


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि वाणी तर्क क्षमता गणना कारोबार और संचार का कारक माना जाता है। बुध की स्थिति मजबूत होने पर व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होने और कामकाज में सफलता मिलने की मान्यता है। यही कारण है कि जब बुध राशि परिवर्तन करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग अलग रूप में देखा जाता है। बुध का आगामी गोचर कई जातकों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ राशियों को नौकरी में नए अवसर मिलने के संकेत हैं तो कुछ कारोबारियों को व्यापार विस्तार का लाभ मिल सकता है।

    मेष राशि वालों के लिए बुध का गोचर नए संपर्कों और कामकाज में सक्रियता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। नौकरी करने वालों को किसी नई जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को नए ग्राहकों से जुड़ने और व्यापार बढ़ाने का मौका मिल सकता है। बातचीत के जरिए अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक मामलों में सोच समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार के किसी सदस्य से मिली सलाह आपके लिए उपयोगी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में आ सकती है।

    मिथुन राशि के लिए बुध का गोचर विशेष महत्व रखता है क्योंकि बुध को मिथुन राशि का स्वामी माना जाता है। इस दौरान आत्मविश्वास और संवाद क्षमता बढ़ सकती है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं। पुराने संपर्क भविष्य में किसी बड़े काम में मददगार साबित हो सकते हैं।

    कर्क राशि वालों के लिए बुध गोचर मिला जुला प्रभाव लेकर आ सकता है। कामकाज में व्यस्तता बढ़ेगी और कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का बड़ा जोखिम लेने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना बेहतर रहेगा। परिवार में बातचीत के जरिए पुराने मतभेद दूर किए जा सकते हैं।

    सिंह राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर करियर के लिहाज से सकारात्मक संकेत दे सकता है। नौकरी में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का लाभ मिलेगा। व्यापार में नए समझौते हो सकते हैं। किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। सामाजिक स्तर पर भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

    कन्या राशि के लिए बुध का गोचर खास माना जाता है क्योंकि बुध को कन्या राशि का स्वामी भी माना जाता है। इस दौरान बुद्धि और विश्लेषण क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल हो सकता है। नौकरी में सफलता और कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं।

    तुला राशि वालों को बुध गोचर के दौरान धन से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। नए संपर्क आर्थिक अवसरों का कारण बन सकते हैं। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार करने वालों को नए प्रोजेक्ट या ग्राहक मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुखद माहौल बना रह सकता है।

    वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में अपनी वाणी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जल्दबाजी में कही गई बात परेशानी पैदा कर सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और बिना पूरी जानकारी के निवेश से बचें। हालांकि मेहनत के दम पर कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।

    धनु राशि वालों के लिए बुध का गोचर नए अवसर लेकर आ सकता है। काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है और नए लोगों से संपर्क बढ़ सकता है। विदेश से जुड़े कारोबार या नौकरी के अवसरों में भी प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ सकती है।

    मकर राशि वालों के लिए बुध गोचर आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने का समय हो सकता है। पुराना अटका हुआ धन मिलने की संभावना है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन इसका लाभ भविष्य में करियर को मिल सकता है। कारोबार में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

    कुंभ राशि के जातकों को बुध गोचर के दौरान नए विचारों और योजनाओं का लाभ मिल सकता है। नौकरी में बदलाव या नई भूमिका का अवसर सामने आ सकता है। कारोबार में रचनात्मक सोच से फायदा होगा। आय बढ़ाने के नए रास्ते बन सकते हैं। दोस्तों और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा।

    मीन राशि वालों के लिए बुध गोचर कार्यक्षेत्र में मेहनत बढ़ाने वाला हो सकता है। शुरुआत में कुछ चुनौतियां सामने आएंगी लेकिन धैर्य और सही रणनीति से सफलता हासिल की जा सकती है। आर्थिक मामलों में अनावश्यक खर्च से बचें। परिवार के सहयोग से मानसिक मजबूती मिलेगी।

    कुल मिलाकर बुध का गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से बुद्धि वाणी कारोबार शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े मामलों को प्रभावित करने वाला माना जाता है। विशेष रूप से मिथुन कन्या तुला सिंह और कुछ अन्य राशियों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आने की मान्यता है। हालांकि किसी भी गोचर का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर माना जाता है। इसलिए बड़े आर्थिक या करियर संबंधी फैसले केवल राशिफल के आधार पर लेना उचित नहीं है। ज्योतिष से जुड़े ये फल धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं जिन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाता।

  • घी में नारियल तेल और शहद मिलाकर घर पर बनाएं नेचुरल लिप बाम, रूखे और फटे होंठों की देखभाल में आएगा काम

    घी में नारियल तेल और शहद मिलाकर घर पर बनाएं नेचुरल लिप बाम, रूखे और फटे होंठों की देखभाल में आएगा काम


    नई दिल्ली ।
    बदलते मौसम, तेज धूप, हवा और होंठों की पर्याप्त देखभाल नहीं होने के कारण अक्सर लिप्स रूखे और फटने लगते हैं। ऐसे में होंठों को नमी देने के लिए लोग अलग-अलग तरह के लिप बाम का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप घर पर उपलब्ध चीजों से आसान लिप केयर तैयार करना चाहते हैं, तो देसी घी से बना लिप बाम एक विकल्प हो सकता है।

    घी त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद करने वाले फैट का स्रोत है। इसके साथ नारियल तेल मिलाने से मिश्रण में चिकनाई और मॉइस्चराइजिंग गुण बढ़ जाते हैं। शहद भी होंठों को नमी देने में मदद कर सकता है। इन चीजों को सही मात्रा में मिलाकर घर पर एक साधारण लिप बाम तैयार किया जा सकता है।

    इसके लिए चार बड़े चम्मच देसी घी, दो बड़े चम्मच नारियल तेल और एक बड़ा चम्मच शहद लिया जा सकता है। खुशबू के लिए कुछ बूंदें लैवेंडर या पुदीना एसेंशियल ऑयल की मिलाने का विकल्प भी रखा जा सकता है। हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    लिप बाम बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ छोटे बर्तन में देसी घी और नारियल तेल डालें। दोनों चीजों को धीमी आंच पर हल्का गर्म करें, ताकि वे अच्छी तरह पिघलकर एकसार हो जाएं। मिश्रण को बहुत ज्यादा गर्म करने की जरूरत नहीं है। दोनों चीजें पिघलने के बाद इसे कुछ देर ठंडा होने दें।

    जब मिश्रण हल्का ठंडा हो जाए, तब इसमें शहद डालकर अच्छी तरह मिला दें। अगर एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इस चरण में उसकी कुछ बूंदें डाली जा सकती हैं। सभी सामग्री अच्छी तरह मिल जाने के बाद मिश्रण को साफ और पूरी तरह सूखे छोटे कंटेनर में भर दें।

    तैयार मिश्रण को कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखने से यह जमकर बाम जैसी बनावट ले सकता है। जमने के बाद इसे जरूरत के अनुसार होंठों पर लगाया जा सकता है। खासकर रात में सोने से पहले इसकी हल्की परत लगाने से होंठों को नमी देने में मदद मिल सकती है।

    इस घरेलू लिप बाम को बनाते समय स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जिस कंटेनर में इसे रखा जाए, वह साफ और सूखा होना चाहिए। गीले या गंदे कंटेनर में रखने से घरेलू मिश्रण जल्दी खराब हो सकता है। इसे बहुत लंबे समय तक रखने के बजाय कम मात्रा में बनाकर इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।

    पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर पैच टेस्ट करना जरूरी है। किसी भी सामग्री से जलन, लालिमा, खुजली या असहजता महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा या किसी सामग्री से पहले से एलर्जी होने पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि होंठों का बार-बार फटना केवल रूखेपन की वजह से नहीं होता। मौसम, पानी की कमी, होंठों को बार-बार चाटने की आदत या किसी अन्य कारण से भी समस्या हो सकती है। लगातार परेशानी बनी रहे तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

  • रात में दिखें सांप, साफ पानी या तेज रोशनी तो क्या होता है मतलब, स्वप्न शास्त्र में बताए गए संकेत समझिए

    रात में दिखें सांप, साफ पानी या तेज रोशनी तो क्या होता है मतलब, स्वप्न शास्त्र में बताए गए संकेत समझिए


    नई दिल्ली ।
    रात में देखे गए कुछ सपने सुबह उठने के बाद भी लंबे समय तक याद रहते हैं। कभी मंदिर या भगवान के दर्शन होते हैं, कभी साफ पानी, सांप, आसमान में उड़ना, दिवंगत व्यक्ति या तेज रोशनी दिखाई देती है। भारतीय परंपरा में ऐसे सपनों के अलग-अलग अर्थ बताए गए हैं और स्वप्न शास्त्र में इन्हें कई तरह के संकेतों से जोड़ा जाता है।

    स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपनों को समझने के लिए केवल उसमें दिखाई देने वाली चीज को देखना पर्याप्त नहीं माना जाता। सपने के दौरान व्यक्ति कैसा महसूस कर रहा था, दृश्य शांत था या डरावना और वर्तमान जीवन में उसकी परिस्थितियां कैसी हैं, इन बातों का भी महत्व बताया जाता है।

    सपने में मंदिर या भगवान के दर्शन को सामान्य तौर पर सकारात्मक संकेत माना जाता है। अगर मंदिर साफ दिखाई दे, दीपक जल रहा हो या वातावरण शांत हो तो इसे मन की शांति, आध्यात्मिक जुड़ाव और सकारात्मक भावनाओं से जोड़कर देखा जाता है। भगवान शिव, विष्णु, श्रीकृष्ण या माता के दर्शन को भी अलग-अलग आध्यात्मिक भावनाओं का प्रतीक माना जाता है।

    सपने में साफ और शांत पानी दिखाई देना भी शुभ संकेतों में शामिल किया जाता है। निर्मल नदी, स्वच्छ तालाब या शांत जल मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और नई शुरुआत की इच्छा को दर्शा सकता है। इसके विपरीत गंदा या अत्यधिक अशांत पानी तनाव, बेचैनी या किसी परेशानी की ओर संकेत कर सकता है।

    सांप का सपना अक्सर लोगों को डराता है, लेकिन इसे हर स्थिति में अशुभ नहीं माना जाता। स्वप्न परंपरा में सांप को शक्ति, परिवर्तन, रहस्य और आंतरिक ऊर्जा से जोड़ा गया है। अगर सांप नुकसान नहीं पहुंचाता तो इसे बदलाव या आंतरिक शक्ति का प्रतीक माना जा सकता है। वहीं सपने में अत्यधिक डर महसूस होना किसी चिंता या तनाव को दर्शा सकता है।

    खुद को आसमान में उड़ते हुए देखना आजादी और अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की इच्छा से जुड़ा हो सकता है। उड़ते समय खुशी और उत्साह महसूस होना सकारात्मक सोच तथा आगे बढ़ने की आकांक्षा का संकेत माना जाता है। दूसरी ओर ऊंचाई से गिरने का डर असुरक्षा या किसी परिस्थिति को लेकर चिंता को दिखा सकता है।

    किसी दिवंगत व्यक्ति का सपने में दिखाई देना भी जरूरी नहीं कि अशुभ हो। प्रिय व्यक्ति की यादें और उनसे जुड़ी भावनाएं लंबे समय तक मन में रहती हैं। इसलिए ऐसे सपने भावनात्मक जुड़ाव, स्मृति या अधूरी भावनाओं का प्रतिबिंब हो सकते हैं। सपना शांत हो तो मन में सुकून की भावना और परेशान करने वाला हो तो भीतर के दुख से इसका संबंध हो सकता है।

    सपने में सोना, पैसा या दूसरी कीमती चीजें दिखाई देना समृद्धि, अवसर और महत्वाकांक्षा से जोड़ा जाता है। हालांकि इसका सीधा अर्थ भविष्य में धन मिलने की गारंटी नहीं है। कीमती वस्तु खोने का सपना आर्थिक चिंता या किसी महत्वपूर्ण चीज को खोने के डर से भी जुड़ा हो सकता है।

    सातवां प्रमुख सपना तेज रोशनी, दीपक या सूर्योदय का है। अंधेरे के बाद प्रकाश दिखाई देना आशा, ज्ञान, स्पष्टता और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जाता है। कठिन दौर से गुजर रहे व्यक्ति के लिए ऐसा सपना मानसिक रूप से बेहतर स्थिति की इच्छा को भी दर्शा सकता है।

    हालांकि हर सपना भविष्य की घटना का संकेत नहीं होता। दिनभर के विचार, तनाव, डर, इच्छाएं और पुरानी यादें भी सपनों का रूप ले सकती हैं। इसलिए किसी सपने के आधार पर आर्थिक, वैवाहिक या जीवन से जुड़ा बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए। सपनों को अपनी भावनाओं और मानसिक स्थिति को समझने का एक माध्यम मानना अधिक उचित है।

  • 19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल

    19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल


    भोपाल  भोपाल में 19 अगस्त बुधवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ सकता है। राजधानी में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब भी मानसून सक्रिय बना हुआ है और मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम से जुड़े ताजा पूर्वानुमानों में 19 अगस्त को मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बने रहने के संकेत हैं। ऐसे में भोपाल के लोगों को बुधवार को बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज चमक का सामना करना पड़ सकता है।

    भोपाल में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर भी असर डाला था। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली लेकिन बारिश का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्थानीय मौसम रिपोर्टों में भी भोपाल में आगे बारिश की संभावना बनी रहने की बात सामने आई है। ऐसे में 19 अगस्त को भी शहर में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद कम है।

    बुधवार की शुरुआत बादलों के बीच हो सकती है। दिन चढ़ने के साथ कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मानसूनी परिस्थितियों के कारण एक ही समय में पूरे शहर में समान बारिश होना जरूरी नहीं है। राजधानी के किसी हिस्से में तेज बौछारें पड़ सकती हैं तो दूसरे इलाके में केवल बादल छाए रहने या हल्की बारिश होने की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से घर से बाहर निकलने वाले लोगों को अचानक बदलने वाले मौसम के लिए तैयार रहना बेहतर होगा।

    बारिश के दौरान तापमान में भी राहत मिलने की उम्मीद रहती है। बादल और बारिश की वजह से दिन में गर्मी का असर कम हो सकता है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ सकती है। अगर बुधवार को तेज बारिश होती है तो शहर की सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर निचले इलाकों और उन रास्तों पर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है।

    गरज चमक के दौरान सावधानी रखना भी जरूरी होगा। खुले मैदानों में रहने या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। दोपहिया वाहन से सफर करने वाले लोगों के लिए बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में जरूरी होने पर ही तेज बारिश के दौरान यात्रा करना बेहतर रहेगा।

    मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमानों के मुताबिक 19 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां बनी रह सकती हैं और मध्य प्रदेश भी प्रभावित राज्यों में शामिल है। इसलिए भोपाल में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 19 अगस्त को भोपाल में मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने की संभावना है। आसमान में बादलों का डेरा रहने के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। हालांकि बारिश कितनी तेज होगी और शहर के किन हिस्सों में ज्यादा असर रहेगा यह स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए बुधवार को बाहर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखना और बारिश की स्थिति में जरूरी सावधानी बरतना समझदारी होगी।

  • गणेश जी को प्रसन्न करना है तो जरूर करें ये उपाय, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा और विघ्न होंगे दूर

    गणेश जी को प्रसन्न करना है तो जरूर करें ये उपाय, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा और विघ्न होंगे दूर


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देवता माना जाता है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को बुद्धि विवेक तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही वजह है कि भक्त बुधवार के दिन विशेष रूप से गणेश जी की पूजा करते हैं। यदि आप भी गणपति बप्पा को प्रसन्न करना चाहते हैं तो पूजा के साथ कुछ आसान धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं।

    गणेश जी की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थान की सफाई करें। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और श्रद्धा के साथ उनका ध्यान करें। पूजा की शुरुआत गणेश जी के स्मरण से करना शुभ माना जाता है। भगवान को लाल या पीले फूल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके साथ दूर्वा चढ़ाने की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी को दूर्वा बेहद प्रिय है और पूजा में इसे अर्पित करने से गणपति बप्पा की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

    गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए मोदक या लड्डू का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। अगर मोदक उपलब्ध न हो तो अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार किसी सात्विक मिठाई का भोग लगाया जा सकता है। पूजा के दौरान भगवान गणेश से अपने मन की बात कहें और जीवन की परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करें। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना व्यक्ति के मन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाती है।

    भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित करने की भी धार्मिक परंपरा है। पूजा के दौरान सिंदूर चढ़ाकर गणेश जी का ध्यान किया जा सकता है। इसके अलावा गणेश मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। गणपति बप्पा का स्मरण करते हुए ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप किया जा सकता है। नियमित रूप से मंत्र जाप करने से मन को एकाग्र करने और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिलने की मान्यता है।

    बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन हरी मूंग का दान करना या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है और बुध को बुद्धि तथा वाणी का कारक माना जाता है। इसलिए इस दिन गणेश जी की पूजा करने से बुद्धि और विवेक से जुड़े शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है।

    गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता बल्कि व्यवहार में भी सकारात्मकता रखना जरूरी बताया गया है। किसी जरूरतमंद की मदद करना गरीब व्यक्ति को भोजन कराना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही झूठ बोलने अपशब्द कहने किसी का अपमान करने और क्रोध करने से बचना चाहिए। भगवान गणेश को विवेक और सद्बुद्धि का देवता माना जाता है इसलिए अच्छे आचरण को भी उनकी कृपा से जोड़कर देखा जाता है।

    घर में गणेश जी की पूजा करते समय साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। पूजा स्थान पर नियमित रूप से दीपक जलाएं और श्रद्धा के साथ आरती करें। किसी भी उपाय को दिखावे के बजाय विश्वास और सकारात्मक भावना के साथ करना बेहतर माना जाता है।

    कुल मिलाकर भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए दूर्वा अर्पित करना मोदक का भोग लगाना सिंदूर चढ़ाना मंत्र जाप करना और जरूरतमंदों की मदद करना जैसे उपाय धार्मिक मान्यताओं में शुभ बताए गए हैं। मान्यता है कि इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और बाधाओं से मुकाबला करने का आत्मविश्वास बढ़ता है। हालांकि इन उपायों से जुड़े लाभ धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय नहीं माना जाता।

  • मिसाइल हमले के आरोपों पर ईरान का यूएई को जवाब, तेहरान बोला- पहले सबूत दें, फिर लगाएं इल्जाम

    मिसाइल हमले के आरोपों पर ईरान का यूएई को जवाब, तेहरान बोला- पहले सबूत दें, फिर लगाएं इल्जाम


    नई दिल्ली। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। यूएई की ओर से ईरान पर दो बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप लगाए जाने के बाद तेहरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि बिना ठोस सबूत के इस तरह के गंभीर आरोप लगाने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि मिसाइल घटना के पीछे किसी फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान से दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। दोनों मिसाइलें समुद्र में गिरीं। इनमें से एक यूएई के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में जबकि दूसरी उसके बाहर गिरी। यूएई का दावा है कि मिसाइलों का निशाना समुद्री यातायात हो सकता था। हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। यूएई प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और गलत सूचनाओं पर भरोसा न करें और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर विश्वास करें।

    मिसाइल घटना के बाद यूएई के गृह मंत्रालय ने लोगों के मोबाइल फोन पर सुरक्षा अलर्ट भी भेजा। शुरुआती खतरे की चेतावनी के बाद प्रशासन ने स्थिति को सुरक्षित बताया और लोगों से सामान्य गतिविधियां फिर शुरू करने की अपील की। दूसरी तरफ ईरान ने यूएई के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ठोस और विश्वसनीय सबूत सामने रखे जाने चाहिए। तेहरान ने चेतावनी दी कि बिना प्रमाण के आरोप क्षेत्र में किसी बड़े टकराव की वजह बन सकते हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूएई ने ईरान के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ा फैसला भी लिया है। यूएई के विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली के मुताबिक क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ईरान के साथ सभी व्यापारिक वाणिज्यिक और वित्तीय लेनदेन अगले आदेश तक निलंबित कर दिए गए हैं। इस फैसले से दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों पर और असर पड़ने की आशंका है।

    मिसाइल विवाद ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्षेत्रीय तनाव पहले से बेहद संवेदनशील बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि या सुरक्षा संकट का असर केवल ईरान और यूएई तक सीमित नहीं रह सकता बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

    फिलहाल ईरान जहां मिसाइल हमले के आरोपों को पूरी तरह नकार रहा है वहीं यूएई अपने सुरक्षा आकलन के आधार पर घटना को गंभीर मान रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते आरोप प्रत्यारोप ने खाड़ी क्षेत्र में नई चिंता पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर और तथ्य सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिसाइलें वास्तव में कहां से दागी गई थीं और उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल इतना तय है कि इस विवाद ने ईरान और यूएई के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है और होर्मुज क्षेत्र में किसी भी नए घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

  • ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेविड वॉर्नर को सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना; कार में इंटरलॉक डिवाइस लगाना होगा

    ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेविड वॉर्नर को सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना; कार में इंटरलॉक डिवाइस लगाना होगा


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में सिडनी की अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया है। अदालत ने वॉर्नर पर 1500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अब उन्हें दोबारा वाहन चलाने के लिए इंटरलॉक डिवाइस से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा। इस मामले में अदालत ने यह भी माना कि घटना के समय वाहन में बच्चे मौजूद थे इसलिए मामला और गंभीर हो गया था।

    यह पूरा मामला 5 अप्रैल 2026 का है। ईस्टर संडे के दिन डेविड वॉर्नर एक वाहन चला रहे थे और सिडनी में रैंडम ब्रेथ-टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने से पहले उन्होंने गाड़ी रोक दी थी। इसी दौरान पुलिस की नजर उन पर गई। जांच में उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा कानूनी सीमा से दोगुने से भी ज्यादा पाई गई। इसके बाद उन पर मिड-रेंज ड्रिंक-ड्राइविंग का आरोप लगाया गया।

    मामले की सुनवाई के दौरान वॉर्नर ने पिछले महीने अदालत में ड्रिंक-ड्राइविंग के आरोप को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद अदालत ने अंतिम सजा के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने घटना से जुड़े कई पहलू रखे गए और अंत में जज क्लेयर फॉर्नन ने वॉर्नर को दोषी मानते हुए जुर्माने की सजा सुनाई।

    इस मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई कि रैंडम ब्रेथ टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने से पहले वॉर्नर ने कथित तौर पर वाहन में मौजूद एक यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की थी। पुलिस जांच के बाद उन पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया। अदालत ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और खास तौर पर इस बात को ध्यान में रखा कि घटना के समय कार में बच्चे भी मौजूद थे।

    वॉर्नर के वकील अवैस अहमद ने अदालत में उनका पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले की मीडिया कवरेज के कारण वॉर्नर को पहले ही काफी सार्वजनिक दबाव और नुकसान का सामना करना पड़ा है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि इस घटना का असर उनके पेशेवर जीवन और भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर पड़ सकता है। वॉर्नर अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन दुनिया भर की टी20 फ्रेंचाइजी लीग में खेलने के अवसर उनके करियर का हिस्सा रहे हैं।

    हालांकि अदालत ने मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया टिप्पणियों को ध्यान में रखा लेकिन जज ने साफ किया कि सजा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य लोगों को शराब पीकर गाड़ी चलाने से रोकना है। अदालत के मुताबिक यह केवल किसी एक व्यक्ति की गलती का मामला नहीं है बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। कार में बच्चों की मौजूदगी ने इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया।

    अब वॉर्नर को वाहन चलाने के लिए इंटरलॉक लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए उनकी कार में एक इंटरलॉक डिवाइस लगाया जाएगा। यह डिवाइस वाहन को तब तक स्टार्ट होने से रोक सकता है जब तक चालक की सांस की जांच में अल्कोहल की मौजूदगी निर्धारित सीमा के भीतर न हो। अदालत की शर्तों के अनुसार वॉर्नर को इस व्यवस्था का पालन करने के बाद ही वाहन चलाने की अनुमति होगी।

    डेविड वॉर्नर ऑस्ट्रेलिया के सबसे चर्चित क्रिकेटरों में शामिल रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक टीम के प्रमुख सलामी बल्लेबाज रहे वॉर्नर ने अपने आक्रामक अंदाज से दुनियाभर में पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद भी वह टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीग से जुड़े रहे हैं। ऐसे में अदालत का यह फैसला उनके व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी असर डाल सकता है।

    इस मामले ने एक बार फिर शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों को लेकर बहस छेड़ दी है। अदालत ने अपने फैसले के जरिए यह संदेश भी दिया कि सड़क सुरक्षा के नियम किसी भी व्यक्ति की लोकप्रियता या सार्वजनिक पहचान से अलग हैं। वॉर्नर के लिए अब आगे की राह अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने की होगी।

  • डोनाल्ड ट्रंप और किंम जोंग उन के बीच इसी साल नवंबर में होने वाली है बड़ी मीटिंग

    डोनाल्ड ट्रंप और किंम जोंग उन के बीच इसी साल नवंबर में होने वाली है बड़ी मीटिंग


    नई दिल्ली।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन (North Korean leader Kim Jong Un) के बीच एक बार फिर आमने-सामने मुलाकात की तैयारी चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप अपने अधिकारियों से इस साल नवंबर में किम के साथ बैठक कराने को लेकर चर्चा कर रहे हैं. यह मुलाकात ट्रंप की एशिया यात्रा के दौरान चीन के शेनझेन में होने वाली एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (Asia-Pacific Economic Cooperation) यानी APEC बैठक के आसपास हो सकती है।

    ट्रंप और किम की संभावित मुलाकात ऐसे वक्त हो रही है, जब कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और नॉर्थ कोरिया के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चर्चा में है. खास बात यह है कि ट्रंप ने हाल ही में दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली संयुक्त सैन्य ड्रिल को सीमित करने का निर्देश दिया है।

    ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये सैन्य अभ्यास महंगे हैं और नॉर्थ कोरिया के लिए एक गलत और दुश्मनी के संकेत भेजते हैं. उन्होंने दक्षिण कोरिया की तरफ से ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की जंग में मदद नहीं करने पर भी नाराजगी जताई।


    ट्रंप ने बताया किम जोंग उन मिलने को तैयार, दिया रिस्पॉन्स

    राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को यह भी दावा किया कि किम जोंग उन ने उनके हालिया संपर्क का जवाब दिया है. जब उनसे पूछा गया कि किम ने उनकी बातचीत की अपील का जवाब क्यों नहीं दिया, तो ट्रंप ने कहा, “आपको कैसे पता कि उसने जवाब नहीं दिया?” इसके बाद उन्होंने कहा, “हां, उसने जवाब दिया है.”

    राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बातचीत को “बहुत सकारात्मक” बताया, हालांकि उन्होंने इसकी कोई जानकारी साझा नहीं की. नॉर्थ कोरिया की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. उधर, दक्षिण कोरिया ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ सैन्य अभ्यास का मकसद नॉर्थ कोरिया पर हमला करना नहीं है.

    पहले कब-कब मिले ट्रंप-किम?
    अगर ट्रंप और किम जोंग उन की प्रस्तावित मुलाकात होती है, तो यह ट्रंप के पहले कार्यकाल के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने बैठक होगी. इससे पहले दोनों नेताओं के बीच तीन अहम मुलाकातें हो चुकी हैं:

    – जून 2018, सिंगापुर समिट: ट्रंप और किम की यह पहली ऐतिहासिक मुलाकात थी. किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और नॉर्थ कोरिया के नेता के बीच पहली बार आमने-सामने बातचीत हुई. दोनों देशों ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने पर सहमति जताई.

    – फरवरी 2019, हनोई समिट: दोनों नेताओं की दूसरी औपचारिक बैठक वियतनाम के हनोई में हुई. हालांकि, परमाणु निरस्त्रीकरण और नॉर्थ कोरिया पर लगे प्रतिबंधों में राहत को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी और बैठक बिना किसी समझौते के खत्म हो गई.

    – जून 2019, DMZ मुलाकात: ट्रंप और किम ने कोरियाई सीमा पर स्थित डिमिलिटराइज्ड जोन यानी DMZ में अचानक मुलाकात की. इस दौरान ट्रंप नॉर्थ कोरिया की सीमा में कुछ कदम अंदर जाने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने. यह मुलाकात काफी प्रतीकात्मक रही और दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत कूटनीति की एक और मिसाल बनी.

  • भारत की तर्ज पर अमेरिका में भी SIR ….. वोटर लिस्ट की सफाई में जुटे ट्रंप, अब तक मिले 24 हजार फर्जी मतदाता

    भारत की तर्ज पर अमेरिका में भी SIR ….. वोटर लिस्ट की सफाई में जुटे ट्रंप, अब तक मिले 24 हजार फर्जी मतदाता


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में वोटर लिस्ट (Voter List) की शुद्धता को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने दावा किया है कि 2020 के वोटर रिकॉर्ड और नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड के मिलान किया गया है. इस दावे के मुताबिक, 12.8 करोड़ मतदाताओं के शुरुआती विश्लेषण में 24 हजार से अधिक गैर-नागरिक मतदाताओं की पहचान हुई है।

    ट्रंप ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर पोस्ट की और कहा कि अब बचे हुए 3.2 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी जिसके बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    ट्रंप ने लिखा, ‘पहले 12.8 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच में यूएस सेंसस ब्यूरो ने साबित कर दिया है कि 24,000 से अधिक गैर-नागरिकों ने अवैध वोट डाले. अभी अगले 3.2 करोड़ मतदाताओं का विश्लेषण बाकी है और यह आंकड़ा और बढ़ेगा. मैं चुनाव जीता था! हमें हर हाल में ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पास करना होगा.।

    व्हाइट हाउस द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिन गैर-नागरिकों के वोटर रिकॉर्ड मिले हैं उनमें मेक्सिको में जन्मे लोगों की संख्या सबसे अधिक (3,800) बताई गई है. इसके बाद कनाडा (950), फिलीपींस (900), जमैका (900), जर्मनी (700), ब्रिटेन (650), क्यूबा (450), वियतनाम (400), हैती (400) और दक्षिण कोरिया (350)का नंबर आता है. ट्रंप का दावा है कि है कि बाकी बचे 3.2 करोड़ वोटों के विश्लेषण के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।

    ट्रंप ने कहा कि यूएस सेंसस ब्यूरो 2020 के मतदाता रिकॉर्ड की नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड के साथ जांच कर रहा है. उन्होंने इसे चुनावी पारदर्शिता से जोड़ते हुए दावा किया कि इससे 2020 के चुनाव को लेकर उनकी पुरानी आपत्तियां पुख्ता होती हैं. हालांकि, ट्रंप के इन दावों को लेकर भी सवार उठ रहे हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच ट्रंप ने एक बार फिर ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पारित करने की मांग दोहराई है. इस प्रस्तावित कानून के तहत संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता का प्रमाण और फोटो पहचान पत्र अनिवार्य करने का प्रावधान है. साथ ही राज्यों को मतदाता सूचियों से गैर-नागरिकों के नाम हटाने की दिशा में भी कदम उठाने होंगे।

    भारत के चुनावी मॉडल की कर चुके हैं तारीफ
    दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने इस मुद्दे पर भारत के चुनावी मॉडल की भी सराहना की थी. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत में 64.6 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया और लगभग सभी मतदाताओं के पास वैध फोटो पहचान पत्र था. ट्रंप ने भारत की मतदाता पहचान प्रणाली को अमेरिका के लिए एक उदाहरण बताया।

    हालांकि, इस मुद्दे पर अमेरिका में राजनीतिक मतभेद भी सामने आए हैं. आलोचकों का कहना है कि बड़े पैमाने पर गैर-नागरिकों के मतदान के दावों के समर्थन में पर्याप्त सार्वजनिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन इसे चुनावी सुधारों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार मान रहा है।

  • गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड

    गॉल में इतिहास रचने उतरेगी श्रीलंका की टीम! 288 रन का टारगेट, सफल हुआ रन चेज तो बनेगा बड़ा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट का रोमांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का बड़ा लक्ष्य रखा है। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 34 ओवर में 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। अब मेजबान टीम को टेस्ट जीतने के लिए आखिरी दिन 288 रन और बनाने होंगे। वहीं भारत को जीत के लिए सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है। आंकड़े भारत के पक्ष में नजर आ रहे हैं लेकिन श्रीलंका का टेस्ट इतिहास बताता है कि वह 350 रन से ज्यादा के लक्ष्य का सफल पीछा करने का कारनामा पहले भी कर चुका है।

    श्रीलंका के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज 388 रन का है। जुलाई 2017 में कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रीलंकाई टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 356 रन बनाए थे जबकि श्रीलंका ने 346 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे ने दूसरी पारी में 377 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 388 रन का लक्ष्य रखा। मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 391 रन बनाकर 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया था।

    उस ऐतिहासिक रन चेज में निरोशन डिकवेला ने 81 रन की अहम पारी खेली थी जबकि असेला गुणारत्ने 80 रन बनाकर नाबाद रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 121 रन की निर्णायक साझेदारी हुई थी। इस जीत ने श्रीलंका को टेस्ट इतिहास के सबसे यादगार रन चेज में शामिल कर दिया।

    श्रीलंका ने इससे पहले भी 350 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया है। साल 2006 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका ने 352 रन का लक्ष्य हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में जीत के लिए 352 रन का लक्ष्य रखा था और श्रीलंका ने 352 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था। इस मैच में महेला जयवर्धने ने 123 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।

    यानी श्रीलंका की टीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार 350 या उससे ज्यादा रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर चुकी है। अब गॉल में उसके सामने 372 रन का लक्ष्य है। यह लक्ष्य उसके 352 रन वाले दूसरे सबसे बड़े सफल रन चेज से 20 रन ज्यादा है। अगर श्रीलंका आखिरी दिन 372 रन तक पहुंच जाता है तो यह उसके टेस्ट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन जाएगा।

    हालांकि भारत के खिलाफ यह चुनौती आसान नहीं होगी। चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआती झटके देकर दबाव में ला दिया। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 31 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि सोनल दिनुषा 25 रन पर खेल रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों पर पांचवें दिन टीम की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार रहेगा।

    गॉल में श्रीलंका के सामने सिर्फ 288 रन बनाने की चुनौती नहीं है बल्कि भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ पूरे दिन टिके रहने की परीक्षा भी होगी। टेस्ट मैच की चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य हासिल करना वैसे ही मुश्किल माना जाता है और यहां श्रीलंका के पास सिर्फ 6 विकेट बचे हैं। दूसरी ओर भारत के पास मैच खत्म करने का स्पष्ट मौका है।

    गॉल में विदेशी टीम द्वारा श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ा सफल रन चेज पाकिस्तान के नाम है। पाकिस्तान ने 2015 में पल्लेकेले में श्रीलंका के खिलाफ 377 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उसने 382 रन बनाकर मुकाबला जीता था। ऐसे में मौजूदा 372 रन का लक्ष्य उस रिकॉर्ड से सिर्फ 5 रन कम है।

    अब मुकाबले का पूरा दारोमदार पांचवें दिन पर है। श्रीलंका अगर 288 रन और बना लेता है तो वह न केवल भारत के खिलाफ यादगार जीत दर्ज करेगा बल्कि अपने टेस्ट इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज भी पूरा कर लेगा। दूसरी तरफ भारत के पास छह विकेट लेकर गॉल टेस्ट अपने नाम करने का मौका है। ऐसे में 19 अगस्त का पांचवां दिन दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रोमांचक रहने वाला है।