Author: bharati

  • प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा : तिरुवनंतपुरम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन

    प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा : तिरुवनंतपुरम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल दौरे पर तिरुवनंतपुरम पहुंचेंगे और सुबह करीब 10:45 बजे विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर वे सभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, शहरी आजीविका, विज्ञान, नवाचार और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

    रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी चार नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। इन नई ट्रेन सेवाओं से केरल, तमिलनाडु कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच लंबी दूरी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पूरे दक्षिण भारत में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मजबूती मिलेगी।

    प्रधानमंत्री मोदी शहरी आजीविका को मजबूत करने के लिए ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ लॉन्च करेंगे। यह स्ट्रीट वेंडरों को वित्तीय समावेशन का अगला चरण उपलब्ध कराएगा। यूपीआई से लिंक्ड ब्याज-मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा तत्काल लिक्विडिटी प्रदान करेगी, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगी और लाभार्थियों को औपचारिक क्रेडिट इतिहास बनाने में मदद करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री एक लाख लाभार्थियों को ‘पीएम स्वनिधि लोन’ भी वितरित करेंगे। 2020 में शुरू हुई इस योजना ने शहरी अनौपचारिक श्रमिकों को पहली बार औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच दिलाई है और आजीविका सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है।

    विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी सीएसआईआर-एनआईआईएसटी इनोवेशन टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप हब का शिलान्यास करेंगे। यह हब जीवन विज्ञान और बायो-इकोनॉमी पर ध्यान केंद्रित करेगा। आयुर्वेद जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक बायोटेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल पैकेजिंग और ग्रीन हाइड्रोजन के साथ जोड़ा जाएगा। हब स्टार्टअप निर्माण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा और अनुसंधान को बाजार तैयार समाधानों और उद्यमों में बदलने का प्लेटफॉर्म बनेगा।

    स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी में अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी सेंटर की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही तिरुवनंतपुरम में नए पूजापुरा हेड पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन भी किया जाएगा।इस दौरे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने केरल में रेल कनेक्टिविटी, शहरी आजीविका, विज्ञान नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र को एक साथ बढ़ावा देने का संदेश दिया है। इस प्रकार यह दौरा क्षेत्रीय विकास, डिजिटल समावेशन और आधुनिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने में अहम साबित होगा।

  • भोपाल में कर्मचारी मोर्चा: दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारी सत्याग्रह पर, महिला कर्मचारी भी शामिल

    भोपाल में कर्मचारी मोर्चा: दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारी सत्याग्रह पर, महिला कर्मचारी भी शामिल


    भोपाल में सरकारी कर्मचारियों ने अपने अधिकारों और मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। स्थायी दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारी एकजुट होकर सतपुड़ा गेट पर सत्याग्रह पर बैठे हैं। आंदोलन में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। यह आंदोलन कर्मचारियों की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा है जो लंबे समय से प्रतीक्षित थे।

    प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे के अनुसार कर्मचारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं: पहला उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर के आदेशानुसार सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए या उन्हें नियमित किया जाए। दूसरा शासन द्वारा अस्थाई पदों को सांख्येत्तर घोषित करने वाले आदेश दिनांक 22 दिसंबर 2025 को निरस्त किया जाए। तीसरा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए ताकि उनके अधिकार सुनिश्चित हो सकें। चौथा अंशकालीन कर्मचारियों को श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन या कलेक्टर दर के अनुसार वेतन भुगतान किया जाए। पांचवा अस्थाई कर्मचारियों को पेंशन सुविधा का लाभ प्रदान किया जाए।

    सत्याग्रह में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही और उनकी न्यायसंगत मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की अनदेखी और समय पर समाधान न मिलने के कारण उन्हें मजबूर होकर सड़क पर आंदोलन करना पड़ा है। महिला कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल होकर यह संदेश दे रही हैं कि कर्मचारियों की समस्याएं केवल पुरुष कर्मचारियों तक सीमित नहीं हैं बल्कि सभी वर्गों को समान अधिकार मिलने चाहिए।स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा दृष्टि से सत्याग्रह स्थल पर विशेष व्यवस्था की है। हालांकि कर्मचारियों का आंदोलन शांतिपूर्ण है लेकिन इसका असर प्रशासन पर निश्चित रूप से पड़ेगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी जायज़ मांगों को मान्यता दिलाना है न कि किसी तरह का विवाद खड़ा करना।

    इससे पहले भी विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की समान मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया था लेकिन इसे लागू करने में ढिलाई बरती गई। अब कर्मचारियों ने सत्याग्रह के माध्यम से सीधे सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचने का निर्णय लिया है।सत्याग्रह में भाग लेने वाले कर्मचारी मानते हैं कि यह आंदोलन उनके अधिकारों की लड़ाई है और यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आगे और बड़े पैमाने पर आंदोलन की संभावना भी बनी हुई है। कर्मचारी मंच इस आंदोलन को लंबी लड़ाई के रूप में तैयार कर रहा है और इसका असर न केवल भोपाल बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी दिखाई देगा।

  • क्रिकेट अपडेट: अक्षर पटेल की चोट से टीम इंडिया की तैयारी प्रभावित, 2026 टी20 वर्ल्ड कप पर नजर

    क्रिकेट अपडेट: अक्षर पटेल की चोट से टीम इंडिया की तैयारी प्रभावित, 2026 टी20 वर्ल्ड कप पर नजर

    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट के दौरान टीम इंडिया के उपकप्तान और ऑलराउंडर अक्षर पटेल की चोट ने भारतीय क्रिकेट फैंस और टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। नागपुर में 21 जनवरी को खेले गए पहले टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्षर गेंदबाजी करते समय चोटिल हो गए। डेरिल मिचेल के शॉट को रोकने की कोशिश में गेंद उनके बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर जा लगी, जिससे तुरंत खून निकलने लगा और उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा।

    चोट लगने के समय अक्षर ने अपने ओवर की केवल तीन गेंदें ही फेंकी थीं। चूंकि वे बाएं हाथ के गेंदबाज हैं, इस उंगली की चोट को गंभीर माना जा रहा है। उनके ओवर की शेष गेंदें अभिषेक शर्मा ने डालीं। अब सवाल उठ रहा है कि यह चोट उनकी 2026 टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों पर कितना असर डालेगी। फिलहाल टीम और फैंस उनकी मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

    उपकप्तान अक्षर की भूमिका और चिंता

    अक्षर पटेल को आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए उपकप्तान नियुक्त किया गया है। ऐसे में उनकी चोट ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि बीसीसीआई की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। चोट की गंभीरता और अक्षर को मैदान से कितने समय तक दूर रहना पड़ेगा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

    नागपुर में टी20 मुकाबला: भारत ने बनाई बढ़त

    पहले टी20 में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 48 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 238 रन बनाए, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का अब तक का सबसे बड़ा टी20 स्कोर है। इस बड़े स्कोर की नींव अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने रखी। उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में 84 रन ठोक दिए, जिसमें 5 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया।

    न्यूजीलैंड की चुनौती और अगला मुकाबला

    लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम दबाव में नजर आई और 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन ही बना सकी। ग्लेन फिलिप्स ने संघर्ष करते हुए 40 गेंदों में 78 रन बनाए, लेकिन यह प्रयास भारत की जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 23 जनवरी, रविवार को खेला जाएगा। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड वापसी की कोशिश करेगा, जबकि भारत अपनी बढ़त मजबूत करने उतरेगा।

  • सर्दियों का ग्लो: त्वचा की डलनेस और झाइयों से छुटकारा, 2-3 हजार खर्च किए बिना पाएं विंटर ग्लो

    सर्दियों का ग्लो: त्वचा की डलनेस और झाइयों से छुटकारा, 2-3 हजार खर्च किए बिना पाएं विंटर ग्लो

    नई दिल्ली। सर्दियां शुरू होने के साथ ही तापमान गिरने लगा है, ऐसे में आपको अपनी त्वचा की देखभाल पर खास ध्यान देने की जरूरत है। ठंडी और शुष्क हवा के कारण सर्दियों में त्वचा का रंग अक्सर डार्क होने लगता है।

    डॉ चांदनी जैन गुप्ता, त्वचा विशेषज्ञ और सौंदर्य चिकित्सक, एलांटिस हेल्थकेयर, लाजपत नगर, नई दिल्ली,के अनुसार, कम तापमान के कारण त्वचा की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है और उसमें सूजन आ सकती है, जिसे ‘पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन’ कहते हैं।

    अगर इसे वक्त रहते ठीक ना किया जाए, तो ये जिद्दी झाइयों का भी रूप ले सकते हैं। अगर आप नहीं चाहते कि इस मौसम में आपकी त्वचा का रंग काला हो, तो इस ठंडे सीजन में अपनी त्वचा की देखभाल खास तरीके से करें।
    सर्दियों में त्वचा काली क्यों हो जाती है?
    1. ठंडी और सूखी हवा आपकी त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को कमजोर कर देती है, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचने और जलन होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे स्किन काली भी पड़ सकती है।

    2. ठंडी हवा से त्वचा में जलन होती है और सूजन आ जाती है। इस सूजन से बचने के लिए त्वचा ज्यादा मेलेनिन बनाना शुरू कर देती है, जिसके परिणामस्वरूप काले धब्बे बन जाते हैं। इसी को ‘पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन’ भी कहते हैं।

    3. सर्दियों में स्किन डेड सेल्स को धीरे-धीरे हटाती है। जब ये डेड सेल्स त्वचा की सतह पर जमा हो जाते हैं, तो त्वचा बेजान, रूखी, अनइवेन और डार्क दिखने लगती है।

    4. रूखेपन और जलन के कारण त्वचा में खुजली हो सकती है। खुजलाने की आदत से जलन और बढ़ जाती है, जिससे हाइपरपिग्मेंटेशन की पुरानी समस्याएं और बिगड़ सकती हैं या नई समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं
    त्वचा को रखें मॉइस्चराइज
    अगर सर्दियां शुरू होते ही आपकी भी त्वचा काली दिखने लगी है, तो आपको मॉइस्चराइजिंग का खास ख्याल रखना चाहिए। नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाएं। अपनी त्वचा को ड्राईनेस से बचाने के लिए, एक अच्छे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करते रहें। यह आपकी त्वचा को नमी से भरपूर रखेगा और उसकी सेफ्टी लेयर को मजबूत बनाएगा।
    धूप से करें त्वचा की देखभाल
    भले ही सर्दियों में धूप कमजोर लगती हो, फिर भी यूवी किरणें आपकी त्वचा को टैन कर सकती हैं। ये किरणें बादलों वाले दिनों में भी त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। ये बर्फीले मौसम में भी आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में जरूर है कि आप रोजाना स्किन पर एक अच्छी क्वालिटी की सन
    चेहरे को हमेशा ढककर रखें
    सर्दियों के मौसम में चेहरे को शुष्क हवा से बचाकर रखना बहुत ही जरूरी है। यही त्वचा को डार्क बनाती हैं। ऐसे में बाहर निकलने से पहले अपनी त्वचा को ढकें। ठंडी और शुष्क हवा के साथ-साथ धूप से अपने चेहरे की सुरक्षा के लिए टोपी और स्कार्फ का इस्तेमाल करें।

    चेहरे पर ना लगाएं बार-बार हाथ
    अगर आपको अक्सर हाइपरपिग्मेंटेशन की दिक्कत रहती है, तो आपको सर्दियों के मौसम में इससे बचने के लिए चेहरे को खुजलाने से बचना चाहिए। चेहरे पर बार-बार हाथ ना लगाएं। इससे स्किन की डार्कनेस और भी बढ़ सकती है और हाइपरपिग्मेंटेशन की समस्या गंभीर हो सकती है।

    चेहरे पर लगाएं ग्लिसरीन नाइट क्रीम
    सर्दियों में त्वचा के निखार को बनाए रखने के लिए ग्लिसरीन, विटामिन-ई, नारियल तेल और गुलाबजल को मिक्स करके एक मिश्रण तैयार करें। इस मिश्रण को नाइट क्रीम की तरह रोजाना रात को सोने से पहले चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरे पर निखार आएगा और कालापन भी दूर होगा।

  • Chandigarh Municipal Polls Update: AAP-Congress ने अलग होकर जारी की उम्मीदवारों की सूची

    Chandigarh Municipal Polls Update: AAP-Congress ने अलग होकर जारी की उम्मीदवारों की सूची

    नई दिल्ली।  चंडीगढ़ में मेयर पद के लिए होने वाले नगर निगम चुनावों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस, अब अलग-अलग मैदान में हैं। गठबंधन टूटने के बाद दोनों ही पार्टियों ने मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। यह ऐलान नगर निगम चुनाव की तैयारियों को और रोचक बना रहा है और राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू कर दी है।

    कांग्रेस के उम्मीदवार

    कांग्रेस ने इस चुनाव में मेयर पद के लिए गुरप्रीत गाबी को मैदान में उतारा है। पार्टी ने सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए सचिन गालव और डिप्टी मेयर पद के लिए निर्मला देवी को उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस का मानना है कि उनके उम्मीदवारों के अनुभव और नगर निगम में सक्रिय भूमिका के कारण वे जनता का भरोसा जीत सकते हैं।

    AAP के उम्मीदवार

    वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। AAP की ओर से मेयर पद के लिए योगेश ढींगरा (वार्ड नं. 25) को उतारा गया है। सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए पार्टी ने मुन्नवर खान (वार्ड नं. 29) और डिप्टी मेयर पद के लिए जसविंदर कौर (वार्ड नं. 1) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। AAP का मानना है कि उनके युवा और सक्रिय उम्मीदवार जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

    गठबंधन क्यों नहीं बना?

    इस बार AAP और कांग्रेस ने गठबंधन न बनाने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य कारण यह है कि अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अगर नगर निगम चुनाव में दोनों दल गठबंधन करते, तो पंजाब विधानसभा चुनाव में रणनीतिक रूप से उनकी स्थिति कमजोर हो सकती थी। इसलिए कम पार्षद होने के बावजूद दोनों दल स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय दोनों पार्टियों के लिए अगली रणनीति तय करने में अहम साबित होगा।

    बीजेपी की स्थिति मजबूत

    नगर निगम में कुल 35 पार्षद और 1 सांसद हैं। बीजेपी के पास 18 पार्षद हैं, जबकि AAP के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद + 1 सांसद है। इन आंकड़ों के आधार पर राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि बीजेपी के लिए मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों पर जीत हासिल करना अपेक्षाकृत आसान होगा। बीजेपी की मजबूत स्थिति और पार्षद संख्या का संतुलन इसे इस चुनाव का बड़ा दावेदार बनाता है।

    चुनाव की राजनीतिक चुनौतियां

    विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव केवल मेयर पद तक सीमित नहीं रहेगा। यह पंजाब विधानसभा चुनाव के पूर्वाभ्यास के रूप में भी देखा जा रहा है। AAP और कांग्रेस दोनों ही अपने उम्मीदवारों के जरिए स्थानीय जनता का भरोसा हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी अपने मजबूत पार्षदों और संगठनात्मक नेटवर्क के बल पर सत्ता में बने रहने की रणनीति पर काम कर रही है।

    AAP और कांग्रेस ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में गठबंधन तोड़कर अलग उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि बीजेपी की मजबूत स्थिति से मेयर पद पर उनकी जीत की संभावना प्रबल है।

    कुल मिलाकर, चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव 2026 न केवल मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों के लिए, बल्कि पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक संकेत देने वाले चुनाव के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास

    मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास


    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के ये राज्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हैं, बल्कि देश की एकता और विविधता का भी सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि आने वाले वर्षों में ये राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास बना रहे।

    मेघालय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत का गौरव है। पर्वतमालाओं से घिरा, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मेघालय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणास्रोत है।मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत के गहने के रूप में प्रसिद्ध है। मणिपुर की कला, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मणिपुर की पहचान उसकी अद्वितीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और सामाजिक समरसता से जुड़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य शांति, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    त्रिपुरा के संदर्भ में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य माँ त्रिपुरसुंदरी की कृपा से अभिसिंचित है और अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए सुविख्यात है। उन्होंने त्रिपुरा की सांस्कृतिक परंपराओं ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की सरलता को सराहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, त्रिपुरा ने सीमित संसाधनों के बावजूद विकास और सामाजिक संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि बाबा महाकाल से यही मंगलकामना है कि प्रकृति की गोद में बसे ये तीनों राज्य निरंतर प्रगति करें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाला समय इन राज्यों के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संदेश को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्थापना दिवस के अवसर पर मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और जनउत्सव की तैयारियां की गई हैं। इन आयोजनों के माध्यम से राज्यों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा जा रहा है।

  • भोपाल आज: नाटक, टेक फेस्ट और क्रिकेट का संगम, बिजली कटौती का खाका भी जारी

    भोपाल आज: नाटक, टेक फेस्ट और क्रिकेट का संगम, बिजली कटौती का खाका भी जारी


    भोपाल में आज कला, संस्कृति, खेल और टेक्नोलॉजी का संगम देखने को मिलेगा। महाभारत समागम के तहत नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। MANIT में चार दिवसीय टेक्नोसर्च 2026 का आगाज होगा, वहीं बैरागढ़ क्रिकेट ग्राउंड में जैन लिगेसी क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत होगी। इस दौरान कई इलाकों में बिजली कटौती रहेगी।

    बिजली कटौती सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हमीदिया रोड, इब्राहिमगंज, सज्जाद कॉलोनी, बाल विहार, दवा बाजार, नादरा बस स्टैंड, चेतन मार्केट, मलिक मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में होगी। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रानी अमन बाई कॉलोनी, तुलसी नगर, सोनिया कॉलोनी नवीन नगर, फूटी बावड़ी, राजीव नगर बी-सी सेक्टर और इंद्रलोक, प्रकाश नगर, भेल नगर बसंतकुंज, भारत आजाद नगर, छत्तीसगढ़ कॉलोनी, वर्धमान नगर, राज सम्राट फेस-3, सुरभि मोहिनी, युगांतर, कंचन नगर, इंडस प्रज्ञा, विद्यासागर, सिद्धार्थ पैलेस, आधारशिला ईस्ट ब्लॉक आधारशिला एक्सटेंशन, सुभालय व आसपास बिजली गुल रहेगी।

    रेल यात्रियों के लिए भी खबर है कि नांदेड़ के लिए दो स्पेशल ट्रेनें चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ और हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन चलेंगी। चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ स्पेशल 23 व 24 जनवरी को चंडीगढ़ से प्रस्थान करेगी और 25 व 26 जनवरी को नांदेड़ से लौटेगी। भोपाल आगमन रात 9:50 बजे और प्रस्थान सुबह 9:55 बजे होगा। हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन ट्रेन 23 व 24 जनवरी को निजामुद्दीन से रवाना होगी और नांदेड़ से 24 व 25 जनवरी को लौटेगी।

    महाभारत समागम में आज सुबह 5 बजे पूर्वरंग में छत्तीसगढ़ के शिव शर्मा द्वारा पंडवानी गायन होगा। शाम 6 बजे अंतरंग सत्र में ‘सौगंधिक वधम्’ नाट्य प्रस्तुति होगी, जिसका निर्देशन विशाल मजुमदार करेंगे और प्रस्तुति चित्राशा कलालय, कोलकाता द्वारा दी जाएगी। शाम 7:30 बजे बहिरंग सत्र में ‘स्वर्गारोहण’ नाटक का मंचन कंकण पॉप आर्ट्स ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा किया जाएगा।

    जनजातीय संग्रहालय में दोपहर 12 बजे से शलाका चित्र प्रदर्शनी शुरू होगी। वहीं, MANIT में आज से चार दिवसीय मैफिक एक्स टेक्नोसर्च 2026 का आयोजन होगा। यह फेस्ट टेक्नोलॉजी, इनोवेशन ई-स्पोर्ट्स, ऑटो-शो, साइंस मॉडल और कल्चरल नाइट्स का बड़ा मंच बनेगा। इसमें इनो-फेस्ट फिन-स्पार्क, ऑटो-एक्सपो और ‘गिग-ए-नाइट’ जैसे इवेंट आकर्षण का केंद्र होंगे।बैरागढ़ क्रिके ग्राउंड पर आज से जैन लिगेसी कप 2.0 शुरू होगा। 10 टीमें मैदान में उतरेंगी। लीग मुकाबले 22 से 25 जनवरी तक होंगे और फाइनल 26 जनवरी शाम 4 बजे खेला जाएगा। टूर्नामेंट का उद्देश्य खेल के साथ सामाजिक सरोकार को जोड़ना है और आईपीएल की तर्ज पर ऑक्शन के बाद टीमें बनाई गई हैं।

    आज भोपाल में नाटक, टेक्नोलॉजी, क्रिकेट और बिजली कटौती की पूरी लिस्ट को ध्यान में रखते हुए लोगों को समय और कार्यक्रम के अनुसार योजना बनानी होगी। शहर भर में कला और खेल प्रेमियों के लिए यह दिन खास रहेग

  • एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण पर विरोध तेज: 150 पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ कर्मचारी और पर्यावरणविद करेंगे ‘चिपको आंदोलन’

    एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण पर विरोध तेज: 150 पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ कर्मचारी और पर्यावरणविद करेंगे ‘चिपको आंदोलन’


    भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में प्रस्तावित 6 मंजिला खाद्य भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 150 पुराने पेड़ों को काटने की तैयारी है जिनमें पीपल और बरगद जैसे बड़े वृक्ष शामिल हैं। इन पेड़ों की उम्र 40 से 50 साल बताई जा रही है। पेड़ों की कटाई के विरोध में अब कर्मचारी संगठनों के साथ पर्यावरणविद भी मैदान में उतर आए हैं। वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग 64 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनाने की योजना है। इस भवन में खाद्य संचालनालय वेयर हाउसिंग और नाप-तौल विभाग के दफ्तरों को एक ही परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। सभी सुविधाओं को जोड़कर खर्च 90 से 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

    यह निर्माण एमपी नगर स्थित नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की डेढ़ एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। पुराने भवन को तोड़कर नया निर्माण होगा, जिसके चलते परिसर में मौजूद सैकड़ों पेड़ों को हटाना तय माना जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि नागरिक आपूर्ति निगम को छोड़ दें तो बाकी सभी विभागों के पास पहले से ही सरकारी भवन हैं। ऐसे में केवल एक विभाग के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करना और इसके बदले 150 पेड़ों की बलि देना अनुचित है।

    मप्र नाप-तौल अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि गुरुवार को भोजन अवकाश के समय कर्मचारी और पर्यावरण से जुड़े लोग पेड़ों से चिपककर चिपको आंदोलन करेंगे। विरोध के प्रतीक स्वरूप कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि नए भवन के निर्माण में करीब तीन साल लगेंगे, इस दौरान मुख्यालय को किराए के भवन में शिफ्ट करना पड़ेगा जिससे लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।

    कर्मचारियों के अनुसार सात साल पहले जगह की कमी का हवाला देकर नाप-तौल मुख्यालय से कुछ कार्यालय 50 लाख रुपये खर्च कर जेके रोड स्थित किराए के भवन में भेजे गए थे, जहां आज भी स्टाफ और सामग्री के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। वहीं, मुख्यालय परिसर में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन सुविधा विकसित करने के लिए पहले ही 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति मांगी जा चुकी है।

    पर्यावरणविदों का कहना है कि शहर में हरियाली लगातार घट रही है, ऐसे में पुराने और बड़े पेड़ों को बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर पेड़ कट गए तो न केवल शहर का हरित आवरण घटेगा बल्कि आसपास के तापमान और वायु गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। कर्मचारियों और पर्यावरणविदों के इस आंदोलन से प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है।विरोध तेज होने के साथ ही यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। कर्मचारी संगठनों और पर्यावरणविदों का कहना है कि केवल प्रशासनिक फैसले से निपटने के बजाय सार्वजनिक हित और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू

    ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू


    ग्वालियर के व्यस्त बारादरी चौराहे पर बुधवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया जब तेज रफ्तार में जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर पर चढ़ा और फिर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक स्टेयरिंग में फंस गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मुरार थाना पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से गैस कटर से ट्रक का केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला। गंभीर चोटों के साथ उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना मुरार थाना क्षेत्र के बारादरी चौराहे पर बुधवार रात करीब बारह बजे हुई। ट्रक का पंजीयन क्रमांक MP07-HR-3553 बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक तेज गति में सात नंबर क्षेत्र से सिरोल की ओर जा रहा था। चौराहे के पास ट्रक अचानक असंतुलित हुआ और डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद ट्रक बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर के कारण खंभा झुक गया और आसपास के लोग सहम गए। राहत की बात यह रही कि बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, जिससे करंट फैलने का खतरा टल गया।

    हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। पैर और सीने में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गैस कटर की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि चालक माल की डिलीवरी के लिए सिरोल जा रहा था।

    पुलिस पूछताछ में चालक ने दावा किया कि सामने से तेज हेडलाइट की वजह से उसकी आंखों पर रोशनी पड़ी और वह सड़क का सही अंदाजा नहीं लगा सका। इसी कारण ट्रक नियंत्रण खो बैठा। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रोशनी और वाहन नियंत्रण खोना बताया गया है, लेकिन ट्रक की तकनीकी स्थिति और गति को लेकर भी जांच जारी है। ट्रक को सड़क से हटाकर थाने में खड़ा कर दिया गया है।यह घटना रात में तेज रोशनी, भारी वाहनों की गति और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर गई है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में हाई बीम लाइट का अनावश्यक उपयोग न करें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।